Q1 FY27 में FII ने इन 6 शेयरों में बढ़ाई सबसे ज्यादा हिस्सेदारी, Lenskart टॉप पर
FII Buying Stocks: जून तिमाही में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने लेंसकार्ट सॉल्यूशंस (Lenskart Solutions), बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स (Billionbrains Garage Ventures), HFCL, एंथम बायोसाइंसेज (Anthem Biosciences), पाइन लैब्स (Pine Labs) और JSW इंफ्रास्ट्रक्चर में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई. Elara Securities की रिपोर्ट के मुताबिक, यही 6 स्टॉक्स ब्रोकरेज की जून तिमाही लिस्ट में सबसे बड़े FII एडिशन रहे. इस लिस्ट में सबसे आगे लेंसकार्ट रहा, जिसमें FII हिस्सेदारी मार्च के मुकाबले करीब तीन गुना हो गई. वहीं बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स, HFCL और एंथम बायोसाइंसेज में भी विदेशी हिस्सेदारी कम से कम दोगुनी हुई. यह खरीदारी ऐसे समय हुई जब बाजार के ज्यादातर बड़े इंडेक्स में FII की हिस्सेदारी घटी है. Elara Securities का कहना है कि मार्केट कैप के लिहाज से FII ओनरशिप में गिरावट के बावजूद, सेक्टर के हिसाब से यह रुझान मिला-जुला रहा.
टॉप स्टॉक एडिशन: Elara की लिस्ट में कौन-कौन शामिल
जून तिमाही में यह 6 स्टॉक्स Elara Securities की FII एडिशन लिस्ट में सबसे ऊपर रहे, जबकि बाजार में कुल मिलाकर विदेशी हिस्सेदारी दबी रही. ब्रोकरेज के मुताबिक, ज्यादातर बड़े इंडेक्स में FII ओनरशिप घटी है और यह पिछली 12 तिमाहियों की रेंज के निचले स्तर पर है. निफ्टी 50, NSE 500 और NSE स्मॉलकैप 250, तीनों में इस तिमाही गिरावट दर्ज हुई.
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Lenskart: FII हिस्सेदारी तीन गुना बढ़ी
Lenskart Solutions में मार्च से जून 2026 के बीच FII ओनरशिप 8.5 फीसदी अंक बढ़कर 4.3% से 12.8% पहुंच गई. जून की हिस्सेदारी मार्च के मुकाबले 2.98 गुना रही, जिससे Lenskart Elara की जून तिमाही लिस्ट में सबसे बड़ा FII एडिशन बना. कंपनी में DII हिस्सेदारी भी इस दौरान बढ़ी, जो 15.5% से बढ़कर 23.6% हो गई. यानी Lenskart FII और DII, दोनों की टॉप-10 एडिशन लिस्ट में शामिल रहा.
Billionbrains Garage: FII हिस्सेदारी दोगुनी हुई
Billionbrains Garage Ventures में FII हिस्सेदारी मार्च के 2.5% से बढ़कर जून में 6.9% हो गई, यानी 4.4 फीसदी अंक की बढ़त. जून की हिस्सेदारी मार्च के मुकाबले 2.76 गुना रही, जिससे यह स्टॉक FII एडिशन लिस्ट में दूसरे नंबर पर रहा. DII हिस्सेदारी भी इस दौरान 5.9% से बढ़कर 10.1% पहुंच गई, यानी घरेलू और विदेशी, दोनों निवेशकों ने इसमें भरोसा दिखाया.
HFCL: विदेशी हिस्सेदारी दोगुनी से ज्यादा बढ़ी
6 स्टॉक्स में सबसे बड़ी फीसदी-अंक बढ़त HFCL में देखने को मिली, जहां FII हिस्सेदारी 7.1% से बढ़कर 15.7% हो गई. 8.6 फीसदी अंक की इस बढ़त के साथ जून की हिस्सेदारी मार्च के मुकाबले 2.21 गुना पहुंच गई. Elara के मुताबिक, कंज़्यूमर डिस्क्रिशनरी, एनर्जी, फाइनेंशियल्स, इंडस्ट्रियल्स, मेटल्स और टेक्सटाइल्स सेक्टर में भी हल्की तेज़ी क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर आधार पर देखी गई.
