यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 9 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के हुए तबादले
उत्तर प्रदेश में पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है. राज्य सरकार ने 9 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं. इस फेरबदल में कई अधिकारियों को नई और अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी जय नारायण सिंह को पुलिस महानिदेशक, ईओडब्ल्यू नियुक्त किया गया है. वहीं, इसी बैच के आईपीएस अधिकारी ध्रुव कान्त ठाकुर को पुलिस महानिदेशक होमगार्ड बनाया गया है. उन्हें पुलिस महानिदेशक नागरिक सुरक्षा का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है.
बिनोद कुमार सिंह को मिली सीआईडी की जिम्मेदारी
1994 बैच के आईपीएस अधिकारी बिनोद कुमार सिंह को पुलिस महानिदेशक, सीआईडी बनाया गया है. इसके अलावा उन्हें पुलिस महानिदेशक साइबर क्राइम और यूपी-112 का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है.
The Uttar Pradesh government has transferred 9 IPS officers pic.twitter.com/3a38EBlsmy
— IANS (@ians_india) May 21, 2026
कई अन्य अधिकारियों को भी नई तैनाती
1995 बैच के आईपीएस आलोक सिंह को पुलिस महानिदेशक पीएसी मुख्यालय बनाया गया है. साथ ही उन्हें विशेष सुरक्षा बल का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है. अनुपम कुलश्रेष्ठ को अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन की जिम्मेदारी मिली है.
"यूपी में नौ आईपीएस अफसरों के तबादले.. एडीजी से डीजी बने 4 आईपीएस को मिली नई तैनाती.."
— Vivek K. Tripathi (@meevkt) May 21, 2026
आईपीएस आलोक सिंह को पीएसी का डीजी बनाया गया.. कानपुर जोन में एडीजी के पद पर तैनात थे आलोक सिंह..
आईपीएस बिनोद कुमार सिंह को सीआईडी और साइबर क्राइम का डीजी बनाया गया.. बिनोद सिंह इन्हीं विभाग… pic.twitter.com/37DX6GlpuU
ए. सतीश गणेश को अपर पुलिस महानिदेशक यातायात एवं सड़क सुरक्षा बनाया गया है. उन्हें अपराध शाखा का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है. डॉ. आर.के. स्वर्णकार को अपर पुलिस महानिदेशक, यूपी पावर कॉरपोरेशन बनाया गया है. एस.के. भगत को अपर पुलिस महानिदेशक, आगरा जोन और गीता सिंह को पुलिस महानिरीक्षक प्रशिक्षण निदेशालय बनाया गया है.
भीषण गर्मी में बच्चों को हीट स्ट्रोक का सबसे ज्यादा खतरा, घबराएं नहीं, इन बातों का रखें ध्यान
नई दिल्ली, 21 मई (आईएएनएस)। देशभर में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक चला गया है। यही नहीं 25 मई से 2 जून तक नौतपा भी शुरू हो जाएगा, यानी पृथ्वी और भी तपेगी। इस बीच भारत सरकार एडवाइजरी जारी कर लगातार लोगों से लगातार सतर्क रहने और लापरवाही न बरतने की सलाह दे रहा है। इस बीच एक्सपर्ट्स ने बताया कि भीषण गर्मी में बच्चों को हीट स्ट्रोक का सबसे ज्यादा खतरा रहता है।
नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) ने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि नवजात शिशु, छोटे बच्चे हीट स्ट्रोक के प्रति सबसे ज्यादा संवेदनशील होते हैं। तेज गर्मी में उनको लेकर की गई लापरवाही भारी पड़ सकती है। गर्मी के मौसम में छोटे बच्चों का शरीर जल्दी गर्म हो जाता है और वे पसीना भी कम निकाल पाते हैं, जिससे उनके शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सही देखभाल और सावधानी से गर्मी के इस मौसम में भी बच्चों को सुरक्षित रखा जा सकता है। लापरवाही बच्चे की सेहत को खतरे में डाल सकती है। ऐसे में गर्मी से संबंधित किसी भी समस्या पर तुरंत चिकित्सकीय मदद लें।
एनएचएम बच्चों को हीट स्ट्रोक से बचाने के उपाय भी सुझाता है। ऐसे में बच्चों को ठंडी और हवादार जगह पर रखें। उन्हें सीधे धूप या बंद गर्म कमरे में न छोड़ें। उनके शरीर का तापमान नियमित रूप से चेक करते रहें और पर्याप्त मात्रा में पानी के साथ अन्य तरल पदार्थ पिलाएं। साथ ही, मां का दूध भी समय-समय पर देते रहें।
बच्चों को हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनाएं। ज्यादा कपड़े न पहनाएं। बच्चे को ठंडे पानी से नहलाएं या गीले कपड़े से शरीर पोछें। यदि बच्चा रोए, चिड़चिड़ा हो, ज्यादा सोए, उल्टी करे, तेज बुखार हो या सांस लेने में तकलीफ हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, शिशुओं में हीट स्ट्रोक के लक्षण जल्दी पहचानना मुश्किल होता है, इसलिए माता-पिता को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। गर्मी में बच्चों को बाहर दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकालने से बचें।
--आईएएनएस
एमटी/पीएम
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