फिलीपींस में बाढ़ के बाद संक्रमण रोग का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य अधिकारियों ने जारी किया अलर्ट
मनीला, 12 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तरी फिलीपींस में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने जलजनित और बारिश के मौसम में फैलने वाली बीमारियों को लेकर अलर्ट जारी किया है। इलोकोस क्षेत्र में दक्षिण-पश्चिमी मानसून के कारण लगातार बारिश और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, इलोकोस क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्र ने लोगों से बाढ़ के बीच स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग (डीओएच) की इलोकोस क्षेत्रीय निदेशक डॉ. हेलेन डी. टोबियास ने लोगों को लेप्टोस्पायरोसिस, डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए सतर्क रहने को कहा है।
उन्होंने बताया कि बाढ़ का पानी जानवरों के मूत्र से दूषित होने पर लेप्टोस्पायरोसिस संक्रमण का कारण बन सकता है। बाढ़ के पानी में उतरने वाले लोगों को शरीर के संपर्क में आए हिस्सों को साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह धोने तथा किसी तरह के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी गई है।
बारिश और बाढ़ के बीच फिलीपींस के बिजली क्षेत्र पर भी दबाव बढ़ गया है। बुधवार को देश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में बिजली ग्रिड के लिए रेड और येलो अलर्ट जारी किए गए। कई बिजली संयंत्रों के बंद रहने के कारण उपलब्ध बिजली क्षमता और मांग के बीच अंतर बढ़ गया है।
मध्य फिलीपींस के विसायस द्वीप समूह में बिजली आपूर्ति की स्थिति विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। कई कोयला आधारित बिजली संयंत्रों के बंद रहने से उपलब्ध क्षमता घट गई है। नेशनल ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ द फिलीपींस (एनजीसीपी) के अनुसार, अगस्त में विसायस क्षेत्र के छह बिजली संयंत्र जबरन बंद रहे हैं, जबकि 20 से अधिक अन्य संयंत्र 2021 से ही उपलब्ध नहीं हैं।
विसायस ग्रिड में बुधवार को रेड अलर्ट लागू किया गया। यहां उपलब्ध बिजली क्षमता करीब 2,153 मेगावाट है, जबकि अधिकतम मांग 2,394 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है।
दक्षिणी फिलीपींस के मिंडानाओ क्षेत्र में भी बिजली आपूर्ति पर दबाव है। अगस्त में नौ बिजली संयंत्र जबरन बंद हैं, जबकि 11 संयंत्र 2024 से उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा नौ अन्य संयंत्र कम क्षमता पर संचालित हो रहे हैं। क्षेत्र में करीब 2,779 मेगावाट बिजली उपलब्ध है, जबकि अधिकतम मांग लगभग 2,689 मेगावाट रहने का अनुमान है।
इस बीच, उष्णकटिबंधीय तूफानों लुइस और मायमाय तथा तेज दक्षिण-पश्चिमी मानसून से प्रभावित इलाकों में फिलीपींस नेशनल पुलिस (पीएनपी) ने राहत एवं पुनर्वास प्रयास तेज कर दिए हैं।
पीएनपी ने प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस इकाइयों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम करने के निर्देश दिए हैं, ताकि बाढ़ और तूफान से प्रभावित समुदायों में सामान्य गतिविधियां जल्द बहाल की जा सकें।
पुलिस के अनुसार, मंगलवार दोपहर तक खराब मौसम से जुड़ी घटनाओं में 26 लोगों की मौत हो चुकी थी। इनमें 25 नागरिक और एक पुलिस अधिकारी शामिल हैं।
पीएनपी प्रमुख जनरल जोस मेलेंसियो नार्तातेज जूनियर ने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी खोज एवं बचाव अभियान तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रभावित समुदायों के सामान्य स्थिति में लौटने तक पुलिस रिकवरी फेज में भी सक्रिय रूप से जुड़ी रहेगी।
--आईएएनएस
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सोने-चांदी में फिर आया उछाल! अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से पहले बाजार में बढ़ी हलचल
Gold Rate India: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनावों के बीच घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बुधवार के सत्र में कीमती धातुओं यानी सोने और चांदी की कीमतों में अच्छी तेजी देखने को मिली. निवेशकों की नजर अमेरिकी महंगाई के प्रमुख आंकड़ों पर टिकी हुई है, क्योंकि इन आंकड़ों से अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की आगामी ब्याज दर नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं. इसके अलावा सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग और केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी ने भी सोने की कीमतों को सहारा दिया है.
सोना-चांदी की देखने को मिली मजबूत खरीदरी
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अक्टूबर डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स पिछले बंद भाव 1,53,765 रुपए की तुलना में 1,182 रुपए की तेजी के साथ 1,54,947 रुपए पर खुला. कारोबार के दौरान यह 0.77 प्रतिशत यानी 1,185 रुपए की बढ़त के साथ 1,54,950 रुपए के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया, जबकि इसका निचला स्तर 1,54,323 रुपए रहा. वहीं, खबर लिखे जाने तक सोना 895 रुपए यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,54,660 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता नजर आया. हालांकि, सोना अभी भी अपने इस वर्ष के रिकॉर्ड उच्च स्तर 1,80,779 रुपए प्रति 10 ग्राम से काफी नीचे बना हुआ है। इसके बावजूद हालिया तेजी ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है. सोने के साथ-साथ चांदी में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली. एमसीएक्स पर सितंबर डिलीवरी वाला सिल्वर फ्यूचर्स 2,35,659 रुपए के पिछले बंद भाव से 2,314 रुपए की बढ़त के साथ 2,37,973 रुपए पर खुला.
घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दिया असर
कारोबार के दौरान चांदी ने 1.10 प्रतिशत यानी 2,612 रुपए की बढ़त के साथ 2,38,271 रुपए प्रति किलोग्राम का उच्चतम स्तर और 2,36,500 रुपए का निचला स्तर छुआ. खबर लिखे जाने तक चांदी 1,241 रुपए यानी 0.53 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,36,900 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई. हालांकि यह अभी भी अपने वार्षिक रिकॉर्ड स्तर 4,20,048 रुपए प्रति किलोग्राम से काफी नीचे है. वैश्विक बाजार में भी सोना और चांदी दोनों मजबूती के साथ कारोबार करते नजर आए. कॉमेक्स पर सोना 4,430 डॉलर प्रति औंस पर खुला और बाद में बढ़कर 4,473.50 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव की तुलना में 32.40 डॉलर की बढ़त दर्शाता है. वहीं, कॉमेक्स पर चांदी 64.87 डॉलर प्रति औंस पर खुली और बाद में 65.90 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई. चांदी में लगभग 0.97 डॉलर प्रति औंस की बढ़त दर्ज की गई. वैश्विक बाजारों में कीमती धातुओं की मजबूती का असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दिया.
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बुधवार को जारी होने वाले अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के आंकड़े निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण रहेंगे. यदि महंगाई में नरमी के संकेत मिलते हैं, तो फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें बदल सकती हैं. हाल ही में अपेक्षा से कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद सितंबर में फेड द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना घटकर 48 प्रतिशत रह गई है. हालांकि फेड अधिकारियों के बीच अभी भी मतभेद बने हुए हैं। शिकागो फेड के अध्यक्ष ऑस्टन गूल्सबी ने कहा है कि महंगाई अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है. सोने और चांदी की दिशा तय करने में कच्चे तेल की कीमतें भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. अमेरिका-ईरान तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य में अनिश्चितता और समुद्री जहाजों पर हमलों की घटनाओं ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
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