पंजाब की राज्यसभा सीट कितने में बेची थी? गद्दार कहे जाने पर भड़के हरभजन सिंह; AAP नेतृत्व को ही लपेट लिया
क्रिकेटर से नेता बने हरभजन सिंह का राजनीतिक करियर मार्च 2022 में शुरू हुआ था, जब उन्होंने आम आदमी पार्टी जॉइन की। उसी समय आम आदमी पार्टी ने उन्हें पंजाब से राज्यसभा के लिए नामित किया और वे निर्विरोध निर्वाचित हुए।
Stray dog case: आवारा कुत्तों पर कार्रवाई के बीच सोनम बाजवा ने उठाए बड़े सवाल, पंजाब CM भगवंत मान से की बड़ी अपील
Sonam Bajwa: पंजाब में बढ़ते डॉग बाइट मामलों के बीच राज्य सरकार ने आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है। इस बीच अभिनेत्री सोनम बाजवा ने पंजाब सरकार से जरूरी अपील करते हुए संवेदनशीलता और मानवीय रवैया अपनाने की बात कही है।
सोनम बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से की अपील
सोनम बाजवा ने इंस्टाग्राम के जरिए सीधे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत माान के नाम नोट लिखा है। उन्होंने लिखा- "माननीय मुख्यमंत्री भगवंत मान, सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के सामूहिक उन्मूलन का आदेश नहीं दिया। कोर्ट ने संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों से कुत्तों को नियंत्रित तरीके से हटाने, नसबंदी, वैक्सीनेशन और शेल्टर की व्यवस्था देने की बात कही थी। सड़कों से कुत्तों को पूरी तरह मिटाने की नहीं। शेल्टर होम्स कहां हैं? बुनियादी ढांचा कहां है? यह किसी भी हालत में बेज़ुबान जानवरों के लिए मौत की सजा नहीं बन सकता।"
एक्ट्रेस ने आगे लिखा- "जन सुरक्षा महत्वपूर्ण है। मानव जीवन महत्वपूर्ण है। लेकिन करुणा और जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण हैं। माननीय मुख्यमंत्री से हार्दिक निवेदन है कि कृपया इस दृष्टिकोण पर पुनर्विचार करें और इस मामले में एक करुणापूर्ण, मानवीय समाधान चुनें।"
उचित समाधान की दी सलाह
सोनम बाजवा ने सरकार को सलाह दी कि केवल हटाने या पकड़ने की कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को एनजीओ, पशु चिकित्सकों, नगर निगमों और पब्लिक सेफ्टी एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर काम करना चाहिए।
पंजाब सरकार ने आवारा कुत्तों को लेकर शुरू किया अभियान
पंजाब सरकार ने 22 मई से पूरे राज्य में आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। पिछले कुछ महीनों में डॉग बाइट के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जिसके बाद नगर निगमों और प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया।
इस मुद्दे ने तब ज्यादा गंभीर रूप लिया जब मार्च 2026 में पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग और नगर निकायों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी। आयोग ने लगातार बढ़ रहे पशु हमलों को सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया था।
इसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को पूरी तरह लागू करेगी। प्रशासन के अनुसार, 22 मई से शुरू हुआ यह अभियान खास तौर पर उन आक्रामक आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए है जो बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों के लिए खतरा बन रहे हैं।
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