भारत का पहला AI लड़ाकू विमान, 3000 किमी की मारक क्षमता और 30 घंटे से अधिक की उड़ान; होगी दुश्मनों की छुट्टी
India First AI Fighter Jet: भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है. देश के 'मेक-इन-इंडिया' अभियान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई और मजबूत पहचान मिली है. भारत का पहला स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित लड़ाकू विमान 'काल भैरव' अब यूरोप के पुर्तगाल में बनाया जाएगा. भारतीय एआई युद्धक कंपनी एफडब्लूडीए ने इस ऐतिहासिक फैसले का एलान किया है.
स्केचपिक्सेल के साथ किया बड़ा समझौता
कंपनी ने इसके लिए पुर्तगाल की मशहूर रक्षा कंपनी स्केचपिक्सेल के साथ एक बड़ा समझौता किया है. यह पहली बार है जब भारत में डिजाइन की गई कोई अत्याधुनिक युद्धक तकनीक यूरोप के किसी देश में बनाई जाएगी. इस समझौते से भारतीय रक्षा उद्योग का हौसला बहुत बढ़ गया है. स्केचपिक्सेल कंपनी पहले से ही एफ-16 जैसे दुनिया के सबसे घातक लड़ाकू विमानों के लिए बेहतरीन सिमुलेशन सिस्टम बनाने का काम करती है.
समझौते के तहत दोनों कंपनियां अपनी खूबियों का करेंगी इस्तेमाल
इस बड़े समझौते के तहत दोनों कंपनियां अपनी-अपनी खूबियों का इस्तेमाल करेंगी. पुर्तगाल की स्केचपिक्सेल कंपनी इस विमान के लिए सिमुलेशन टेक्नोलॉजी, एआई इंटीग्रेशन, आधुनिक संचार प्रणालियां और इंटरऑपरेबिलिटी क्षमताएं प्रदान करेगी. वहीं दूसरी तरफ, भारतीय कंपनी एफडब्लूडीए इस विमान के मुख्य ऑटोनॉमस सिस्टम और एयरफ्रेम डिजाइन के बौद्धिक संपदा अधिकार यानी पेटेंट अपने पास ही सुरक्षित रखेगी.
रक्षा क्षेत्र में बड़ी मिसाल
यह अनूठी साझेदारी भारतीय बेहतरीन डिजाइन को यूरोप की विनिर्माण कुशलता के साथ जोड़ने का काम करेगी. रक्षा क्षेत्र में इसे एक बहुत बड़ी मिसाल के रूप में देखा जा रहा है. इससे भारत की तकनीक का लोहा पूरी दुनिया मानेगी.
स्वदेशी विमान तकनीक रूप कैसा?
भारत का यह स्वदेशी विमान तकनीकी रूप से बेहद उन्नत और खतरनाक है. 'काल भैरव' एक मध्यम-ऊंचाई पर उड़ने वाला और लंबे समय तक हवा में रहने वाला ऑटोनॉमस लड़ाकू विमान है. इस विमान की मारक क्षमता और रेंज 3,000 किलोमीटर तक है. यह विमान एक बार उड़ान भरने के बाद लगातार 30 घंटे से अधिक समय तक आसमान में रहकर दुश्मन पर नजर रख सकता है और हमला कर सकता है. इस विमान के अंदर एआई-आधारित लक्ष्य पहचान प्रणाली लगी है.
एन्क्रिप्टेड संचार प्रणाली से लैस
इसके अलावा यह विमान आपस में तालमेल बिठाकर दुश्मन पर हमला करने वाले स्वार्म सिस्टम और पूरी तरह सुरक्षित एन्क्रिप्टेड संचार प्रणाली से लैस है. पारंपरिक रूप से आने वाले महंगे विमानों के मुकाबले एफडब्लूडीए कंपनी कम लागत वाले ऑटोनॉमस हवाई सिस्टम और अगली पीढ़ी की हवाई सुरक्षा तैयार करने पर ध्यान दे रही है.
FWDA के CEO ने जाहिर की अपनी खुशी
इस ऐतिहासिक मौके पर एफडब्लूडीए के संस्थापक और सीईओ सुहास तेजस्कंदा ने अपनी खुशी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि यह समझौता भारतीय डिजाइन और ऑटोनॉमस सिस्टम में दुनिया की बढ़ती दिलचस्पी को साफ दिखाता है. इससे यह भी साबित होता है कि भारतीय युद्धक तकनीक वैश्विक स्तर पर कितनी बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार है.
यूरोपीय रक्षा नेटवर्क में शामिल होना होगा आसान
पुर्तगाल की भौगोलिक स्थिति और उसकी नाटो देशों तक पहुंच से भारत के लिए यूरोपीय रक्षा नेटवर्क में शामिल होने के नए रास्ते खुल जाएंगे. इसके साथ ही वैश्विक स्तर पर भारतीय हथियारों की तैनाती आसान होगी. उन्होंने कहा कि हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य भारत को दुनिया के सबसे बड़े रक्षा निर्यातक देशों की सूची में शीर्ष पर ले जाना है.
