Swine Flu in Delhi: सावधान...दिल्ली में फैला स्वाइन फ्लू! 2 की मौत 1500 मरीजों का रिकॉर्ड? जानें किसे ज्यादा खतरा
Swine Flu in Delhi: दिल्लीवासियों को मानसून की एंट्री से गर्मी से राहत तो मिली है लेकिन उसके साथ ही कई प्रकार की बीमारियों का भी रिस्क भी बढ़ गया है. बरसात के मौसम में स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ जाता है. H1N1 इन्फ्लूएंजा के मामले इन दिनों दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक स्वाइन फ्लू से 2 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, करीब 1500 मरीजों की पुष्टि की गई है. पिछले साल में इस अवधि में 229 से बढ़कर 1,344 हो गई थी. ऐसे में इस बार के मरीजों की संख्या लगभग 6 गुना बढ़ गई है. डॉक्टरों ने स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी होने से चिंता बढ़ गई है. उन्होंने सलाह दी है कि सर्दी-जुकाम होने पर उसे हल्के में न लें. यह गंभीर बीमारी यानी स्वाइन फ्लू का भी मामला हो सकता है.
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने मानसून के दौरान स्वाइन फ्लू में बढ़ोतरी हुई है और सरकार फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. सरकारी अस्पतालों में उपचार सुविधाओं की पर्याप्त सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई गई है. साथ ही प्रभावित इलाकों पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं.
अस्पतालों से बनाए गए स्पेशल वॉर्ड
हेल्थ मिनिस्टर ने बताया है कि फ्लू की नियमित जांच हो रही है. संक्रमित मरीजों का इलाज चल रहा है. कई रोगी घर भी जा चुके हैं. साथ ही दिल्ली और NCR में प्राइवेट अस्पतालों में भी तैयारियां की गई हैं. उन्होंने सलाह दी है कि बीमारी से घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि उनसे निपटने के लिए खुद को तैयार करना जरूरी है. लक्षणों के दिखने पर तुरंत जांच करवाने की सलाह दी है.
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स्वाइन फ्लू क्या है? (What is Swine Flu?)
स्वाइन फ्लू को H1N1 वायरस भी कहते हैं. यह एक संक्रामक बीमारी होती है, जो इंसान के फेफड़ों और श्वसन तंत्र से जुड़ी हुई है. कई मेडिकल हेल्थ रिपोर्ट्स में खुलासा किया गया है कि यह बीमारी पहले सूअरों में पाई जाती थी लेकिन अब इंसानों में भी इसके मिलते-जुलते वायरस मिलने लगे. इंसानों में अब यह वायरस काफी कॉमन है. इतना ही नहीं यह बीमारी एक इंसान से दूसरे इंसान में तुरंत और बहुत आसानी से फैल जाती है.
स्वाइन फ्लू के लक्षण (Swine Flu Symptoms)
बुखार होना, मांसपेशियों में दर्द, ठंड लगना और पसीना आना. इसके साथ ही खांसी होना, गले में खराश,
बंद नाक, नाक बहना और आंखों में दर्द होता है. आपके पूरे शरीर में दर्द होता है और आंखों से पानी आता है और आंखे लाल हो जाती है. थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है. गंभीर मामलों में मरीज को दस्त, सांस लेने में तकलीफ या सांस फूलना और सीने में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. डॉक्टरों का कहना है कि जब मरीज के शरीर में पानी की कमी हो जाती है, पेशाब नहीं आता, चक्कर आते हैं या दौरे पड़ते हैं तो तुरंत मेडिकल हेल्प लेनी चाहिए.
स्वाइन फ्लू कैसे फैलता है?
स्वाइन फ्लू में मरीज की नाक, गले और फेफड़ों की अंदरुनी परत वाली सेल्स संक्रमित होने लगती हैं. यह वायरस संक्रमित मरीज के खांसने, छींकने या फिर झूठा खाने से भी फैल सकता है. अगर एक संक्रमित इंसान छींकता है तो उसकी बूंदे हवा में रह जाती है. ऐसे में जब ये दूसरे लोगों को भी संक्रमित कर सकते हैं और सांसों के जरिए दूसरों के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं. इसके अलावा, किसी भी संक्रमित मरीज ने कोई टेबल, बॉटल आदि जैसी चीजों को हाथ लगाया हैं तो उसकी सतह को छूने से भी स्वाइन फ्लू हो सकता है.
किन लोगों को h1n1 का रिस्क ज्यादा है?
डॉक्टरों के अनुसार, स्वाइन फ्लू या फिर h1n1 का जोखिम छोटे बच्चों को, गर्भवती महिलाओं को, बुजुर्गों और अस्थमा, डायबिटीज, हृदय रोग या किडनी की कोई बीमारी पहले से हैं, तो उन्हें भी फ्लू का रिस्क ज्यादा रहता है. खासतौर पर 2 वर्ष से कम आयु के बच्चे. इसके अलावा, कैंसर और HIV के मरीजों को भी स्वाइन फ्लू होने का रिस्क ज्यादा हो सकता है.
