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US-Iran शांति वार्ता बहाल कराने तेहरान पहुंचे पाकिस्तान के मंत्री Mohsin Naqvi
सज्जाद हुसैन इस्लामाबाद, 12 अगस्त पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने अमेरिका और ईरान के बीच रुकी हुई शांति वार्ता को फिर से शुरू कराने के प्रयासों के तहत ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और विदेश मंत्री अब्बास अराघची से तेहरान में बातचीत की। मीडिया की खबरों में यह जानकारी दी गई है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुआ एक अंतरिम समझौता पिछले महीने उस समय खत्म हो गया था, जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद अमेरिका और ईरान ने फिर से सैन्य हमले शुरू कर दिए थे।
इस्लामाबाद संघर्ष समाप्त कराने के लिए अपनी मध्यस्थता की कोशिशों को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहा है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘इरना’ के हवाले से राजनयिक सूत्रों ने बताया कि नकवी मंगलवार तड़के तेहरान पहुंचे। यहां उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों और आपसी हित के मुद्दों पर बातचीत की।
नकवी का हवाई अड्डे पर उनके ईरानी समकक्ष एस्कंदर मोमेनी ने स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने अराघची के साथ वार्ता की। ‘इरना’ ने नकवी और अराघची की मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा कीं।
राजनयिक सूत्र के अनुसार, नकवी और अराघची इस यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तृत चर्चा भी करेंगे। ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन के साथ बैठक में नकवी ने दोनों देशों के संबंधों को ‘‘मजबूत, लंबे समय से चले आ रहे और अटूट’’ बताया। उन्होंने तेहरान के साथ संबंधों को व्यापक रूप से विकसित करने के लिए इस्लामाबाद की ‘‘गंभीर प्रतिबद्धता और इच्छाशक्ति’’ भी व्यक्त की।
सूत्र ने बताया कि पेजेश्कियन ने भी कहा कि ईरान-पाकिस्तान संबंध दोनों देशों के राष्ट्रीय हितों की पूर्ति करेंगे और क्षेत्रीय स्थिरता एवं सुरक्षा में योगदान देंगे। नकवी के पेजेश्कियन से दोबारा मुलाकात करने की भी संभावना है। राजनयिक सूत्र ने समाचार पत्र ‘डॉन’ को बताया कि नकवी की यात्रा का मुख्य उद्देश्य जून में अमेरिका और ईरान के बीच हुए उस समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर आगे की बातचीत करना है, जिसके तहत शांति बहाली के लिए उच्च स्तरीय वार्ता के लिए 60 दिन की अवधि तय की गई थी।
पाकिस्तान के वार्ता बहाल करने के प्रयासों को अब तक सफलता नहीं मिली है। इस बीच ओमान ने मध्यस्थ के रूप में प्रमुख भूमिका संभाल ली है और होर्मुज जलडमरूमध्य के मुद्दे को सुलझाने की कोशिश कर रहा है। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
राजनयिक सूत्र ने कहा कि ओमान और ईरान के बीच बातचीत में हुई प्रगति से इस्लामाबाद को जून समझौते से शुरू हुई व्यापक वार्ता प्रक्रिया को फिर से आगे बढ़ाने का अवसर मिला है। पाकिस्तान ने हाल में ईरानी विदेश मंत्री अराघची और ईरानी संसद के अध्यक्ष बाघेर गालिबाफ को जल्द से जल्द इस्लामाबाद आने का निमंत्रण दिया था। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को कहा कि दोनों नेताओं की यात्रा ‘‘उपयुक्त समय’’ पर होगी।
नकवी की यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसे पाकिस्तान की ओर से मध्यस्थता प्रक्रिया को सक्रिय बनाए रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, जबकि ईरानी नेता इस्लामाबाद यात्रा को लेकर अपने स्तर पर फैसला लेने में समय ले रहे हैं।
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