SBI रिपोर्ट की चेतावनी: गिरता Rupee पेट्रोल-डीजल की कीमतों में की गई बढ़ोतरी को कर देगा बेअसर!
रुपये में यदि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले और भी गिरावट होती है तो तेल विपणन कंपनियों को वाहन ईंधन कीमतों में की गई बढ़ोतरी से मिलने वाला पूरा लाभ खत्म हो सकता है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के आर्थिक अनुसंधान विभाग ने यह कहा। एसबीआई इकोरैप रिपोर्ट के मुताबिक, ईंधन कीमतों में यह बढ़ोतरी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को खुदरा बिक्री पर लागत के मुकाबले हो रहे नुकसान (अंडर-रिकवरी) में करीब 52,700 करोड़ रुपये की राहत दे सकती है, जो वित्त वर्ष 2026-27 में अपेक्षित कुल नुकसान का लगभग 15 प्रतिशत है।
सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन-तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। यह कदम पश्चिम एशिया संकट के बीच कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में आई तीव्र वृद्धि के बाद उठाया गया है। हालांकि रिपोर्ट कहती है कि रुपये में अगर आगे भी गिरावट का रुख बना रहता है तो कच्चे तेल के आयात की लागत बढ़ जाएगी, जिससे कीमत वृद्धि का पूरा लाभ समाप्त हो सकता है। एसबीआई इकोरैप के मुताबिक, यदि रुपये में मौजूदा औसत स्तर से केवल दो रुपये की और कमजोरी आती है, तो आयात लागत इतनी बढ़ जाएगी कि ईंधन मूल्य वृद्धि का लाभ पूरी तरह चला जाएगा।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रुपया पहले ही एक महत्वपूर्ण गिरावट स्तर के करीब पहुंच चुका है, जिसके बाद और कमजोरी घरेलू ईंधन कीमत संशोधन के लाभ को काफी हद तक खत्म कर सकती है। शुक्रवार को कारोबार के दौरान रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96 के स्तर से नीचे चला गया और अंत में 95.81 के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ। एसबीआई रिपोर्ट में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के हवाले से कहा गया है कि तेल विपणन कंपनियों को प्रतिदिन लगभग 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, जो सालाना करीब 3.6 लाख करोड़ रुपये बैठता है।
Shani Jayanti 2026: आज शनि जयंती पर इन राशियों पर बरसेगी न्याय के देवता शनिदेव की कृपा, शुरू होगा गोल्डन टाइम
Shani Jayanti 2026: शनि जयंती हिंदू धर्म में बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. यह दिन न्याय के देवता भगवान शनिदेव को समर्पित होता है. मान्यता है कि ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर भगवान शनि का जन्म हुआ था. इस साल शनि जयंती आज यानी 16 मई 2026, शनिवार को मनाई जा रही है. इस दिन श्रद्धा से पूजा-पाठ करने पर शनि दोष कम होता है. साथ ही साढ़ेसाती और ढैय्या के नकारात्मक प्रभाव में भी राहत मिलती है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ राशियां ऐसी मानी जाती हैं, जिन पर शनिदेव की विशेष कृपा बनी रहती है. माना जा रहा है कि शनि जयंती से इन राशियों के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
ये हैं शनि देव की प्रिय राशियां
तुला राशि
तुला राशि में शनि उच्च अवस्था में माने जाते हैं. यही कारण है कि इस राशि पर शनिदेव का प्रभाव काफी मजबूत माना जाता है. तुला राशि के लोग शांत स्वभाव के होते हैं और हर फैसला सोच-समझकर लेते हैं. इन लोगों में न्यायप्रियता और संतुलन बनाए रखने की क्षमता होती है. जीवन में सफलता थोड़ी देर से मिलती है, लेकिन स्थायी होती है. करियर के क्षेत्र में ये लोग प्रशासन, कानून, बिजनेस और मैनेजमेंट में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं. शनि जयंती के बाद तुला राशि के जातकों को नौकरी और व्यापार में नई संभावनाएं मिल सकती हैं. रुके हुए काम पूरे होने के संकेत भी मिल रहे हैं.
मकर राशि
मकर राशि के स्वामी स्वयं शनिदेव हैं. इसलिए इस राशि पर शनि का गहरा प्रभाव रहता है. मकर राशि के लोगों को जीवन में शुरुआत में काफी संघर्ष करना पड़ सकता है. खासतौर पर 30 वर्ष की उम्र तक मेहनत ज्यादा करनी पड़ती है. हालांकि समय के साथ हालात बदलने लगते हैं. धीरे-धीरे मेहनत का फल मिलने लगता है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती जाती है. ये लोग अनुशासित और जिम्मेदार स्वभाव के होते हैं. शनि जयंती 2026 के बाद मकर राशि वालों को करियर में स्थिरता और सम्मान मिलने के योग बन रहे हैं. लंबे समय से रुकी योजनाएं भी पूरी हो सकती हैं. धन लाभ के नए रास्ते खुलने की संभावना है.
कुंभ राशि
कुंभ राशि को शनि की मूल त्रिकोण राशि माना जाता है. इस वजह से यहां शनिदेव का प्रभाव संतुलित और शुभ माना जाता है. कुंभ राशि के लोग नई सोच रखने वाले और दूरदर्शी होते हैं. ये लोग तकनीक, रिसर्च, शिक्षा और सामाजिक कार्यों में बेहतर प्रदर्शन करते हैं. कठिन परिस्थितियों में भी ये हार नहीं मानते. यही गुण इन्हें जीवन में आगे बढ़ाने का काम करता है. शनि जयंती के बाद कुंभ राशि के जातकों को आर्थिक मजबूती और करियर में अच्छे अवसर मिल सकते हैं. पुराने निवेश से लाभ मिलने के संकेत भी दिखाई दे रहे हैं.
30 की उम्र के बाद बदलती है किस्मत
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि का प्रभाव व्यक्ति के जीवन में धीरे-धीरे दिखाई देता है. खासतौर पर 30 साल की उम्र के बाद इसके परिणाम साफ नजर आने लगते हैं. तुला, मकर और कुंभ राशि के लोगों के जीवन में इस उम्र के बाद स्थिरता बढ़ती है. करियर सही दिशा में आगे बढ़ता है और फैसले लेने की क्षमता मजबूत होती है. अनुभव के साथ आर्थिक स्थिति में भी सुधार आने लगता है. माना जाता है कि शनिदेव उन लोगों पर विशेष कृपा बरसाते हैं जो मेहनती, ईमानदार और अनुशासित होते हैं. इसलिए जीवन में सफलता पाने के लिए धैर्य और कर्म पर विश्वास रखना बेहद जरूरी माना गया है.
शनि कृपा पाने के आसान उपाय
शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं.
जरूरतमंद लोगों को काले तिल और उड़द दाल का दान करें.
शनिदेव के मंत्रों का जाप करें.
बुजुर्गों और गरीबों का सम्मान करें.
ईमानदारी और अनुशासन को जीवन में अपनाएं.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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