ग्रेस से पास की 12वीं परीक्षा, पिता ने बेटे के लिए 10 लाख में खरीदा NEET का पेपर, वायरल हुई मार्कशीट
नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और इसी के साथ कई चौंकाने वाले खुलासे भी सामने आ रहे हैं. अब जांच टीम जमवारामगढ़ के बिवाल परिवार के घर से लेकर नटाटा गांव के एक स्कूल तक पहुंच गई है. दिनेश के बेटे ऋषि की 12वीं की मार्कशीट अब वायरल हो गई है। ऋषि ने ग्रेस की मदद से परीक्षा पास की है।
सीबीआई ने जमवारामगढ़ में बिवाल परिवार के घर पर तलाशी लेकर कई तरह के अहम साक्ष्य जुटाए हैं. दिनेश, माँगीलाल और विकास—इस परिवार के तीन सदस्यों को एजेंसी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. जांच में यह सामने आया है कि लीक हुआ पेपर दिनेश के बेटे ऋषि के लिए खरीदा गया था. ऋषि नटाटा गांव के जानकी पब्लिक स्कूल में बारहवीं का छात्र था. स्कूल संचालक के अनुसार ऋषि एक साल पहले ही सीकर से पढ़ाई छोड़कर यहां आया था. ग्यारहवीं तक उसकी पढ़ाई सीकर में ही हुई थी.
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जानकी पब्लिक स्कूल के संचालक ने न्यूज नेशन से बातचीत में बताया कि परिवार वालों के लगातार आग्रह पर ऋषि को बारहवीं में एडमिशन दिया गया था. वह पढ़ाई में औसत छात्र था और उन्हें यह उम्मीद तक नहीं थी कि वह नीट की परीक्षा देगा, क्योंकि स्कूल में नीट की तैयारी नहीं करवाई जाती.
संचालक ने यह भी कहा कि ऋषि ने बड़ी मुश्किल से बारहवीं पास की. हिंदी में उसके सिर्फ 32 नंबर आए थे और वह ग्रेस से पास हुआ था. इतनी कम अकादमिक तैयारी के बावजूद उसका अचानक नीट देना उन्हें भी संदिग्ध लगा. अब सीबीआई यह पता लगा रही है कि पेपर खरीदने की पूरी कहानी कैसे तैयार हुई, किसने इसमें भूमिका निभाई और इस नेटवर्क में परिवार के अलावा और कौन लोग जुड़े हो सकते हैं.
हिंदी में लगी ग्रेस
जमरामगढ़ से गिरफ़्तार दिनेश के बेटे ऋषि की मार्कशीट सामने आयी है। 12वीं की क्लास में राजस्थान बोर्ड से सेकंड डिवीज़न ग्रेस के साथ पास हुआ। 500 में से सिर्फ़ 254 अंकों के साथ 50.80 फीसदी किए हासिल थे। हिंदी विषय में लगी ग्रेस ,तब जाकर 100 में 32 अंक हासिल किए। दिनेश के बेटे ऋषि ने इस बार नीट परीक्षा दी थी। पिता दिनेश ने गुरुग्राम से यश से लाखों रुपयों में ऋषि के लिए पेपर खरीदा था।
NEET2026 Paper Leak Case: संदिग्ध आरोपी ऋषि बिलाल के स्कूल से विशेष पड़ताल, मुश्किल से 12वीं पास की थी
नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और इसी के साथ कई चौंकाने वाले खुलासे भी सामने आ रहे हैं. अब जांच टीम जमवारामगढ़ के बिवाल परिवार के घर से लेकर नटाटा गांव के एक स्कूल तक पहुंच गई है.सीबीआई ने जमवारामगढ़ में बिवाल परिवार के घर पर तलाशी लेकर कई तरह के अहम साक्ष्य जुटाए हैं. दिनेश, मांगीलाल और विकास-इस परिवार के तीन सदस्यों को एजेंसी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.
ग्यारहवीं तक उसकी पढ़ाई सीकर में ही हुई
जांच में यह सामने आया है कि लीक हुआ पेपर दिनेश के बेटे ऋषि के लिए खरीदा गया था. ऋषि नटाटा गांव के जानकी पब्लिक स्कूल में बारहवीं का छात्र था. स्कूल संचालक के अनुसार ऋषि एक साल पहले ही सीकर से पढ़ाई छोड़कर यहां आया था. ग्यारहवीं तक उसकी पढ़ाई सीकर में ही हुई थी.
पूरी कहानी कैसे तैयार हुई
जानकी पब्लिक स्कूल के संचालक ने न्यूज नेशन से बातचीत में बताया कि परिवार वालों के लगातार आग्रह पर ऋषि को बारहवीं में एडमिशन दिया गया था. वह पढ़ाई में औसत छात्र था और उन्हें यह उम्मीद तक नहीं थी कि वह नीट की परीक्षा देगा, क्योंकि स्कूल में नीट की तैयारी नहीं करवाई जाती. संचालक ने यह भी कहा कि ऋषि ने बड़ी मुश्किल से बारहवीं पास की. हिंदी में उसके सिर्फ 32 नंबर आए थे और वह ग्रेस से पास हुआ था. इतनी कम अकादमिक तैयारी के बावजूद उसका अचानक नीट देना उन्हें भी संदिग्ध लगा. अब सीबीआई यह पता लगा रही है कि पेपर खरीदने की पूरी कहानी कैसे तैयार हुई, किसने इसमें भूमिका निभाई और इस नेटवर्क में परिवार के अलावा और कौन लोग जुड़े हो सकते हैं.
(रिपोर्ट – शरद पुरोहित, न्यूज़ नेशन, जयपुर)
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