NTA ने खोला करेक्शन विंडो, NEET उम्मीदवार तुरंत करें ये जरूरी बदलाव
NEET UG 2026 Re Exam: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी यानी NTA ने NEET UG 2026 री-एग्जाम के लिए उम्मीदवारों को बड़ी राहत दी है। एजेंसी ने वर्तमान पता और परीक्षा शहर की पसंद बदलने की सुविधा शुरू कर दी है। उम्मीदवार 15 मई 2026 से 21 मई 2026 रात 11:50 बजे तक आधिकारिक वेबसाइट NEET Official Website पर जाकर अपने एग्जाम सिटी विकल्प अपडेट कर सकते हैं।
NTA के अनुसार, इस दौरान उम्मीदवार अपनी वर्तमान लोकेशन के आधार पर पहली और दूसरी पसंद का परीक्षा शहर चुन सकते हैं। जिन उम्मीदवारों को अपना वर्तमान पता बदलना है, वे भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। हालांकि, जो उम्मीदवार कोई बदलाव नहीं करेंगे, उनकी पहले चुनी गई परीक्षा सिटी ही बरकरार रहेगी।
NTA ने साफ कर दिया है कि इस करेक्शन विंडो में केवल वर्तमान पता और परीक्षा शहर की पसंद ही बदली जा सकती है। इसके अलावा आवेदन फॉर्म में किसी अन्य जानकारी में बदलाव की अनुमति नहीं होगी। 21 मई 2026 के बाद किसी भी प्रकार के बदलाव का अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा। अच्छी बात यह है कि इन बदलावों के लिए उम्मीदवारों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
एजेंसी ने यह भी घोषणा की है कि NEET UG 2026 री-एग्जाम का आयोजन 21 जून 2026 (रविवार) को किया जाएगा। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित होगी। यह परीक्षा देशभर के मेडिकल संस्थानों में अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन के लिए आयोजित की जाती है।
NTA की ओर से एडमिट कार्ड, सिटी इंटिमेशन स्लिप, रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स और आंसर की की तारीखें बाद में जारी की जाएंगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक एडमिट कार्ड 14 जून 2026 तक जारी किए जा सकते हैं। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें ताकि किसी भी महत्वपूर्ण अपडेट को मिस न करें।
NEET UG 2026 री-एग्जाम की महत्वपूर्ण तारीखें
री-एग्जाम डेट: 21 जून 2026
परीक्षा समय: दोपहर 2:00 बजे से 5:15 बजे तक
करेक्शन विंडो शुरू: 15 मई 2026
करेक्शन विंडो बंद: 21 मई 2026 रात 11:50 बजे तक
एडमिट कार्ड: जल्द जारी होगा
Adhik Maas 2026 Upay: 17 मई से अधिकमास का प्रारंभ, ब्रह्म मुहूर्त में कर लें यह एक उपाय, लक्ष्मीनारायण होंगे प्रसन्न, बढ़ेगी सुख-समृद्धि
Adhik Maas 2026 Upay: इस साल अधिकमास का प्रारंभ 17 मई से हो रहा है. अधिकमास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है. इसे पहले मलमास कहा जाता था. यह मास भगवान विष्णु को अत्यंत ही प्रिय है. इस वजह से इसमें भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है. अधिकमास में आप धन, सुख, समृद्धि आदि की प्राप्ति चाहते हैं कि तो आपको लक्ष्मीनारायण की कृपा प्राप्त करनी होगी. इसके लिए अधिकमास में वृषभ राशि वाले ब्रह्म मुहूर्त में एक कमल का फूल रोज भगवान विष्णु को अर्पित करें और माता लक्ष्मी के मंत्र श्रीं का जाप 108 बार करें. इससे आपके धन और वैभव में बढ़ोत्तरी होगी. आइए जानते हैं मेष से मीन तक की 12 राशियों के लिए अधिकमास के उपाय.
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