भारत का यूपीआई नेटवर्क साइप्रस तक पहुंचा, अगले साल से शुरू होंगी सेवाएं
नई दिल्ली, 22 मई (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) अगले साल से साइप्रस में चालू हो जाएगा। इससे यूरोप में देश के डिजिटल पेमेंट्स इकोसिस्टम का एक और बड़ा विस्तार होगा।
मीडिया ब्रीफिंग में विदेश सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा कि साइप्रस में यूपीआई का रोलआउट जून 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेडिटेरेनियन देश के आधिकारिक दौरे के दौरान हुई बातचीत के खास नतीजों में से एक था।
यह लॉन्च एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड और यूरोबैंक साइप्रस के बीच एक एमओयू पर साइन होने के बाद हुआ है, ताकि भारत के रियल-टाइम पेमेंट प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट को आसान बनाया जा सके।
प्रधानमंत्री मोदी 15-16 जून 2025 को साइप्रस गए और दो दशकों से ज्यादा समय में देश की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने।
इस दौरे के दौरान, पीएम मोदी और साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स ने व्यापार, निवेश, समुद्री सुरक्षा, रक्षा, वित्तीय कनेक्टिविटी, तकनीक, शिक्षा और सांस्कृतिक एक्सचेंज में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर डिटेल में बातचीत की।
दोनों नेताओं ने लिमासोल शहर में एक बिजनेस राउंडटेबल में भी हिस्सा लिया और भारत-साइप्रस रणनीतिक संबंधों को गहरा करने के मकसद से डेलिगेशन स्तर की बातचीत की।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देश भविष्य के द्विपक्षीय सहयोग को गाइड करने के लिए 2025-29 के लिए एक व्यापक संयुक्त कार्रवाई योजना पर काम करने पर सहमत हुए।
साइप्रस में विस्तार यूपीआई की बढ़ती वैश्विक उपस्थिति को और बढ़ाता है। फ्रांस यूपीआई अपनाने वाला पहला यूरोपीय देश बन गया, जिसकी सेवा फरवरी 2024 में एफिल टॉवर पर लॉन्च की गई थी।
संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, श्रीलंका, मॉरिशस, नेपाल, भूटान और ओमान जैसे देशों ने भी यूपीआई-बेस्ड ट्रांजैक्शन या कोलेबोरेशन को शुरू किया है।
एनआईपीएल ने पेरू, नामीबिया और त्रिनिदाद और टोबैगो के साथ भी एग्रीमेंट साइन किए हैं ताकि उन देशों में यूपीआई जैसे डिजिटल पेमेंट सिस्टम बनाने में मदद मिल सके।
सिबी जॉर्ज ने कहा कि साइप्रस विजिट का और भी ज्यादा महत्व है, क्योंकि यह साइप्रस के यूरोपीय यूनियन काउंसिल की अध्यक्षता के साथ मेल खाता है। उन्होंने यह भी बताया कि साइप्रस ने मुंबई में एक ट्रेड ऑफिस खोलने का प्लान बताया है और क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म के खिलाफ भारत की लड़ाई में अपना समर्थन दोहराया है।
--आईएएनएस
केके/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
आयुष्मान भारत की बड़ी उपलब्धि: 100 करोड़ हेल्थ रिकॉर्ड आभा खातों से हुए लिंक
नई दिल्ली, 22 मई (आईएएनएस) । आयुष्मान भारत हेल्थकेयर योजना को सभी तक पहुंचाने और डिजिटल पहुंच का विस्तार करने की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाते हुए 100 करोड़ से ज्यादा हेल्थ रिकॉर्ड आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) से लिंक किए गए हैं।
हिंदी भाषी राज्यों में से कई राज्यों ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत हेल्थ रिकॉर्ड को लिंक करने में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। इन राज्यों में बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात शामिल हैं।
यह उपलब्धि देश में एक एकीकृत, नागरिक-केंद्रित और आपस में जुड़ने वाले डिजिटल हेल्थकेयर इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एबीडीएम की एक खास बात यह है कि पिछले कुछ महीनों में इसमें रजिस्ट्रेशन में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। अनुमानों के मुताबिक, पिछले डेढ़ साल में यह संख्या दोगुनी हो गई है।
मंत्रालय के बयान में कहा गया है, एबीडीएम ने लिंक किए गए हेल्थ रिकॉर्ड की संख्या को फरवरी 2025 में 50 करोड़ से बढ़ाकर सिर्फ 15 महीनों में 100 करोड़ से ज्यादा कर दिया है। अब हर दो से तीन महीनों में लगभग 10 करोड़ हेल्थ रिकॉर्ड लिंक किए जा रहे हैं। शुरुआती चरण में 1,000 से भी कम लिंक किए गए रिकॉर्ड से लेकर आज 100 करोड़ से ज्यादा रिकॉर्ड तक एबीडीएम दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम में से एक बन गया है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा लागू की जा रही यह परियोजना सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों, राज्य स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म, सार्वजनिक डिजिटल प्रणालियों और निजी स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी भागीदारों के बीच एबीडीएम को बढ़ते हुए अपनाने को दर्शाती है।
फिलहाल 450 से ज्यादा सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी समाधान एबीडीएम इकोसिस्टम के साथ सफलतापूर्वक एकीकृत हो चुके हैं।
खास बात यह है कि आभा एक अद्वितीय डिजिटल स्वास्थ्य पहचान के रूप में काम करता है, जो नागरिकों को अस्पतालों, क्लीनिकों, प्रयोगशालाओं और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच अपने हेल्थ रिकॉर्ड को सुरक्षित रूप से लिंक करने और उन तक पहुंचने में सक्षम बनाता है।
नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के सीईओ डॉ. सुनील कुमार बर्नवाल ने इस अहम उपलब्धि पर बात करते हुए कहा, “100 करोड़ से ज्यादा हेल्थ रिकॉर्ड को आभा से जोड़ना, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के सफर में एक अहम पड़ाव है। यह सरकारी कार्यक्रमों, राज्यों, स्वास्थ्य केंद्रों और निजी टेक्नोलॉजी पार्टनर्स के बीच डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल को दिखाता है। आभा से जुड़े हेल्थ रिकॉर्ड नागरिकों को उनकी स्वास्थ्य जानकारी तक सुरक्षित और सहमति-आधारित पहुंच देकर उन्हें सशक्त बनाते हैं, और पूरे हेल्थकेयर सिस्टम में इलाज की निरंतरता को बनाए रखने में मदद करते हैं।”
--आईएएनएस
एएसएच/वीसी
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