TMC MLA निर्मल घोष समेत तीन पर FIR दर्ज, RG Kar डॉक्टर के जल्दबाजी में अंतिम संस्कार का मामला
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में अगस्त 2024 में एक जूनियर डॉक्टर से बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में उसके शव का कथित तौर पर जल्दबाजी में अंतिम संस्कार किए जाने को लेकर बैरकपुर पुलिस आयुक्तालय ने तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक निर्मल घोष और दो अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। मामले में नामजद अन्य दो लोगों में पानीहाटी नगरपालिका के पार्षद सोमनाथ डे और पीड़िता के परिवार के पड़ोसी संजीव मुखर्जी शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि प्राथमिकी खड़दह थाने में मृतका के पिता की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि पिता ने आरोप लगाया है कि तीनों आरोपियों की निगरानी में अंतिम संस्कार जल्दबाजी में कराया गया, ताकि दोबारा पोस्टमार्टम की संभावना को रोका जा सके और कथित रूप से सबूत छिपाए जा सकें। बैरकपुर पुलिस आयुक्तालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह नया मामला डॉक्टर के बलात्कार और हत्या मामले की सीबीआई जांच से अलग है।
अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, सीबीआई आरजी कर अस्पताल में डॉक्टर के बलात्कार और हत्या मामले की जांच कर रही है, जो कोलकाता पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आता है। खड़दह थाने में दर्ज नई प्राथमिकी मृतका के परिवार की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि परिवार की सहमति के बिना शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया गया ताकि सबूत दबाए जा सकें। यह घटनाक्रम मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा डॉक्टर की दूसरी पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पुलिस को अंतिम संस्कार से जुड़ी परिस्थितियों की अलग से जांच के लिए मामला दर्ज करने का निर्देश देने के दो दिन बाद सामने आया।
31 वर्षीय स्नातकोत्तर प्रशिक्षु डॉक्टर का शव 9 अगस्त, 2024 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के एक सेमिनार कक्ष में मिला था। जांचकर्ताओं ने बाद में पुष्टि की थी कि पिछली रात उसके साथ बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, शव को पानीहाटी के एक श्मशान घाट ले जाया गया था और कथित तौर पर कतार में लगे दो अन्य शवों को पीछे छोड़ते हुए जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया गया था।
Tejashwi Yadav बोले: Bihar में कर्मचारियों को नहीं मिल रहा वेतन, खजाना हुआ खाली
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को बिहार की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर सरकारी कर्मचारियों को कई महीनों से वेतन नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य का खजाना लगभग खाली हो गया है और वित्तीय अराजकता की स्थिति पैदा हो गई है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यादव ने पटना में संवाददाताओं से कहा, ‘‘इन लोगों ने खजाने की ऐसी लूट मचा रखी है कि सरकार को सभी विभागों के कर्मचारियों का वेतन देने में परेशानी हो रही है। खजाना लगभग खाली है।’’ राजद की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, यादव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर अनुदान प्राप्त मदरसों और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों के लंबित वेतन का भुगतान करने का अनुरोध किया।
राजद नेता ने बिहार में भ्रष्टाचार व्याप्त होने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘अब बिना रिश्वत दिए कोई भी सरकारी काम संभव नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वे खुलेआम घूम रहे हैं। ऐसा लगता है कि राज्य में कोई सरकार ही नहीं है।’’ यादव ने दावा किया कि विधायकों और मंत्रियों को भी वेतन नहीं मिल रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘एक समय ऐसा भी था जब मुझे खुद पांच महीने तक वेतन नहीं मिला था।’’ उन्होंने राज्य सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा स्थिति चिंता का विषय है।
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