कॉकरोच जनता पार्टी के इंस्टाग्राम पर 1.93 करोड़ फॉलोअर्स:BJP से दोगुने; पुराना X अकाउंट ब्लॉक, नया- Cockroach Is Back, लिखा- कॉकरोच मरते नहीं
डिजिटल संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के इंस्टाग्राम पर 24 घंटे में फॉलोअर्स दोगुने हो गए हैं। अब ये आंकड़ा 193 करोड़ (19.3 मिलियन) पहुंच गया है। जो देश की किसी भी राजनीतिक पार्टी से ज्यादा हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 90 लाख और कांग्रेस के 134 करोड़ फॉलोअर्स हैं। CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने पार्टी के इंस्टाग्राम अकाउंट हैक करने की कोशिश का आरोप भी लगाया है। वहीं, कल यानी 21 मई को CJP का X अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया था। संगठन ने कुछ देर बाद नया अकाउंट बनाया। इसका नाम ‘कॉकरोच इज बैक’ रखा गया और बायो में लिखा- कॉकरोच डोंट डाय यानी कॉकरोच मरते नहीं। नए अकाउंट से पहला पोस्ट कल दोपहर 2:29 बजे की गई थी। शुक्रवार सुबह 9.30 बजे तक इसके X पर 1.26 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए हैं। CJI सूर्यकांत ने 15 मई को देश के बेरोजगार युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहा था। इंस्टाग्राम अकाउंट हैकिंग का आरोप, नया X अकाउंट; 2 फोटो X अकाउंट ब्लॉक होने पर अभिजीत ने कहा- जैसा सोचा, वैसा ही हुआ CJP ने खुद को राजनीति पार्टी बताया मैनिफेस्टो में 5 बड़े वादे CJI ने कहा था- कुछ युवा कॉकरोच की तरह भटक रहे 15 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान युवाओं पर टिप्पणी की थी। LiveLaw के मुताबिक, CJI सूर्यकांत ने कहा, ‘कॉकरोच की तरह ऐसे युवा हैं, जिन्हें इस पेशे में रोजगार नहीं मिल रहा है। इनमें से कुछ मीडिया, कुछ सोशल मीडिया और कुछ RTI और दूसरे तरह के एक्टिविस्ट बन रहे हैं। ये हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं।’ इसके अगले दिन कॉकरोच जनता पार्टी नाम से डिजिटल पहल शुरू हुआ। वहीं CJI ने अपने बयान पर विवाद बढ़ने पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया। कॉकरोच जनता पार्टी नाम पर ट्रेडमार्क के लिए 3 आवेदन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम के अधिकार पाने के लिए तीन अलग-अलग ट्रेडमार्क आवेदन दाखिल किए गए हैं। ट्रेडमार्क रजिस्ट्री पोर्टल पर दाखिल आवेदनों में राजनीतिक और सामाजिक सेवाएं देने वाली श्रेणी के तहत ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन मांगा गया है। ये आवेदन अजीम आदमभाई जम, अखंड स्वरूप और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम की एक प्रोपराइटरशिप फर्म की ओर से दाखिल किए गए हैं। इन व्यक्तियों के बारे में फिलहाल ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। अभिजीत अमेरिका में पढ़ रहे, AAP में काम कर चुके 30 साल के अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल वो अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। अभिजीत 2020 से 2022 तक केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट रहे हैं। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में अभिजीत AAP के लिए वायरल मीम बेस्ड ऑनलाइन प्रचार का मटेरियल बनाते थे। एक इंटरव्यू में अभिजीत ने बताया कि उन्होंने निजी जिंदगी और आर्थिक स्थिरता के लिए AAP छोड़कर बोस्टन यूनिवर्सिटी में अप्लाई किया था। एडमिशन मिल गया, तो वे अमेरिका शिफ्ट हो गए।