सूर्य ग्रहण कुछ मिनटों में क्यों हो जाता है खत्म, जबकि चंद्र ग्रहण चलता है घंटों? जानिए इसके पीछे की हैरान करनी वाली वजह
Why is a solar eclipse shorter than a lunar eclipse: सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण की अवधि में अंतर का मुख्य कारण छाया का आकार है. सूर्य ग्रहण में चंद्रमा की संकरी गहरी छाया पृथ्वी की सतह पर पड़ती है. यह छाया तेजी से आगे बढ़ती है, इसलिए किसी एक जगह पर पूर्ण सूर्य ग्रहण कुछ मिनटों के लिए रहता है. चंद्र ग्रहण में पृथ्वी की बड़ी छाया चंद्रमा पर पड़ती है और चंद्रमा को इसे पार करने में ज्यादा समय लगता है. पूर्ण चंद्र ग्रहण की पूर्ण अवस्था एक घंटे से ज्यादा रह सकती है, जबकि पूरा घटनाक्रम कई घंटे चल सकता है. चंद्र ग्रहण पृथ्वी के उस बड़े हिस्से से देखा जा सकता है जहां उस समय चंद्रमा दिखाई दे रहा हो.
आज का पंचांग 12 अगस्त 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया, सूर्योदय-सूर्यास्त
आज की तिथि क्या है?: आज श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है, जो रात 11:07 बजे तक रहेगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
- वार: बुधवार
- नक्षत्र: पुष्य-सुबह 7:59 बजे तक, इसके बाद आश्लेषा
- योग: व्यतिपात-दोपहर 3:26 बजे तक, इसके बाद वरियान
- करण: चतुष्पद-दोपहर 12:27 बजे तक, इसके बाद नाग
शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: नहीं
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:23 बजे से 5:06 बजे तक
- अमृत काल: 13 अगस्त को सुबह 4:38 बजे से 6:06 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:38 बजे से 3:31 बजे तक
राहुकाल और अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 12:26 बजे से 2:05 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 7:28 बजे से 9:07 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 10:47 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक
सूर्योदय-सूर्यास्त
- सूर्योदय: सुबह 5:49 बजे
- सूर्यास्त: शाम 7:03 बजे
- चंद्रोदय: अमावस्या होने के कारण चंद्रोदय नहीं
- चंद्रास्त: शाम के आसपास
आज के व्रत
- श्रावण अमावस्या व्रत
- हरियाली अमावस्या
- दर्श अमावस्या
अमावस्या के दिन स्नान, दान, पितरों का तर्पण और जरूरतमंदों की सहायता करने की धार्मिक मान्यता है। हरियाली अमावस्या पर पेड़-पौधे लगाना और प्रकृति की पूजा करना भी विशेष माना जाता है।
आज का पर्व
हरियाली अमावस्या-12 अगस्त 2026
आज का धार्मिक महत्व
आज श्रावण कृष्ण पक्ष की अमावस्या है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या तिथि पितरों के स्मरण, तर्पण, दान-पुण्य और आत्मचिंतन के लिए विशेष मानी जाती है। हरियाली अमावस्या पर पेड़-पौधों की पूजा और पौधारोपण करने की परंपरा भी है। माना जाता है कि इस दिन प्रकृति की सेवा और जरूरतमंदों को दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
आज सुबह 7:59 बजे तक पुष्य नक्षत्र रहेगा, इसके बाद आश्लेषा नक्षत्र शुरू होगा। वहीं व्यतिपात योग दोपहर 3:26 बजे तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में व्यतिपात योग को नए शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता।
आज राहुकाल कब है?: आज राहुकाल दोपहर 12:26 बजे से 2:05 बजे तक रहेगा।
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