Cockroach Remedies: घर में कॉकरोच दिखने लगे हैं? इन तरीकों को आज़माएं, एक भी नहीं दिखेगा
Cockroach Remedies: घर में कॉकरोच दिखना सिर्फ गंदगी का संकेत नहीं होता, बल्कि यह कई बीमारियों को भी न्योता दे सकता है। खासकर गर्मी और बारिश के मौसम में किचन, बाथरूम और सिंक के आसपास कॉकरोच तेजी से बढ़ने लगते हैं। ये खाने-पीने की चीजों को दूषित कर सकते हैं और बच्चों की सेहत के लिए भी खतरा बन जाते हैं।
अक्सर लोग कॉकरोच भगाने के लिए महंगे स्प्रे और केमिकल्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कई बार उनका असर कुछ ही दिनों तक रहता है। ऐसे में अगर आप भी घर में कॉकरोच के आतंक से परेशान हैं तो कुछ आसान घरेलू तरीके आपकी बड़ी मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे असरदार उपाय, जिनसे घर कॉकरोच फ्री बन सकता है।
बेकिंग सोडा और चीनी का करें इस्तेमाल
कॉकरोच भगाने के लिए बेकिंग सोडा काफी असरदार माना जाता है। इसके लिए बराबर मात्रा में बेकिंग सोडा और चीनी मिलाकर उन जगहों पर रखें जहां कॉकरोच ज्यादा आते हैं। चीनी की मिठास कॉकरोच को आकर्षित करती है और बेकिंग सोडा उनके लिए नुकसानदायक साबित होता है।
तेजपत्ता और लौंग की खुशबू से भागेंगे कॉकरोच
कॉकरोच तेज गंध से दूर भागते हैं। किचन कैबिनेट, गैस के पास और सिंक के आसपास तेजपत्ता या लौंग रख दें। इसकी खुशबू से कॉकरोच दूर रहने लगते हैं। यह तरीका पूरी तरह नेचुरल है और बच्चों वाले घरों में भी सुरक्षित माना जाता है।
नींबू और सिरका भी हैं फायदेमंद
किचन की सफाई करते समय पानी में नींबू का रस और सफेद सिरका मिलाकर पोछा लगाएं। इससे न सिर्फ बदबू दूर होगी, बल्कि कॉकरोच भी कम आने लगेंगे। खासतौर पर सिंक और ड्रेनेज एरिया को रोज साफ रखना जरूरी है।
रात में किचन गंदा न छोड़ें
कॉकरोच खाने की बची हुई चीजों और नमी वाली जगहों पर तेजी से बढ़ते हैं। रात में जूठे बर्तन सिंक में छोड़ने से बचें। किचन काउंटर और गैस स्टोव को अच्छी तरह साफ करें। डस्टबिन को ढककर रखें और रोज खाली करें।
दरारों और पाइप लाइन पर दें ध्यान
कॉकरोच अक्सर दीवार की दरारों, पाइप लाइन और अलमारी के कोनों में छिपे रहते हैं। इसलिए घर की छोटी दरारों को सील करें। अगर कहीं पानी का रिसाव हो रहा है तो उसे तुरंत ठीक करवाएं। सूखी और साफ जगहों पर कॉकरोच कम पनपते हैं।
बाजार के केमिकल्स इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानी
अगर कॉकरोच बहुत ज्यादा हो गए हैं और घरेलू उपाय असर नहीं कर रहे तो बाजार में मिलने वाले जेल या स्प्रे का इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन इन्हें बच्चों और पालतू जानवरों से दूर रखें। उपयोग के दौरान मास्क और दस्ताने पहनना बेहतर माना जाता है।
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लेखक: (कीर्ति)
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Jaggery vs Sugar: चीनी या गुड़? सेहत के लिए क्या है ज्यादा फायदेमंद? जानिए सेवन का सही तरीका
Jaggery vs Sugar: मीठा खाना लगभग हर किसी को पसंद होता है, लेकिन जब बात हेल्थ की आती है तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि चीनी खाएं या गुड़? कई लोग सफेद चीनी को नुकसानदायक मानते हैं, जबकि गुड़ को हेल्दी विकल्प के तौर पर देखते हैं। लेकिन क्या सच में गुड़ हमेशा चीनी से बेहतर होता है?
दरअसल, दोनों का स्वाद मीठा जरूर है, लेकिन शरीर पर असर अलग-अलग तरीके से पड़ता है। एक्सपर्ट मानते हैं कि सही मात्रा और सही समय पर सेवन किया जाए तो गुड़ कई मामलों में चीनी से बेहतर साबित हो सकता है। आइए जानते हैं दोनों में क्या अंतर है और किसका सेवन ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
चीनी और गुड़ में क्या है बड़ा अंतर
चीनी को रिफाइंड प्रक्रिया से तैयार किया जाता है, जिसमें उसके ज्यादातर पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं। इसमें केवल कैलोरी बचती है। दूसरी तरफ गुड़ कम प्रोसेस्ड होता है और इसमें आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम और कुछ एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद रहते हैं।
यही वजह है कि गुड़ को पारंपरिक और ज्यादा पौष्टिक मिठास माना जाता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि गुड़ का सेवन बिना सीमा के किया जाए।
गुड़ खाने के फायदे
गुड़ शरीर को तुरंत ऊर्जा देने में मदद करता है। सर्दी-जुकाम में अदरक के साथ गुड़ खाना फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा यह पाचन सुधारने और शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालने में भी मदद कर सकता है।
कई लोग खाना खाने के बाद थोड़ा गुड़ खाते हैं, क्योंकि इससे डाइजेशन बेहतर होता है। महिलाओं में आयरन की कमी दूर करने में भी गुड़ मददगार माना जाता है।
ज्यादा चीनी खाने के नुकसान
ज्यादा मात्रा में सफेद चीनी खाने से मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड शुगर और दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। चीनी शरीर में तेजी से ग्लूकोज बढ़ाती है, जिससे एनर्जी जल्दी आती है लेकिन उतनी ही जल्दी खत्म भी हो जाती है।
इसके अलावा अधिक चीनी खाने से दांतों की समस्या और स्किन एजिंग का खतरा भी बढ़ सकता है।
सेवन का सही तरीका क्या है
अगर आप चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो इसकी मात्रा सीमित रखें। रोजाना 10 से 15 ग्राम गुड़ पर्याप्त माना जाता है।
सुबह गुनगुने पानी के साथ थोड़ा गुड़ खाना फायदेमंद हो सकता है। चाय में ज्यादा चीनी डालने के बजाय कम मात्रा में गुड़ इस्तेमाल किया जा सकता है।
हालांकि डायबिटीज मरीजों को गुड़ भी सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए, क्योंकि इसमें भी प्राकृतिक शुगर होती है।
किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी
जिन लोगों का ब्लड शुगर लेवल हाई रहता है, उन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना ज्यादा गुड़ या चीनी का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा जरूरत से ज्यादा गुड़ खाने से वजन बढ़ने और कैलोरी अधिक होने की समस्या हो सकती है।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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