अभिजीत किसान आंदोलन से लेकर महंगाई जैसे राजनीतिक मुद्दों पर X अकाउंट पर केंद्र सरकार और पीएम पर निशाना साधते रहे हैं। कॉकरोच ड्रेस में सफाई अभियान दिल्ली में कुछ लोग कॉकरोच की पोशाक पहनकर यमुना किनारे सफाई करते नजर आए। समर्थकों का कहना है कि यह आंदोलन फिलहाल चुनाव लड़ने से ज्यादा युवाओं के बीच राजनीतिक जागरूकता फैलाने पर केंद्रित है। क्यों युवाओं को पसंद आ रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी 1. सोशल मीडिया पर यूथ कनेक्शन 2. सही समय पर एंट्री 3. बेरोजगारी से बढ़ता गुस्सा ----------------- ये खबर भी पढ़ें CJI बोले- बेरोजगार युवा कॉकरोच जैसे:ये मीडिया, सोशल मीडिया और RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करते हैं चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान 15 मई को देश के बेरोजगार युवाओं को कॉकरोच कहा। उन्होंने कहा- कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच जैसे होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करने लगते हैं। पूरी खबर पढ़ें
इंजेक्शन से दिए जाने वाले प्रोडक्ट्स कॉस्मेटिक नहीं:इसमें एंटी एजिंग-स्किन ग्लो बढ़ाने वाले प्रोडक्ट शामिल; DCGI का आदेश- ब्यूटी क्लीनिक इनका इस्तेमाल न करें
सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने साफ कहा है कि इंजेक्शन के जरिए दिए जाने वाले ‘कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स’ कानून के तहत मान्य नहीं हैं। यानी ब्यूटी बढ़ाने के नाम पर लगाए जाने वाले इंजेक्शन को कॉस्मेटिक नहीं माना जाएगा और उनका इस्तेमाल करने की परमिशन नहीं है। यह निर्देश ऐसे समय आया है जब देशभर के ब्यूटी क्लीनिक और वेलनेस सेंटरों में बिना सर्जरी वाले ब्यूटी ट्रीटमेंट तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इनका जमकर प्रचार किया जा रहा है। ऑर्गनाइजेश हेड DCGI ने कहा कि कानून के मुताबिक कॉस्मेटिक प्रोडक्ट सिर्फ शरीर पर लगाने, छिड़कने या साफ-सफाई और सुंदरता बढ़ाने के लिए होते हैं। उन्हें इंजेक्शन के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। रेगुलेटर ने यह भी चेतावनी दी है कि गुमराह करने वाले विज्ञापन, गलत दावों और प्रतिबंधित एलिमेंट वाले कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से कहा गया है कि अगर कहीं ऐसे अवैध या भ्रामक ट्रीटमेंट हो रहे हों, तो उसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों को करें। ड्रग कंट्रोलर ने कहा- कॉस्मेटिक्स का काम सुंदरता बढ़ाना इलाज नहीं सोमवार को जारी नोटिस में CDSCO ने साफ किया कि इंजेक्शन के रूप में सप्लाई किए जाने वाले कॉस्मेटिक्स, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 के तहत कॉस्मेटिक्स की कानूनी परिभाषा में नहीं आते हैं। इसलिए किसी भी कॉस्मेटिक को कस्टमर, प्रोफेशनल और एस्थेटिक क्लीनिक को इन्हें इंजेक्शन के रूप में इस्तेमाल करने की परमिशन नहीं है। कॉस्मेटिक्स सिर्फ इंसान के शरीर पर रगड़ने, डालने, छिड़कने और स्प्रे करने में इस्तेमाल किए जाते हैं। कॉस्मेटिक्स को ऐसी चीजों के तौर पर परिभाषित किया गया है जिनका मकसद इंसान के शरीर को साफ करना, सुंदर बनाना या रूप बदलना होता है, और इन्हें कॉस्मेटिक्स रूल्स 2020 के तहत रेगुलेट किया जाता है। नोटिस में आगे कहा गया है कि प्रोफेशनल्स या आम लोग कॉस्मेटिक्स का इस्तेमाल इलाज के मकसद से नहीं कर सकते।
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