पुर्तगाल की कंपनी स्केचपिक्सेल के सीईओ भी दिखे उत्साहित
पुर्तगाल की कंपनी स्केचपिक्सेल के सीईओ मिगुएल अब्रू भी इस समझौते से बेहद उत्साहित दिखाई दिए. उन्होंने कहा कि एफडब्लूडीए की गहरी इंजीनियरिंग क्षमता, बेहतरीन इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई और चिप विश्लेषण तकनीक को हमारी कंपनी की सिमुलेशन और सैन्य एकीकरण क्षमताओं के साथ जोड़ा जाएगा. विमान के ढांचे के डिजाइन से लेकर उसके सॉफ्टवेयर विकास, नियंत्रण और जांच का पूरा काम पूरी तरह से सुरक्षित माहौल में किया जाएगा.
जल्द ही पुर्तगाल और नाटो देशों के लिए शुरू होगा प्रोजेक्ट
विमान के लिए नए संचार सिस्टम और एआई मॉड्यूल पुर्तगाल और भारत की प्रयोगशालाओं में मिलकर विकसित किए जाएंगे. दोनों देशों की टीमों के बीच लगातार होने वाला ज्ञान का आदान-प्रदान इस विमान के विकास की असली चाभी साबित होगा. वे जल्द ही पुर्तगाल और नाटो देशों के लिए इस प्रोजेक्ट की शुरुआत करेंगे.
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पंजाब में शिक्षा क्रांति का असर, 416 सरकारी स्कूलों का 12वीं रिजल्ट रहा 100 प्रतिशत
पंजाब में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भगवंत मान सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास अब जमीन पर नजर आने लगे हैं. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) के 12वीं कक्षा के नतीजों में इस बार सरकारी स्कूलों ने नया इतिहास रच दिया. राज्य के 416 सरकारी स्कूलों ने 100 प्रतिशत परिणाम दर्ज किया है, जिसे सरकार अपनी “शिक्षा क्रांति” का बड़ा परिणाम मान रही है.
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने चंडीगढ़ में 12वीं कक्षा के टॉपर विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि पंजाब की बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में नया इतिहास लिख रही हैं और राज्य के पुनरुत्थान में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं.
तीन छात्राओं ने हासिल किए पूरे 500 अंक
इस बार मानसा की सुपनीत कौर और लुधियाना की सुहानी चौहान व दिवांशी ने 500 में 500 अंक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तीनों छात्राओं को 50-50 हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बेहद गर्व की बात है कि तीनों टॉपर छात्राएं राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय खिलाड़ी भी हैं. इससे साबित होता है कि पंजाब की बेटियां शिक्षा, खेल और अन्य क्षेत्रों में लगातार आगे बढ़ रही हैं.
सरकारी स्कूलों पर बढ़ा लोगों का भरोसा
पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे, स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया है. इसका असर इस बार के नतीजों में साफ दिखाई दिया. मेरिट सूची में शामिल 275 विद्यार्थियों में से 122 छात्र सरकारी स्कूलों से हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बदलाव सरकारी शिक्षा व्यवस्था में लोगों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि साधारण परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों ने मेहनत और लगन से यह सफलता हासिल की है.
लड़कियों ने फिर छोड़ा लड़कों को पीछे
12वीं बोर्ड परीक्षा में लड़कियों ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया. इस वर्ष लड़कियों का पास प्रतिशत 94.73 प्रतिशत रहा, जबकि लड़कों का परिणाम 88.52 प्रतिशत दर्ज किया गया.
मेरिट सूची में भी लड़कियों का दबदबा कायम रहा. कुल 278 मेरिट होल्डर्स में 217 लड़कियां और केवल 61 लड़के शामिल रहे.
अमृतसर और पटियाला ने मारी बाजी
राज्य में सबसे अधिक पास प्रतिशत अमृतसर जिले का रहा, जहां 96 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए. वहीं मेरिट सूची में पटियाला जिले ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया और यहां से 59 विद्यार्थी मेरिट में शामिल हुए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में लगातार सुधार कर रही है ताकि पंजाब के युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें.
लड़कियों को सेना में जाने के लिए प्रेरित किया
कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा ने भारतीय वायुसेना में पायलट बनने की इच्छा जताई. इस पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उसे मोहाली स्थित माई भागो आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट में दाखिला लेने के लिए प्रेरित किया.
उन्होंने कहा कि यह संस्थान लड़कियों को रक्षा सेवाओं में अधिकारी बनने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करता है और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षण देता है.
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