Ranbir Kapoor: ‘रामायण’ के VFX ट्रोलिंग पर भड़के रणबीर; बोले- ‘लोगों को लगता है AI से बना दिया, सालों की मेहनत नहीं दिखती’
Ranbir Kapoor Ramayana VFX Trolling Reaction: रणबीर कपूर की अपकमिंग फिल्म ‘रामायण’ रिलीज से पहले ही काफी चर्चा में है। फिल्म के ट्रेलर में दिखाए गए VFX और CGI (कंप्यूटर से बनाए गए विजुअल्स) को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने विजुअल्स की तारीफ की, तो कुछ ने उन्हें लेकर सवाल भी उठाए। अब फिल्म में भगवान राम का किरदार निभा रहे रणबीर कपूर ने VFX की आलोचना करने वालों को जवाब दिया है।
CGI पर कमेंट करना आसान, बनाना नहीं
रणबीर कपूर ने एक इंटरव्यू में कहा कि पिछले कुछ सालों में लोगों के बीच CGI को लेकर काफी जागरूकता बढ़ी है। खासकर AI के आने के बाद लोग विजुअल को लेकर अपनी राय देने लगे हैं। एक्टर ने कहा कि कई लोग यह मान लेते हैं कि CGI या VFX बनाना कुछ ही समय का काम है। जबकि इसके पीछे बड़ी टीम और कलाकारों की सालों की मेहनत होती है।
रणबीर ने बताया कि उन्होंने खुद नितेश तिवारी और प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा को फिल्म के VFX पर लगातार काम करते देखा है। टीम छोटी-छोटी चीजों पर भी काफी समय देती है, यहां तक कि आसमान का रंग सही दिखाने के लिए भी लंबे समय तक काम किया गया है।
लोगों को लगता है AI से बन गया
Collider Interview with #Ramayana cast dropped last night and it's not good.
— cinegeek (@cinegeek69) August 12, 2026
Ranbir started with firing shots on creators and all the negativity people are spreading on internet like calling it AI when its hard work of thousands of artists.
Namit then doubled down, they went… pic.twitter.com/IEujI3uKeG
रणबीर ने कहा कि उन्हें कभी-कभी यह देखकर मजा आता है कि कुछ लोग CGI की पूरी प्रक्रिया जाने बिना ही उस पर अपनी राय देने लगते हैं। उनके मुताबिक, लोगों को लगता है कि किसी ने AI की मदद से कुछ बनाया और तुरंत उसे फिल्म में डाल दिया। जबकि असल में VFX तैयार करने के पीछे कई कलाकारों की लंबी मेहनत होती है। एक्टर का मानना है कि दर्शकों को ऐसा CGI देना आज के समय में और भी मुश्किल हो गया है, जो उन्हें पूरी तरह असली लगे।
फोन पर देखकर VFX को जज करने पर भी सवाल
फिल्म के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने भी VFX की आलोचना को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ‘रामायण’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट के विजुअल्स को मोबाइल की छोटी स्क्रीन पर देखकर सही अंदाजा लगाना मुश्किल है। नमित के मुताबिक, फिल्म को बड़े पर्दे और IMAX 3D के अनुभव को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोग खराब इंटरनेट कनेक्शन के साथ फोन पर ट्रेलर देखकर फिल्म के तकनीकी काम पर फैसला सुना रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी फिल्म के विजुअल्स और साउंड पर राय बनाने से पहले उसे सही तरीके से देखना जरूरी है।
VFX पर अभी चल रहा है काम
डायरेक्टर नितेश तिवारी ने बताया कि ‘रामायण’ के VFX का काम अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। टीम फिल्म को फाइनल टच देने में लगी हुई है। उन्होंने बताया कि कुछ VFX सीक्वेंस को तैयार करने में ढाई से तीन साल तक का समय लगा है। नितेश के मुताबिक, अगर कोई सिर्फ कमियां ढूंढने पर ध्यान देगा तो उसे पूरी मेहनत के बजाय छोटी गलतियां ही नजर आएंगी।
दो हिस्सों में आएगी फिल्म
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही ‘रामायण’ को दो पार्ट में रिलीज किया जाएगा। पहला पार्ट इस साल दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में आएगा। फिल्म के ट्रेलर में राम और सीता की शादी, वनवास, लंका और रावण की कहानी की झलक देखने को मिली थी। अब VFX को लेकर हो रही चर्चा के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म बड़े पर्दे पर दर्शकों को कितना प्रभावित करती है।
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डिजिलॉकर के 72.43 करोड़ रजिस्टर्ड यूजर्स, उमंग प्लेटफॉर्म पर 11.66 करोड़ उपयोगकर्ता; डिजिटल सेवाओं का तेजी से बढ़ा दायरा
नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की प्रमुख डिजिटल पहल डिजिलॉकर और उमंग (यूएमएएनजी) प्लेटफॉर्म का दायरा लगातार बढ़ रहा है। संसद में बुधवार को दी गई जानकारी के अनुसार, डिजिलॉकर पर अब 72.43 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं, जबकि पिछले तीन वर्षों में इस प्लेटफॉर्म पर 72.86 करोड़ दस्तावेज एक्सेस लेनदेन (डॉक्यूमेंट एक्सेस ट्रांजैक्शन्स) दर्ज किए गए हैं।
राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि उमंग प्लेटफॉर्म पर भी उपयोगकर्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। वर्तमान में इस प्लेटफॉर्म पर 11.66 करोड़ से अधिक पंजीकृत यूजर्स हैं और पिछले तीन वर्षों के दौरान लगभग 798 करोड़ लेनदेन दर्ज किए गए हैं।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नागरिकों को तकनीक के माध्यम से सशक्त बनाने और डिजिटल सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के विजन के अनुरूप जुलाई 2015 में डिजिटल इंडिया कार्यक्रम शुरू किया गया था, जिसके तहत सरकार ने डिजिटल पहुंच बढ़ाने और नागरिकों को निर्बाध सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 31 जुलाई 2026 तक देश भर में 2,575 सरकारी सेवाएं उमंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। इनमें 880 सेवाएं केंद्र सरकार और 1,695 सेवाएं राज्य सरकारों से संबंधित हैं। वहीं डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म पर 5,437 प्रकार के दस्तावेज और सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें 661 केंद्र सरकार तथा 4,776 राज्य सरकारों से जुड़ी हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) नेटवर्क का भी तेजी से विस्तार किया है। ये केंद्र नागरिकों को सरकारी सेवाओं के अलावा बैंकिंग, वित्तीय, बीमा, पेंशन और बिल भुगतान जैसी सुविधाएं प्रदान करते हैं।
मंत्री के अनुसार, 30 जून 2026 तक देश की ग्राम पंचायत स्तर पर 4,07,122 कॉमन सर्विस सेंटर संचालित हो रहे थे। इनमें से 70,069 सीएससी महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं, जो महिला सशक्तिकरण और डिजिटल समावेशन का महत्वपूर्ण उदाहरण हैं।
उन्होंने बताया कि उमंग और डिजिलॉकर दोनों प्लेटफॉर्म मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध हैं, जिससे नागरिक कभी भी और कहीं से भी सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। इन प्लेटफॉर्म्स को आधार, ई-साइन, एपीआई सेतु और अन्य प्रमुख डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ा गया है।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इन प्लेटफॉर्म्स पर सुरक्षित प्रमाणीकरण, डिजिटल दस्तावेज सत्यापन और सहमति-आधारित साझाकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने और कागजी प्रक्रियाओं से गुजरने की आवश्यकता कम हुई है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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