गोरखपुर की पहचान सिर्फ गोरखनाथ मंदिर और नाथ पंथ तक सीमित नहीं, पाल काल, बौद्ध परंपरा और प्राचीन अवशेष बनाते हैं खास
त्तर प्रदेश का गोरखपुर सिर्फ धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहर अपने भीतर कई ऐतिहासिक कालखंडों की परंपराओं और संस्कृतियों को भी समेटे हुए है. आज गोरखनाथ मंदिर की वजह से दुनिया भर में पहचान रखने वाला यह शहर कभी पाल काल, बौद्ध परंपरा और प्राचीन सभ्यताओं का भी महत्वपूर्ण केंद्र रहा है. शहर के अलग-अलग हिस्सों में मिलने वाली प्राचीन मूर्तियां, स्थापत्य शैली और ऐतिहासिक अवशेष इस बात की गवाही देते हैं कि गोरखपुर का इतिहास बेहद समृद्ध और बहुआयामी रहा है.
तीसरा बच्चा लाओ ₹30,000 पाओ! चौथे बच्चे पर मिलेगा 40000 का इनाम, भारत के इस राज्य ने लॉन्च की स्कीम
मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश में घटती आबादी को लेकर बड़ा ऐलान किया है. राज्य सरकार अब तीसरे बच्चे के जन्म पर 30 हजार रुपये और चौथे बच्चे पर 40 हजार रुपये की आर्थिक मदद देगी. मुख्यमंत्री का कहना है कि घटती जन्म दर भविष्य में आर्थिक विकास के लिए खतरा बन सकती है.

















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