रतलाम कलेक्टर ने जनसुनवाई व्यवस्था में किया बदलाव, अब मंगलवार को हर विभाग में होगी सुनवाई, नहीं जाना होगा कलेक्ट्रेट
हर मंगलवार को रतलाम जिला मुख्यालय पर होने वाली जनसुनवाई व्यवस्था में अब बदलाव किया गया है। कलेक्टर अजय कटेसरिया ने इस व्यवस्था को बदलते हुए अब जिला मुख्यालय की जगह हर विभाग में जनसुनवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में दूर-दराज से आने वाले आवेदकों की समस्या जल्द से जल्द खत्म की जा सकेगी।
जिस विभाग का मामला है अगर व्यक्ति वही अपनी परेशानी लेकर आएगा, तो उसकी समस्या का निराकरण जल्द से जल्द किया जा सकेगा। नागरिकों को अपनी समस्या के निराकरण के लिए जिला मुख्यालय तक आने के लिए अनावश्यक रूप से परेशान नहीं होना पड़ेगा।
हर विभाग में होगी जनसुनवाई
कलेक्टर द्वारा दिए गए निर्देश के बाद अब हर मंगलवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक जिले के सभी जिला स्तरीय, अनुविभागीय, तहसील, जनपद पंचायत, विकासखंड, नगर निकाय और शासकीय कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन किया जाएगा।
जनसुनवाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव, अब हर विभाग में हर मंगलवार होगी जनसुनवाई : कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया
अब जिला मुख्यालय आने की आवश्यकता नहीं, स्थानीय स्तर पर ही सुनी जाएंगी समस्याएं और होगा त्वरित निराकरण#collector #ratlam pic.twitter.com/OxWWnvksES
— Collector Ratlam (@RatlamCollector) August 11, 2026
दूर होगी नागरिकों की परेशानी
अभी तक नागरिकों की किसी भी समस्या के निराकरण के लिए जिला मुख्यालय पर जनसुनवाई की व्यवस्था चलाई जा रही थी। लेकिन यह पाया गया कि दूरस्थ ग्रामीण इलाकों और नगरीय क्षेत्र से आने वाले नागरिकों को अपनी समस्या के समाधान के लिए लंबी दूरी तय करके आना पड़ता था। ऐसे में समय और धन दोनों की हानि होती थी। विशेषकर महिलाओं, किसानों, वृद्धजनों, दिव्यांगजनों, श्रमिकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को ज्यादा कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। यही वजह है कि नई व्यवस्था लागू की गई है।
सीधे विभाग तक पहुंचेगी शिकायत
जिला स्तर पर जो जनसुनवाई होती है। उसमें निराकरण के लिए आने वाले अधिकांश आवेदनों को संबंधित विभाग, तहसील, जनपद पंचायत, अनुविभाग, नगरीय निकाय और मैदानी कार्यालय में ही भेजा जाता है। ऐसे में पहले जिला मुख्यालय में आवेदन प्राप्त करना फिर इस आवेदन को संबंधित कार्यालय में भेजना नागरिकों और प्रशासन दोनों के ही समय और संसाधनों का सही उपयोग नहीं है। अब जब हर विभाग में जनसुनवाई होगी तो संबंधित विभाग की शिकायत उसी के पास रहेगी और निराकरण जल्द से जल्द हो सकेगा।
कलेक्टर इन मामलों की करेंगे सुनवाई
जिन मामलों में समस्या से संबंधित अधिकारी के स्तर पर समाधान संभव होगा। उनका निराकरण प्राथमिकता से किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इस तरह के आवेदन जिला मुख्यालय या उच्च कार्यालय में ना भेजे जाने को कहा गया है। केवल ऐसे प्रकरण जिनमें जिला स्तर पर निर्णय, समन्वय, नीतिगत मार्गदर्शन या कलेक्टर स्तर के हस्तक्षेप की आवश्यकता है, वहीं जिला कार्यालय में भेजे जाएंगे।
भोपाल में पिकनिक मनाने गए 7 युवक तेज बारिश में टीले पर फंसे, 4 घंटे चला रेस्क्यू, पुलिस-एसडीआरएफ ने सुरक्षित निकाला
भोपाल में मंगलवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब पुराने भोपाल से पिकनिक मनाने गए सात युवक अचानक तेज पानी के बीच फंस गए। दरअसल घटना कजलीखेड़ा थाना क्षेत्र के फाटापान-बाबाझिरी पिकनिक स्पॉट की है। भारी बारिश के बाद पहाड़ी इलाके से पानी तेजी से नीचे आया, जिससे युवकों के आसपास का रास्ता पानी से घिर गया। खतरा बढ़ने पर सभी युवक एक ऊंचे टीले पर जाकर रुक गए।
जानकारी के मुताबिक सातों युवक मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे पुराने भोपाल से पिकनिक मनाने के लिए फाटापान-बाबाझिरी पहुंचे थे। उस समय मौसम खराब था और आसपास के पहाड़ी इलाकों में बारिश हो रही थी। कुछ देर बाद पहाड़ियों से पानी नीचे आने लगा। देखते ही देखते पिकनिक स्पॉट के आसपास पानी का बहाव तेज हो गया।
डायल-112 पर कॉल कर पुलिस से मदद मांगी गई
वहीं युवकों को जब लगा कि सामान्य रास्ते से वापस लौटना मुश्किल है तो उन्होंने किसी तरह एक ऊंचे टीले पर जाकर शरण ली। तेज बहाव के कारण वहां से नीचे उतरना भी जोखिम भरा था। इसके बाद युवकों ने मोबाइल फोन से अपने परिवार वालों को जानकारी दी। परिजनों ने बिना देर किए डायल-112 पर कॉल कर पुलिस से मदद मांगी। सूचना मिलने के बाद शाम करीब 7 बजे पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को देखते हुए आसपास मौजूद ग्रामीणों को भी सावधानी बरतने के लिए कहा। पानी का बहाव काफी तेज होने के कारण किसी को सीधे टीले की तरफ जाने से रोका गया, ताकि बचाव के दौरान कोई और हादसा न हो।
पुलिस और एसडीआरएफ ने संभाला मोर्चा
दरअसल मौके की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने एसडीआरएफ टीम को भी सूचना दी। रेस्क्यू टीम ने पहले इलाके की भौगोलिक स्थिति को समझा और टीले तक पहुंचने के संभावित रास्तों की पहचान की। स्थानीय ग्रामीणों को इलाके की जानकारी होने के कारण पुलिस टीम ने उनके साथ मिलकर बचाव अभियान की योजना बनाई।
वहीं टीले तक पहुंचने के लिए तीन अलग-अलग संभावित रास्तों से कोशिश शुरू की गई। लगातार प्रयास के बाद रेस्क्यू टीम सातों युवकों तक पहुंचने में सफल रही। सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रेस्क्यू के बाद पुलिस ने युवकों से उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली। सभी युवक सुरक्षित बताए गए और किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।
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