'वैभव सूर्यवंशी को कॉपी करना बेवकूफी...' RCB प्लेयर हुआ 15 साल के खिलाड़ी का जबरा फैन, जमकर की तारीफ
Vaibhav Sooryavanshi : भारत के 15 साल के तूफानी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी आईपीएल 2026 में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. इस बाएं हाथ के बल्लेबाज अब तक राजस्थान रॉयल्स के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए हैं. वहीं वैभव सूर्यवंशी इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बने हुए हैं. उन्होंने इस सीजन चौके और छक्कों की झड़ी लगा दी है. आईपीएल 2026 में उन्होंने कई ऐसे रिकॉर्ड बना डाले हैं, जिसकी एक आम क्रिकेटर कल्पना ही कर सकता है.
वैभव सूर्यवंशी को लेकर आए दिन कोई न कोई क्रिकेटर बयान देता रहा है. भारत के तमाम क्रिकेटर इस 15 साल के बालक की जमकर तारीफ करते हैं. अब इस कड़ी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के स्टार बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल भी शामिल हो गए हैं, जो भारतीय क्रिकेट टीम के लिए भी खेले चुके हैं. उन्होंने वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ा बात बोली है. उन्होंने इस 15 वर्षीय क्रिकेटर के बारे में क्या कहा है, आइए जानते हैं.
Outfit of the day: Orange Cap now worn by our very own Vaibhav Sooryavanshi ???????? pic.twitter.com/VCpRlPri3c
— Rajasthan Royals (@rajasthanroyals) May 19, 2026
पडिक्कल ने वैभव सूर्यवंशी पर बोली बड़ी बात
देवदत्त पडिक्कल ने जियो हॉटस्टार पर बात करते हुए कहा कि, 'वैभव सूर्यवंशी जो करते हैं वह सच में यूनिक है. उनकी उम्र में उस तरह की पावर और एक्सप्लोसिवनेस होना स्पेशल है. किसी के लिए भी उन्हें कॉपी करने की कोशिश करना बेवकूफी होगी. वह एक रेयर टैलेंट हैं'.
Devdutt Padikkal said, “what Vaibhav Sooryavanshi does is truly unique. At his age, to have that kind of power and explosiveness is special. It would be foolish for anyone to try to copy him. He’s a rare talent”. (JioStar). pic.twitter.com/cp21mpCze6
— Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) May 22, 2026
वैभव सूर्यवंशी का शानदार करियर
आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने 13 मैचों में 1 शतक और 3 अर्धशतकों के साथ के 579 रन बनाए हैं. वैभव सूर्यवंशी का हाईएस्ट स्कोर 103 रन रहा है. उनके बल्ले से इस टूर्नामेंट में 50 चौके और 53 छक्के निकले हैं. इसके अलावा उन्होंने अब तक आईपीएल में 20 मुकाबलों में 831 रन बनाए हैं. वो अब तक इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास में 2 शतक और 4 अर्धशतक लगा चुके हैं. उन्होंने 68 चौके और 77 छक्के भी लगाए हैं.
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मन शांत कर डिप्रेशन भगाने में कारगर नियमित योग, आयुष मंत्रालय ने बताए प्रभावी योगासन
नई दिल्ली, 22 मई (आईएएनएस)। विश्व योग दिवस को कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में भारत सरकार का आयुष मंत्रालय योगासन के माध्यम से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य सुधारने पर जोर देते हुए लगातार नए-नए योगासनों के बारे में जानकारी देने के साथ ही उनसे मिलने वाले फायदों से भी अवगत करा रहा है। मंत्रालय ने अवसाद यानी डिप्रेशन से मुक्ति में कारगर प्रभावी योगासनों के बारे में जानकारी दी।
योग एक्सपर्ट का कहना है कि योग सिर्फ शरीर को स्वस्थ नहीं रखता, बल्कि मन को शांत करने, तनाव कम करने और भावनात्मक संतुलन बनाने में भी बेहद कारगर है। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, काम का दबाव और व्यक्तिगत समस्याओं के कारण अवसाद एक आम समस्या बन गया है। ऐसे में नियमित योगाभ्यास बेहद जरूरी बन चुका है।
आयुष मंत्रालय का संदेश “योग युक्त, रोग मुक्त” है। मंत्रालय नागरिकों से अपील करता है कि वे रोजाना सुबह इन आसनों का अभ्यास करें। शुरुआत में 15-20 मिनट से शुरू करके धीरे-धीरे समय बढ़ाया जा सकता है। योग न सिर्फ डिप्रेशन से लड़ने में मदद करता है बल्कि स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, नियमित योगाभ्यास तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन को कम करता है, मन को स्थिर करता है और डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याओं से निजात दिलाने में मदद कर सकता है। डिप्रेशन दूर करने वाले योगासन और प्राणायाम ध्यान, भ्रामरी प्राणायाम के साथ ही ताड़ासन, भुजंगासन, अनुलोम-विलोम शामिल हैं।
ध्यान :- रोजाना 10-15 मिनट ध्यान करने से मन की उलझनें कम होती हैं और अंदर से शांति मिलती है।
पवनमुक्तासन:- यह आसन पेट की समस्याओं के साथ-साथ मन की अशांति को भी दूर करता है। इससे शरीर में जमी हुई नकारात्मक ऊर्जा निकलती है।
भ्रामरी प्राणायाम:- इस प्राणायाम को करने से मस्तिष्क शांत होता है। भौंरे की तरह आवाज निकालते हुए सांस लेने से तनाव और चिंता कम होती है।
ताड़ासन: - खड़े होकर किए जाने वाला यह आसन शरीर और मन दोनों को ऊर्जावान बनाता है। मुद्रा और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करता है।
भुजंगासन:- सांप की मुद्रा वाला यह आसन रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है और छाती की जकड़न को कम करने में मददगार है। इससे डिप्रेशन से जुड़ी नकारात्मक भावनाएं कम होती हैं।
अनुलोम-विलोम प्राणायाम: - नाक के एक छिद्र से सांस लेने व दूसरे से छोड़ने वाला यह प्राणायाम मस्तिष्क के दोनों हिस्सों को संतुलित करता है और मन को शांत रखता है।
--आईएएनएस
एमटी/पीएम
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