Indonesia के Bali के पास यात्री नौका में आग लगी, 106 लोगों को सुरक्षित निकाला
इंडोनेशिया के पर्यटन द्वीप बाली के पास बुधवार को खराब समुद्री परिस्थितियों के बीच एक यात्री नौका में आग लग गई, जिसके बाद बचाव दल आग पर काबू पाने और नौका में सवार अन्य लोगों को बचाने में जुटा है। अधिकारियों ने बताया कि बचाव दल और आसपास से गुजर रहे जहाजों ने अब तक 106 लोगों को बचा लिया है तथा नौका से अन्य 25 लोगों को भी सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है। माताराम सर्च एंड रेस्क्यू ऑफिस के प्रमुख मोहम्मद हरियादी ने कहा, ‘‘सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।’’ उन्होंने बताया कि समुद्र में चार मीटर तक उठ रही ऊंची लहरों के कारण बचाव अभियान में दिक्कत आ रही है।
कार्यालय के अनुसार, नौका ‘पुत्री यास्मीन’ बाली के पैडंग बाई बंदरगाह से पश्चिम नुसा तेंगारा प्रांत में लोम्बोक द्वीप स्थित लेम्बर बंदरगाह जा रही थी, तभी सुबह करीब चार बजकर 15 मिनट पर उसमें आग लग गई। एजेंसी को करीब आधे घंटे बाद आपात स्थिति की सूचना मिली, जिसके बाद उसने कर्मियों और बचाव नौकाओं को तुरंत मौके पर भेजा। हरियादी ने बताया कि बचाव अभियान में इंडोनेशियाई नौसेना के जहाजों, गश्ती नौकाओं, बचाव पोतों और हवाई सर्वेक्षण के लिए एक हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है।
उन्होंने बताया कि पैडंगबाई बंदरगाह प्राधिकरण की यात्री सूची के अनुसार, नौका में 114 यात्री और चालक दल के 17 सदस्य सवार थे। नौका पर 44 वाहन और 53 मोटरसाइकिल भी लदी थीं। इंडोनेशिया 17,000 से अधिक द्वीपों वाला देश है।
यहां नौकाएं यात्रा का आम साधन हैं। देश में अक्सर समुद्री हादसे होते हैं और इसके लिए सुरक्षा नियमों को ठीक से लागू नहीं किए जाने को जिम्मेदार ठहराया जाता है।
Explainer: CM विजय को क्यों सताया परिसीमन का डर? विधानसभा में उठाया ये बड़ा कदम
What is delimitation: देश में एक बार फिर परिसीमन यानी लोकसभा सीटों के नए बंटवारे को लेकर सियासी माहौल गरम है. तमिलनाडु से लेकर केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश तक दक्षिण के राज्य इस मुद्दे पर लामबंद नजर आ रहे हैं. इसी बीच तमिलनाडु में हाल ही में सत्ता में आई थलपति विजय की सरकार ने खुद इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर सबको चौंका दिया. अब तमिलनाडु CM विजय ने परिसीमन के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया है.
विधानसभा में तमिलनाडु के CM विजय ने कहा कि महिलाओं के लिए 33% रिजर्वेशन 2029 के लोकसभा चुनाव में ही लागू किया जाना चाहिए, जो मौजूदा 543 चुनाव क्षेत्रों पर आधारित है. उनका कहना था कि महिलाओं के लिए 33% रिज़र्वेशन में अब और देरी नहीं होनी चाहिए. तमिलनाडु में पुरुषों से ज़्यादा महिलाओं ने वोट दिया है. महिलाओं को रिजर्वेशन देना कोई छूट नहीं है. यह सामाजिक न्याय का मामला है, महिलाओं के लिए 33% रिजर्वेशन बिना किसी और देरी के लागू किया जाना चाहिए.बता दें आखिर यह विवाद है क्या और दक्षिण भारत को किस बात का डर सता रहा है, इसे आसान भाषा में समझते हैं. उससे पहले ये बताना भी जरूरी है कि परिसीमन बदलते ही लोकसभा का पूरा गणित ही बदल जाएगा.
परिसीमन का मतलब क्या होता है?
परिसीमन का सीधा मतलब है जनसंख्या के हिसाब से लोकसभा और विधानसभा सीटों की सीमाएं और उनकी संख्या फिर से तय करना. संविधान में यह व्यवस्था है कि हर जनगणना के बाद यह प्रक्रिया होनी चाहिए, ताकि हर राज्य को उसकी आबादी के अनुपात में सदन में उतनी ही सीटें मिलें. सीधी भाषा में कहें तो जिस राज्य की आबादी जितनी ज्यादा बढ़ेगी, संसद में उसकी सीटें भी उतनी ही बढ़ेंगी.
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