स्वाइन फ्लू से बचाव के तरीके (Swine Flu Prevention Tips)
स्वाइन फ्लू से बचने के लिए आपको नियमित रूप से साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए जैसे कि-
हाथ धोना- दिन में कई बार हाथों को पानी और साबुन की मदद से साफ करें. घर से बाहर अपने साथ सेनिटाइजर रखें.
चेहरे को न छूएं- बार-बार अपनी आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचना चाहिए, खासतौर पर लंबे समय से हाथ न धोने पर.
खांसते-छींकते समय सावधानी- खांसते या छींकते समय हमेशा अपनी नाक और मुंह को रूमाल या हथेली से ढकें.
भीड़-भाड़ से बचाव- ऐसे स्थानों पर जाने से बचना चाहिए, जहां संक्रमण का खतरा मानसून में अधिक रहता हो.
बीमार लोगों से दूर रहे- अगर किसी व्यक्ति को सर्दी-जुकाम या खांसी है, तो ऐसे लोगों से थोड़ी दूरी बनानी चाहिए.
वैक्सीन- डॉक्टर की सलाह पर हर साल मौसमी फ्लू का टीका लगवा सकते हैं, जो H1N1 से भी सुरक्षा देता है. यह बच्चों और 50 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद हो सकता है.
Disclaimer: यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.
अमेरिका में मनेगा इंडियन इंडिपेंडेंस डे, भारतीयों के लिए गौरव भरा पल
अमेरिका के दो प्रमुख राज्य न्यू जर्सी और न्यूयॉर्क 15 अगस्त 2026 को ‘इंडियन इंडिपेंडेंस डे’ मनाएंगे. न्यू जर्सी की गवर्नर मिकी शेरिल और न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने इसका ऐलान किया. दोनों ने भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस को लेकर एक आधिकारिक उद्घोषणा जारी करते हुए भारत की स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक मूल्यों और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान को सम्मान दिया.
न्यू जर्सी के गवर्नर ने उद्घोषणा में कहा है कि 15 अगस्त 2026 भारत की स्वतंत्रता की 79वीं वर्षगांठ है. यह अवसर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत की करीब आठ दशकों की यात्रा तथा स्वतंत्रता, आत्मनिर्णय और प्रतिनिधि शासन के मूल्यों का उत्सव है.
भारत का शांतिपूर्ण स्वतंत्रता आंदोलन दुनिया भर की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा- न्यू जर्सी गवर्नर
गवर्नर ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान देने वाले अनगिनत लोगों के साहस, दूरदृष्टि और बलिदान को भी याद किया. उन्होंने कहा कि भारत का शांतिपूर्ण स्वतंत्रता आंदोलन दुनिया भर की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना और न्याय, समानता तथा मानवीय गरिमा के सार्वभौमिक सिद्धांतों को मजबूत किया.
न्यू जर्सी में बसे भारतीय-अमेरिकी समुदाय की विशेष रूप से सराहना करते हुए आगे कहा गया है कि राज्य में रहने वाला भारतीय-अमेरिकी समुदाय समाज के लगभग हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है. शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, अनुसंधान, इंजीनियरिंग, कारोबार, सार्वजनिक सेवा, सेना, कला और सामुदायिक नेतृत्व जैसे क्षेत्रों में भारतीय-अमेरिकियों की भूमिका को रेखांकित किया गया है.
गवर्नर शेरिल ने कहा कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय ने अपनी प्रतिभा, नवाचार, नेतृत्व और जनसेवा की भावना के जरिए न्यू जर्सी के सांस्कृतिक, आर्थिक, शैक्षणिक, वैज्ञानिक, चिकित्सा और नागरिक जीवन को समृद्ध किया है.
दोनों देशों के बीच सहयोग महत्वपूर्ण
इसमें भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होते संबंधों का भी उल्लेख किया गया. इसमें कहा गया कि दोनों देशों की दोस्ती लोकतांत्रिक संस्थाओं, कानून के शासन, नवाचार, आर्थिक अवसर और मौलिक स्वतंत्रताओं के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है. शिक्षा, व्यापार, तकनीक, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया गया.
गवर्नर ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता दिवस न्यू जर्सी के सभी लोगों के लिए भारत के इतिहास, उसकी दृढ़ता और उपलब्धियों को सम्मान देने तथा भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान को पहचानने का अवसर है.
उद्घोषणा में इस बात पर भी जोर दिया गया कि विविधता, आपसी सम्मान और नागरिक भागीदारी समुदायों और लोकतंत्र को मजबूत बनाते हैं. साथ ही भारतीय-अमेरिकी समुदाय न्यू जर्सी के भविष्य को आकार देने में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. वहीं, न्यूयॉर्क की गवर्नर ने भी भारत-अमेरिका के संबंधों, लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रशंसा की है. उन्होंने भी अमेरिका को सांस्कृतिक और आर्थिक तौर पर सुदृढ़ करने में भारतीयों के योगदान को सराहा.
--आईएएनएस
केआर/
DISCLAIMER: हेडिंग, समरी और सबहेड के अलावा, पूरी खबर IANS न्यूज फीड से ली गई है. न्यूजनेशन खबर में किए गए किसी भी डेटा और फैक्ट्स की पुष्टि नहीं करता है.
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