Anthem Biosciences: FII हिस्सेदारी दोगुनी
Anthem Biosciences में FII हिस्सेदारी मार्च में 1.3% से बढ़कर जून में 2.6% हो गई, यानी हिस्सेदारी सीधे दोगुनी हो गई. इस बढ़त के साथ कंपनी FII एडिशन लिस्ट में चौथे नंबर पर पहुंच गई. कंपनी में 1.3 फीसदी अंक की यह बढ़त उन छह स्टॉक्स में शामिल है जिनकी हिस्सेदारी मार्च के मुकाबले करीब दोगुनी या उससे ज़्यादा रही.
Pine Labs: FII हिस्सेदारी में लगभग दोगुनी बढ़त
Pine Labs में FII हिस्सेदारी मार्च के 4.8% से बढ़कर जून में 9.5% हो गई, यानी मार्च के मुकाबले 1.98 गुना. इस बढ़त के साथ कंपनी Elara की टॉप 10 FII एडिशन लिस्ट में पांचवें नंबर पर रही. इसमें DII हिस्सेदारी भी काफी तेज़ी से बढ़ी, जो 11.8% से बढ़कर 24.8% हो गई - यानी 13 फीसदी अंक की बढ़त, जो FII हिस्सेदारी में हुई बढ़त से भी बड़ी रही.
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JSW Infrastructure: FII हिस्सेदारी में 62.3% का उछाल
JSW Infrastructure में FII हिस्सेदारी Q1 FY27 के दौरान 6.9% से बढ़कर 11.2% हो गई. जून की हिस्सेदारी मार्च के मुकाबले 1.62 गुना रही, यानी 62.3% की बढ़त, जिसके साथ कंपनी टॉप FII एडिशन लिस्ट में छठे नंबर पर रही. यह कंपनी FII और DII, दोनों की टॉप-10 एडिशन लिस्ट में जगह बनाने में कामयाब रही. इसमें DII हिस्सेदारी भी इसी तिमाही में 2.4% से बढ़कर 9.2% हो गई.
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए दी गई है और इसे निवेश की सलाह नहीं माना जाना चाहिए. किसी भी निवेश फैसले से पहले कृपया अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें.
Swine Flu in Delhi: सावधान...दिल्ली में फैला स्वाइन फ्लू! 2 की मौत 1500 मरीजों का रिकॉर्ड? जानें किसे ज्यादा खतरा
Swine Flu in Delhi: दिल्लीवासियों को मानसून की एंट्री से गर्मी से राहत तो मिली है लेकिन उसके साथ ही कई प्रकार की बीमारियों का भी रिस्क भी बढ़ गया है. बरसात के मौसम में स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ जाता है. H1N1 इन्फ्लूएंजा के मामले इन दिनों दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक स्वाइन फ्लू से 2 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, करीब 1500 मरीजों की पुष्टि की गई है. पिछले साल में इस अवधि में 229 से बढ़कर 1,344 हो गई थी. ऐसे में इस बार के मरीजों की संख्या लगभग 6 गुना बढ़ गई है. डॉक्टरों ने स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी होने से चिंता बढ़ गई है. उन्होंने सलाह दी है कि सर्दी-जुकाम होने पर उसे हल्के में न लें. यह गंभीर बीमारी यानी स्वाइन फ्लू का भी मामला हो सकता है.
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने मानसून के दौरान स्वाइन फ्लू में बढ़ोतरी हुई है और सरकार फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. सरकारी अस्पतालों में उपचार सुविधाओं की पर्याप्त सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई गई है. साथ ही प्रभावित इलाकों पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं.
अस्पतालों से बनाए गए स्पेशल वॉर्ड
हेल्थ मिनिस्टर ने बताया है कि फ्लू की नियमित जांच हो रही है. संक्रमित मरीजों का इलाज चल रहा है. कई रोगी घर भी जा चुके हैं. साथ ही दिल्ली और NCR में प्राइवेट अस्पतालों में भी तैयारियां की गई हैं. उन्होंने सलाह दी है कि बीमारी से घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि उनसे निपटने के लिए खुद को तैयार करना जरूरी है. लक्षणों के दिखने पर तुरंत जांच करवाने की सलाह दी है.
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स्वाइन फ्लू क्या है? (What is Swine Flu?)
