Delhi Police ने Central Delhi में 16 अगस्त तक पतंग उड़ाने पर रोक लगाई
दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों से मध्य दिल्ली में उन स्थानों के आसपास पतंग उड़ाने और अन्य हवाई वस्तुओं के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है, जहां स्वतंत्रता दिवस से जुड़े कार्यक्रम या सार्वजनिक सभाएं आयोजित की जा रही हैं। मध्य जिला पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया और 16 अगस्त तक प्रभावी रहेगा। आदेश के अनुसार, छतों, सार्वजनिक स्थानों और अन्य ऊंचे स्थानों से पतंग उड़ाने से पैदल चलने वालों, मोटर चालकों और अन्य लोगों के लिए खतरा पैदा हो सकता है और दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
इसमें यह भी कहा गया कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पतंगबाजी की गतिविधि बढ़ने से जनता के लिए बाधा और असुविधा हो सकती है। यह आदेश उन गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाता है, जिनसे जनता के लिए बाधा, खतरा, परेशानी या असुविधा पैदा होने या समारोह के दौरान शांति भंग होने की संभावना हो। मध्य जिले के सभी व्यक्तियों, प्रतिष्ठानों, संस्थानों और आयोजकों को स्वतंत्रता दिवस की सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित पुलिस निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया गया है।
आदेश में कहा गया है कि निर्देशों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
Droupadi Murmu ने Birth and Death Registration बिल को दी मंजूरी, 1 साल बाद DM अनुमति अनिवार्य
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उस विधेयक को अपनी स्वीकृति दे दी है, जिसमें जन्म और मृत्यु के विलंबित पंजीकरण के नियमों को और सख्त बनाने के प्रावधान हैं। संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित ‘जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026’ राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद अब यह कानून बन गया है। इस विधेयक में विलंबित पंजीकरण के प्रावधानों को अधिक कड़े बनाने के लिए 1969 के जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम में संशोधन किया गया है।
विधेयक में कहा गया है कि इससे जन्म और मृत्यु की घटनाओं की समय पर सूचना को बढ़ावा मिलेगा। जन्म और मृत्यु का एक साल के अंदर सामान्य प्रक्रिया से पंजीकरण होता है तथा इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। लेकिन यदि जन्म या मृत्यु की सूचना एक वर्ष से अधिक और दो वर्ष के भीतर दी जाती है, तो इसका पंजीकरण जिला मजिस्ट्रेट (डीएम), उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) या उनके द्वारा अधिकृत कार्यपालक दंडाधिकारी की अनुमति और सत्यापन के बाद ही होगा।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi








