JEE Advanced IIT Bombay Cutoff: यदि आपका सपना भी आईआईटी बॉम्बे से इंजीनियरिंग करने का है, तो आपके लिए विभिन्न बी.टेक कोर्सेज की ओपनिंग और क्लोजिंग रैंक (Cutoff Rank) को समझना बेहद जरूरी है।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली अपनी फिटनेस को लेकर हमेशा चर्चा में रहते। अब उनकी फिटनेस को लेकर भारतीय हॉकी टीम के दिग्गज खिलाड़ी मनप्रीत सिंह ने दिलचस्प चुनौती दे दी। दो बार के ओलंपिक पदक विजेता मनप्रीत ने कहा है कि वह विराट कोहली और उनकी आईपीएल टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को भारतीय हॉकी टीम के साथ एक संयुक्त ट्रेनिंग सेशन के लिए बुलाना चाहते हैं, जहां दोनों टीमों के बीच यो-यो टेस्ट मुकाबला हो सके।
रेवस्पोर्ट्स से बातचीत में मनप्रीत सिंह से विराट कोहली के साथ फिटनेस और यो-यो टेस्ट को लेकर सवाल किया गया। इस पर मनप्रीत ने मुस्कुराते हुए कहा कि वह सिर्फ विराट ही नहीं, बल्कि पूरी आरसीबी टीम को हॉकी खिलाड़ियों के साथ ट्रेनिंग के लिए बुलाना चाहते।
मनप्रीत ने कहा, 'बिल्कुल, हम विराट और पूरी आरसीबी टीम को हमारे साथ ट्रेनिंग सेशन के लिए बुलाना चाहते हैं। हम एक-दूसरे के साथ मुकाबला करेंगे।' हालांकि मनप्रीत ने यह भी साफ किया कि हॉकी और क्रिकेट दोनों खेलों की जरूरतें अलग-अलग हैं और किसी एक खेल की फिटनेस को दूसरे से सीधे तुलना करना सही नहीं होगा। बातचीत के दौरान इंटरव्यूअर ने कहा कि फिटनेस के मामले में हॉकी खिलाड़ी शायद क्रिकेट प्लेयर्स पर भारी पड़ सकते हैं। इस पर मनप्रीत ने संतुलित जवाब दिया।
उन्होंने कहा, 'अगर देखें तो उनका खेल भी काफी मुश्किल है। गेंद बहुत तेजी से आती है। अगर हमें बल्लेबाजी करने को कहें तो वह भी आसान नहीं होगा। 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आने वाली गेंद को खेलना काफी कठिन होता है।'
मनप्रीत ने आगे कहा कि क्रिकेट और हॉकी दोनों खेलों की मांग अलग होती है। उन्होंने कहा, 'उनके खेल में आई कॉन्टैक्ट, बल्लेबाजी, पोजिशन और कई दूसरी चीजें जरूरी होती हैं, जबकि हमारे खेल की जरूरतें अलग हैं।'
दरअसल, मनप्रीत का यह बयान विराट कोहली के हालिया इंटरव्यू के बाद आया है। विराट ने हाल में कहा था कि क्रिकेटरों की फिटनेस हॉकी खिलाड़ियों जितनी नहीं होती और क्रिकेटर्स हॉकी खिलाड़ियों की फिटनेस का 15 फीसदी भी नहीं रखते।
पिछले कई सालों में विराट कोहली भारतीय खेल जगत के सबसे बड़े फिटनेस आइकन बनकर उभरे हैं। उनकी फिटनेस ट्रांसफॉर्मेशन और अनुशासन ने भारतीय क्रिकेट में फिटनेस कल्चर को पूरी तरह बदल दिया। आज युवा खिलाड़ी उन्हें फिटनेस के मामले में रोल मॉडल मानते हैं।