स्वाइन फ्लू को H1N1 वायरस भी कहते हैं. यह एक संक्रामक बीमारी होती है, जो इंसान के फेफड़ों और श्वसन तंत्र से जुड़ी हुई है. कई मेडिकल हेल्थ रिपोर्ट्स में खुलासा किया गया है कि यह बीमारी पहले सूअरों में पाई जाती थी लेकिन अब इंसानों में भी इसके मिलते-जुलते वायरस मिलने लगे. इंसानों में अब यह वायरस काफी कॉमन है. इतना ही नहीं यह बीमारी एक इंसान से दूसरे इंसान में तुरंत और बहुत आसानी से फैल जाती है.
स्वाइन फ्लू के लक्षण (Swine Flu Symptoms)
बुखार होना, मांसपेशियों में दर्द, ठंड लगना और पसीना आना. इसके साथ ही खांसी होना, गले में खराश,
बंद नाक, नाक बहना और आंखों में दर्द होता है. आपके पूरे शरीर में दर्द होता है और आंखों से पानी आता है और आंखे लाल हो जाती है. थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है. गंभीर मामलों में मरीज को दस्त, सांस लेने में तकलीफ या सांस फूलना और सीने में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. डॉक्टरों का कहना है कि जब मरीज के शरीर में पानी की कमी हो जाती है, पेशाब नहीं आता, चक्कर आते हैं या दौरे पड़ते हैं तो तुरंत मेडिकल हेल्प लेनी चाहिए.
स्वाइन फ्लू कैसे फैलता है?
स्वाइन फ्लू में मरीज की नाक, गले और फेफड़ों की अंदरुनी परत वाली सेल्स संक्रमित होने लगती हैं. यह वायरस संक्रमित मरीज के खांसने, छींकने या फिर झूठा खाने से भी फैल सकता है. अगर एक संक्रमित इंसान छींकता है तो उसकी बूंदे हवा में रह जाती है. ऐसे में जब ये दूसरे लोगों को भी संक्रमित कर सकते हैं और सांसों के जरिए दूसरों के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं. इसके अलावा, किसी भी संक्रमित मरीज ने कोई टेबल, बॉटल आदि जैसी चीजों को हाथ लगाया हैं तो उसकी सतह को छूने से भी स्वाइन फ्लू हो सकता है.
किन लोगों को h1n1 का रिस्क ज्यादा है?
डॉक्टरों के अनुसार, स्वाइन फ्लू या फिर h1n1 का जोखिम छोटे बच्चों को, गर्भवती महिलाओं को, बुजुर्गों और अस्थमा, डायबिटीज, हृदय रोग या किडनी की कोई बीमारी पहले से हैं, तो उन्हें भी फ्लू का रिस्क ज्यादा रहता है. खासतौर पर 2 वर्ष से कम आयु के बच्चे. इसके अलावा, कैंसर और HIV के मरीजों को भी स्वाइन फ्लू होने का रिस्क ज्यादा हो सकता है.
स्वाइन फ्लू से बचाव के तरीके (Swine Flu Prevention Tips)
स्वाइन फ्लू से बचने के लिए आपको नियमित रूप से साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए जैसे कि-
हाथ धोना- दिन में कई बार हाथों को पानी और साबुन की मदद से साफ करें. घर से बाहर अपने साथ सेनिटाइजर रखें.
चेहरे को न छूएं- बार-बार अपनी आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचना चाहिए, खासतौर पर लंबे समय से हाथ न धोने पर.
खांसते-छींकते समय सावधानी- खांसते या छींकते समय हमेशा अपनी नाक और मुंह को रूमाल या हथेली से ढकें.
भीड़-भाड़ से बचाव- ऐसे स्थानों पर जाने से बचना चाहिए, जहां संक्रमण का खतरा मानसून में अधिक रहता हो.
बीमार लोगों से दूर रहे- अगर किसी व्यक्ति को सर्दी-जुकाम या खांसी है, तो ऐसे लोगों से थोड़ी दूरी बनानी चाहिए.
वैक्सीन- डॉक्टर की सलाह पर हर साल मौसमी फ्लू का टीका लगवा सकते हैं, जो H1N1 से भी सुरक्षा देता है. यह बच्चों और 50 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद हो सकता है.
Disclaimer: यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.
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