'अगर हमला हुआ तो काट देंगे समुद्र के नीचे मौजूद इंटरनेट केबल', ईरान की धमकी से दुनिया में मची हलचल
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच ईरान की ओर से समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल्स को लेकर दी गई धमकी ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. ईरानी सांसद महमूद नबावियन ने चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज क्षेत्र में ईरान की संप्रभुता के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई तो ईरान अंडरसी इंटरनेट केबल्स काट सकता है. बता दें कि इन केबल्स के जरिए खाड़ी देशों में इंटरनेट, डिजिटल नेटवर्क और बैंकिंग सेवाएं संचालित होती हैं. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा करना आसान नहीं होगा और इसका असर सीमित रह सकता है, लेकिन इस चेतावनी ने वैश्विक डिजिटल सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
ईरान की होर्मुज में अंडरसी इंटरनेट केबल काटने की चेतावनी
ईरान ने अभी तक समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल्स को नुकसान नहीं पहुंचाया है, लेकिन उसने ऐसी कार्रवाई की चेतावनी जरूर दी है. यह चेतावनी खास तौर पर फारस की खाड़ी और होर्मुज से गुजरने वाली फाइबर-ऑप्टिक केबल्स को लेकर दी गई. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने अमेरिका और पश्चिमी देशों के बढ़ते दबाव और पाबंदियों के जवाब में एक बयान जारी किया था. स्पष्ट कहा था कि अगर उस पर दबाव बढ़ाया गया या नौसैनिक नाकेबंदी जैसी स्थिति बनी, तो वह रणनीतिक जवाब दे सकता है. होर्मुज से गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण सबमरीन केबल्स जैसे फैल्कन और एएई-1 खाड़ी देशों की इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं के लिए बेहद अहम हैं. कतर, बहरीन और कुवैत जैसे देश इन पर काफी हद तक निर्भर हैं.
ईरानी मंत्री नबावियन का बयान
गुरुवार (21 मई) को नबावियन ने एक्स पर चेतावनी जारी की. उन्होंने कहा, "ईरान समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबलों को काट सकता है, जिससे वैश्विक इंटरनेट सेवाएं, डिजिटल अर्थव्यवस्था और बैंकिंग प्रणाली कई वर्षों तक प्रभावित हो सकती है." नबावियन के अनुसार, अमेरिका-इजरायल होर्मुज में अगर ईरान की संप्रभुता के खिलाफ कोई भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई करेंगे तो उससे वैश्विक संकट आना तय है. उन्होंने कहा, “ईरान की संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा.”
ग्लोबल बैंकिंग और नेटवर्क पर मंडराया खतरा
बता दें कि अगर इन केबल्स को नुकसान पहुंचता है, तो मध्य-पूर्व के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं, डिजिटल नेटवर्क और बैंकिंग सिस्टम प्रभावित हो सकते हैं. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इसका वैश्विक असर सीमित रहेगा और दुनिया भर के इंटरनेट ट्रैफिक पर प्रभाव बहुत कम पड़ेगा. हालांकि पहले ही कई तकनीकी जानकार कह चुके हैं कि समुद्र की गहराई में मौजूद इन केबल्स को काटना आसान नहीं है. ऐसा कदम ईरान के लिए भी आर्थिक और रणनीतिक नुकसान का कारण बन सकता है.
(स्त्रोत:- आईएएनएस)
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