पीएम मोदी की बचत वाली अपील पर खेसारी लाल का सुझाव, बोले – ‘उद्योगपति और कलाकार दें चंदा’
देश में बढ़ती महंगाई और आर्थिक चुनौतियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई बचत की अपील पर भोजपुरी सिनेमा के लोकप्रिय कलाकार खेसारी लाल यादव ने अपनी बेबाक राय व्यक्त की है। दरअसल राजधानी पटना में पत्रकारों से संवाद करते हुए उन्होंने बढ़ती कीमतों और आम जनता पर इसके प्रभाव को लेकर प्रधानमंत्री को एक महत्वपूर्ण सुझाव भी दिया है।
दरअसल शुक्रवार, 22 मई, 2026 को पटना आगमन पर हवाई अड्डे पर मीडियाकर्मियों के सवालों का जवाब देते हुए खेसारी लाल यादव ने प्रधानमंत्री की अपील पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। वहीं प्रधानमंत्री ने नागरिकों से पेट्रोल-डीजल बचाने, विदेश यात्राएं कम करने और सोने की खरीददारी से बचने का आग्रह किया था। इस पर टिप्पणी करते हुए खेसारी लाल ने कहा कि एक आम नागरिक के तौर पर वह यह कहना चाहेंगे कि जिन तीन-चार राज्यों में हाल ही में चुनाव हुए थे, उस समय भी महंगाई की स्थिति ऐसी ही थी। उन्होंने सवाल उठाया कि उस दौरान इन उपायों को क्यों नहीं अपनाया गया, हालांकि उन्होंने इसे राजनीति का विषय बताते हुए अधिक टिप्पणी करने से परहेज किया।
क्या बढ़ती महंगाई से केवल आम नागरिक ही परेशान हैं?
दरअसल उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री जिन लोगों को बचाने की बात कर रहे हैं, वे शायद ही बचत कर पाएंगे। खेसारी लाल यादव के अनुसार, जो व्यक्ति आज वाहनों में घूम रहा है, वह कहीं न कहीं करोड़पति है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बचत की वास्तविक आवश्यकता उन लोगों को है जिनके पास साइकिल तक की व्यवस्था नहीं है। उनके मतानुसार, इस बढ़ती महंगाई से केवल आम नागरिक ही परेशान हैं, जिनके पास जीवन यापन की मूलभूत सुविधाओं के अतिरिक्त कोई अन्य व्यवस्था नहीं है।
स्थिति को सुधारने हेतु एक महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किया
भोजपुरी कलाकार ने देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति को सुधारने हेतु एक महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को देश के सभी उद्योगपतियों और बॉलीवुड के कलाकारों से अपील करनी चाहिए कि वे देशहित में चंदा दें। खेसारी लाल यादव ने तर्क दिया कि इन सभी लोगों ने जनता के स्नेह और समर्थन से ही धन कमाया है। उन्होंने स्वयं को भी इस पहल का हिस्सा बनने की इच्छा व्यक्त की। उनका मानना है कि जितने भी कलाकार और उद्योगपति हैं, वे सभी सक्षम हैं और उन्हें देशहित में योगदान देना चाहिए ताकि गरीबों का भला हो सके। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 100-100 करोड़ या 1000-1000 करोड़ की संपत्ति वाले लोग यदि 10-10 करोड़, एक-एक करोड़ या यहां तक कि 50-50 लाख रुपये भी दान करते हैं, तो यह देश की वस्तुओं को महंगा करने से कहीं बेहतर होगा। उनका सुझाव था कि जिन लोगों ने भारत से कमाया है, उनसे चंदा लेकर उसे गरीबों तक पहुंचाया जाए।
नीट पेपर लीक के मुद्दे पर भी बोले खेसारी लाल यादव
देश में नीट पेपर लीक के मुद्दे पर भी खेसारी लाल यादव ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह कोई नई घटना नहीं है, बल्कि यह सिलसिला काफी समय से जारी है। उन्होंने इसे बच्चों से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए चिंता व्यक्त की। उनका मानना था कि यदि जेन-जी (युवा पीढ़ी) इस समस्या के समाधान के लिए आगे नहीं आती है, तो ऐसी स्थितियां भविष्य में भी दोहराई जाती रहेंगी।
बिहार में जारी एनकाउंटर पर हो रही सियासत के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर खेसारी लाल यादव ने खुद को एक कलाकार बताते हुए कहा कि वह संगीत से जुड़े सवालों का बेहतर जवाब दे सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती और इस विषय पर टिप्पणी करना उचित नहीं है।
