Twisha Sharma Case: विदेश भागने की फिराक में आरोपी समर्थ - लुकआउट नोटिस जारी, पासपोर्ट रद्द करने की प्रक्रिया शुरू
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स में रहने वाली नोएडा की निवासी ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा कड़ा कदम उठाया है। मुख्य आरोपी और मृतका के पति समर्थ सिंह की कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद से ही उसके विदेश भागने की आशंका बनी हुई थी।
इसी संभावित खतरे को भांपते हुए भोपाल पुलिस ने आरोपी समर्थ सिंह के खिलाफ 'लुकआउट नोटिस' जारी कर दिया है। इसके साथ ही, पुलिस ने उसे देश छोड़ने से रोकने के लिए उसका पासपोर्ट रद्द कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
#WATCH | Bhopal, MP | Twisha Sharma death case | Mother-in-law of the victim and retired judge Giribala Singh says, "Within 5 months, I realised that she held quite liberal views... on the 17th, the moment she received confirmation of her pregnancy, her entire demeanour changed;… pic.twitter.com/LYZ5SW2R3S
— ANI (@ANI) May 19, 2026
Watch | Major Harshit Sharma, brother of Twisha Sharma, said, “We are here to question the process. We made the first call to the police, not them. They claimed they were in a hurry to save her, but the resurfaced video shows Garbala Singh moving calmly, going up and down the… https://t.co/gx2O2hzZ63 pic.twitter.com/82WD0KYBKh
— United News of India (@uniindianews) May 19, 2026
आरोपी पति पर 10 हजार का इनाम, गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 6 टीमें तैनात
संदिग्ध मौत के इस हाई-प्रोफाइल मामले की तफ्तीश कर रही भोपाल पुलिस की टीम ने आरोपी समर्थ सिंह की गिरफ्तारी को अपनी प्राथमिकता पर रखा है। पुलिस ने एक दिन पहले ही फरार आरोपी पति पर 10 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया है।
आरोपी के संभावित ठिकानों और छिपने की जगहों का पता लगाने के लिए पुलिस की कुल छह विशेष टीमें लगातार अलग-अलग राज्यों और ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस कमिश्नरेट का कहना है कि आरोपी को कानून के दायरे में लाने के लिए तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय इनपुट्स की मदद से हर संभावित पहलू की गहराई से पड़ताल की जा रही है।
सास गिरिबाला सिंह का सनसनीखेज आरोप- 'ट्विशा को ग्लैमर वर्ल्ड में धकेला'
इस बीच, मामले में नामजद आरोपी और ट्विशा की सास व रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने मीडिया के सामने आकर मृतका के माता-पिता पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। गिरिबाला सिंह ने दावा किया कि ट्विशा शर्मा के माता-पिता ने कम उम्र में ही अपनी बेटी को जबरन ग्लैमर की दुनिया में धकेल दिया था।
सास का आरोप है कि मायके वालों ने ट्विशा की पहचान और उसकी खूबसूरती का इस्तेमाल विशुद्ध रूप से अपने आर्थिक लाभ और फायदे के लिए किया था। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों परिवारों के बैकग्राउंड में जमीन-आसमान का अंतर था, जिसके बावजूद यह शादी कराई गई थी।
'सहानुभूति और फायदा लेने की कोशिश कर रहे मायके वाले'
रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने मृतका के पिता नवनिधि शर्मा के व्यवहार और मुख्यमंत्री आवास के बाहर चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर भी तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि ट्विशा की मौत के बाद उसके परिजन इस दुखद मामले को लेकर केवल जनता की सहानुभूति हासिल करने और अपना फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
आपको बता दें कि दिसंबर 2025 में समर्थ और ट्विशा की शादी हुई थी, जिसके बाद 12 मई को छत पर ट्विशा का शव फंदे से लटका मिला था, जिसपर मायके पक्ष ने हत्या और दहेज प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं।
West Bengal Bypoll: मतदान से 48 घंटे पहले बड़ा सियासी उलटफेर, TMC प्रत्याशी जहांगीर खान ने वापस लिया नाम
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच दक्षिण 24 परगना जिले की फलता सीट पर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा सियासी उलटफेर सामने आया है। आगामी 21 मई को फलता विधानसभा क्षेत्र में होने जा रहे पुनर्मतदान से महज 48 घंटे पहले तृणमूल कांग्रेसके आधिकारिक उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनावी मैदान से अपने कदम पीछे खींच लिए हैं।
मंगलवार को उन्होंने अचानक अपना नाम वापस लेते हुए सबको हैरान कर दिया। जहांगीर खान ने इसके पीछे निजी कारणों का हवाला दिया है, लेकिन मतदान से ऐन पहले सत्ताधारी पार्टी के उम्मीदवार का इस तरह मैदान छोड़ना मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।
फलता के सभी 285 पोलिंग बूथों पर चुनाव आयोग ने दिया था दोबारा वोटिंग का आदेश
आपको बता दें कि फलता विधानसभा सीट पर इससे पहले दूसरे चरण के तहत 29 अप्रैल को मतदान संपन्न हुआ था। लेकिन वोटिंग के दौरान बड़े पैमाने पर चुनावी धांधली, हिंसा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने की गंभीर शिकायतें सामने आई थीं।
विपक्ष के भारी विरोध और जमीनी रिपोर्ट के आधार पर भारत निर्वाचन आयोग ने सख्त एक्शन लेते हुए फलता क्षेत्र के सभी 285 पोलिंग बूथों पर हुए चुनाव को पूरी तरह से रद्द घोषित कर दिया था। आयोग ने निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए यहाँ 21 मई को दोबारा से मतदान कराने का आधिकारिक आदेश जारी किया था, जिसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे थे।
कलकत्ता हाई कोर्ट से राहत मिलने के अगले ही दिन लिया हैरान करने वाला फैसला
चुनावी प्रक्रिया के बीच जहांगीर खान के खिलाफ स्थानीय थानों में एक के बाद एक कई एफआईआर दर्ज की जा रही थीं। इन आपराधिक मामलों से खुद को बचाने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए जहांगीर ने कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
सोमवार 18 मई को ही अदालत ने उन्हें बड़ी राहत देते हुए पुलिस को निर्देश दिया था कि आगामी 24 मई तक उनके खिलाफ कोई भी दंडात्मक या दमनकारी कार्रवाई न की जाए। कोर्ट से इतनी बड़ी राहत मिलने के ठीक अगले ही दिन यानी मंगलवार को जहांगीर खान ने अचानक अपनी उम्मीदवारी वापस लेकर राजनीतिक विश्लेषकों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।
'अजय पाल शर्मा सिंघम हैं तो मैं पुष्पा हूं'- सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था बयान
हाल ही में हुए मतदान के दौरान जहांगीर खान अपने एक विवादित और फिल्मी बयान को लेकर पूरे देश की मीडिया में सुर्खियों में छाए हुए थे। दरअसल, चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश कैडर के चर्चित और तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को फलता विधानसभा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए विशेष पुलिस ऑब्जर्वर के रूप में तैनात किया था।
उनकी तैनाती से बौखलाए जहांगीर खान ने एक जनसभा में खुले मंच से उन्हें चुनौती दे डाली थी। जहांगीर ने कहा था, "यह बंगाल है, अगर वह सिंघम हैं, तो मैं ‘पुष्पा’ हूं और पुष्पा कभी झुकेगा नहीं।"
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