Explainer: CM विजय को क्यों सताया परिसीमन का डर? विधानसभा में उठाया ये बड़ा कदम
What is delimitation: देश में एक बार फिर परिसीमन यानी लोकसभा सीटों के नए बंटवारे को लेकर सियासी माहौल गरम है. तमिलनाडु से लेकर केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश तक दक्षिण के राज्य इस मुद्दे पर लामबंद नजर आ रहे हैं. इसी बीच तमिलनाडु में हाल ही में सत्ता में आई थलपति विजय की सरकार ने खुद इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर सबको चौंका दिया. अब तमिलनाडु CM विजय ने परिसीमन के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया है.
विधानसभा में तमिलनाडु के CM विजय ने कहा कि महिलाओं के लिए 33% रिजर्वेशन 2029 के लोकसभा चुनाव में ही लागू किया जाना चाहिए, जो मौजूदा 543 चुनाव क्षेत्रों पर आधारित है. उनका कहना था कि महिलाओं के लिए 33% रिज़र्वेशन में अब और देरी नहीं होनी चाहिए. तमिलनाडु में पुरुषों से ज़्यादा महिलाओं ने वोट दिया है. महिलाओं को रिजर्वेशन देना कोई छूट नहीं है. यह सामाजिक न्याय का मामला है, महिलाओं के लिए 33% रिजर्वेशन बिना किसी और देरी के लागू किया जाना चाहिए.बता दें आखिर यह विवाद है क्या और दक्षिण भारत को किस बात का डर सता रहा है, इसे आसान भाषा में समझते हैं. उससे पहले ये बताना भी जरूरी है कि परिसीमन बदलते ही लोकसभा का पूरा गणित ही बदल जाएगा.
परिसीमन का मतलब क्या होता है?
परिसीमन का सीधा मतलब है जनसंख्या के हिसाब से लोकसभा और विधानसभा सीटों की सीमाएं और उनकी संख्या फिर से तय करना. संविधान में यह व्यवस्था है कि हर जनगणना के बाद यह प्रक्रिया होनी चाहिए, ताकि हर राज्य को उसकी आबादी के अनुपात में सदन में उतनी ही सीटें मिलें. सीधी भाषा में कहें तो जिस राज्य की आबादी जितनी ज्यादा बढ़ेगी, संसद में उसकी सीटें भी उतनी ही बढ़ेंगी.
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