अपनी आगामी फिल्मों के बारे में पूछे जाने पर खेसारी लाल यादव ने देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात इतने खराब हैं कि ऐसे में कोई फिल्म रिलीज करना ठीक नहीं है। उन्होंने इस स्थिति को नोटबंदी से भी बुरा बताया, जहां लोगों को अपना बजट बचाना पड़ रहा है। पेट्रोल, डीजल, गैस और अन्य सभी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के कारण फिल्म रिलीज करना अनुचित है। उन्होंने बताया कि उनकी तीन-चार फिल्में बनकर तैयार हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों के चलते उन्हें अभी रिलीज नहीं किया जाएगा।
भारत ने बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-1 का सफलतापूर्वक किया परीक्षण, रक्षा मंत्रालय ने दी जानकारी, जानें इसकी खासियत
देश की रक्षा प्रणाली को मजबूत करते हुए, भारत ने शुक्रवार को अपनी सामरिक शक्ति का एक और महत्वपूर्ण प्रदर्शन किया। ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) से कम दूरी तक मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-1 का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। यह परीक्षण भारतीय सेना के स्ट्रेटेजिक फोर्सेस कमांड (SFC) की देखरेख में संपन्न हुआ। अग्नि-1 एक शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता 700 से 1,200 किलोमीटर तक है। यह मिसाइल इतनी दूरी पर स्थित दुश्मन के ठिकानों को सटीकता से निशाना बनाने व उन्हें तबाह करने में सक्षम है।
रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस परीक्षण-लॉन्च के दौरान मिसाइल के सभी तकनीकी व ऑपरेशनल मानकों की अत्यंत बारीकी से जांच की गई। यह जांच प्रक्रिया अत्यंत कठोर व विस्तृत थी, जिसमें मिसाइल ने स्वयं को पूरी तरह से खरा साबित किया। मिसाइल के प्रदर्शन ने निर्धारित सभी अपेक्षाओं को पूर्ण किया। परीक्षण के दौरान मिसाइल के प्रत्येक चरण का गहन विश्लेषण किया गया, जिससे उसकी विश्वसनीयता व दक्षता सुनिश्चित हो सके।
तकनीकी और ऑपरेशनल मानकों पर पूरी तरह खरी उतरी मिसाइल
रक्षा सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, लॉन्चिंग के उपरांत मिसाइल ने अपनी निर्धारित राह को बेहद सटीकता से पूरा किया। मिसाइल द्वारा अपने लक्ष्य को सटीक रूप से भेदने की क्षमता का प्रदर्शन किया गया। मिसाइल की परफॉर्मेंस पर निरंतर नजर रखने हेतु जमीन व समुद्र में विशेष सेंसर तथा रडार प्रणालियां स्थापित की गई थीं। इन निगरानी प्रणालियों से प्राप्त आंकड़ों की विस्तृत जांच में यह सामने आया है कि मिसाइल ने अपने सभी तकनीकी व ऑपरेशनल मानकों को पूर्ण रूप से संतुष्ट किया है। इसका अर्थ है कि मिसाइल अपनी कार्यप्रणाली में पूरी तरह सक्षम व विश्वसनीय है।
अग्नि-1 मिसाइल की मारक क्षमता
अग्नि-1 मिसाइल की मारक क्षमता इसकी सबसे बड़ी ताकत है। यह एक शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल के रूप में विकसित की गई है, जो 700 से लेकर 1,200 किलोमीटर तक की दूरी पर स्थित दुश्मन के किसी भी लक्ष्य को सफलतापूर्वक निशाना बना सकती है। यह क्षमता भारत की रक्षा तैयारियों को एक महत्वपूर्ण मजबूती प्रदान करती है।
अग्नि-1 मिसाइल की खासियत
इस मिसाइल की एक और प्रमुख खासियत इसका सिंगल-स्टेज डिजाइन है। यह ठोस ईंधन (सॉलिड फ्यूल) पर कार्य करती है, जिससे इसकी परिचालन दक्षता बढ़ जाती है। अग्नि-1 को सड़क के रास्ते कहीं भी ले जाकर आसानी से लॉन्च किया जा सकता है। यह इसकी गतिशीलता व तैनाती में लचीलेपन को दर्शाती है, जो इसे सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है।
अग्नि-1 मिसाइल को वर्ष 2004 में ही भारतीय सेना में शामिल कर लिया गया था। तब से यह भारत की परमाणु ताकत का एक बेहद अहम व अविभाज्य हिस्सा बनी हुई है। इसकी निरंतर उपलब्धता व विश्वसनीयता देश की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
हाल ही में, मई महीने की शुरुआत में भी भारत ने अग्नि सीरीज की कुछ और उन्नत मिसाइलों का सफलतापूर्वक परीक्षण किया था। आज का यह सफल परीक्षण एक बार फिर यह सिद्ध करता है कि भारत की सामरिक व रक्षा प्रणाली हर तरह से सुदृढ़, मजबूत व निरंतर अलर्ट स्थिति में है। यह देश की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता व तैयारियों का स्पष्ट संकेत है।
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