5 बल्लेबाजों के नाम पर 177 छक्के, IPLकी महाभारत में पांडव का पावर-पले, 4 के लिए सिक्सर मारना बाएं हाथ का काम
IPL 2026 में हम इस सूची के टॉप 4 बल्लेबाजों द्वारा लगाए गए कुल छक्कों का विश्लेषण करें, तो इन चारों ने मिलकर कुल 146 छक्के जड़े हैं.
Gmail यूजर्स को झटका! Google ने 15GB फ्री स्टोरेज को लेकर किया बड़ा बदलाव
Google ने नए Gmail अकाउंट बनाने वाले यूजर्स के लिए अपनी स्टोरेज पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है। अब नए अकाउंट्स को पहले की तरह सीधे 15GB फ्री क्लाउड स्टोरेज नहीं मिलेगा। कंपनी के नए नियमों के तहत बिना फोन नंबर वेरिफिकेशन के केवल 5GB स्टोरेज ही दिया जाएगा।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पूरा 15GB स्टोरेज पाने के लिए यूजर को अपना फोन नंबर वेरिफाई करना होगा। यह बदलाव Gmail, Google Drive और Google Photos तीनों सेवाओं पर लागू होगा। पहले जहां हर नए अकाउंट के साथ ऑटोमैटिक 15GB स्टोरेज मिल जाता था, अब इसे एक शर्त से जोड़ दिया गया है।
गूगल ने अपने सपोर्ट पेज की भाषा में भी बदलाव किया है। पहले स्पष्ट रूप से लिखा होता था कि हर अकाउंट को 15GB फ्री स्टोरेज मिलता है, लेकिन अब इसे बदलकर “up to 15GB” कर दिया गया है। यानी अब यह स्टोरेज सभी यूजर्स को बिना शर्त नहीं मिलेगा।
अब बिना फोन नंबर सिर्फ 5GB स्टोरेज
नए नियमों के अनुसार, अगर यूज़र फोन नंबर वेरिफाई नहीं करता है तो उसे केवल 5GB स्टोरेज ही मिलेगा। वहीं वेरिफिकेशन पूरा करने के बाद 15GB फ्री स्टोरेज अनलॉक किया जा सकेगा। यह बदलाव खास तौर पर नए अकाउंट्स के लिए लागू किया जा रहा है।
क्यों किया गया यह बदलाव?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Google का उद्देश्य फर्जी और बॉट अकाउंट्स पर रोक लगाना है। कई बार यूज़र्स या ऑटोमेटेड सिस्टम बार-बार नए अकाउंट बनाकर फ्री स्टोरेज का गलत इस्तेमाल करते हैं। फोन नंबर वेरिफिकेशन के जरिए कंपनी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि एक व्यक्ति केवल सीमित फ्री स्टोरेज का ही लाभ ले।
इसके अलावा, क्लाउड स्टोरेज की बढ़ती मांग और इंफ्रास्ट्रक्चर लागत को भी इस बदलाव की एक वजह माना जा रहा है। बढ़ते डेटा लोड के चलते कंपनियों पर स्टोरेज सिस्टम को मैनेज करने का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
प्राइवेसी को लेकर उठे सवाल
इस बदलाव के बाद यूज़र्स के बीच प्राइवेसी को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। कई लोग सिर्फ ईमेल इस्तेमाल करने के लिए फोन नंबर शेयर नहीं करना चाहते, ऐसे में उन्हें कम स्टोरेज में काम चलाना पड़ सकता है। वहीं कुछ यूज़र्स इसे सुरक्षा की दृष्टि से सही कदम मान रहे हैं, क्योंकि इससे फेक अकाउंट्स की संख्या कम हो सकती है।
फिलहाल यह बदलाव नए Gmail अकाउंट्स पर लागू किया जा रहा है, जबकि पुराने अकाउंट्स पर इसका कोई असर नहीं बताया गया है। हालांकि आने वाले समय में इस नीति में और सख्ती की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।




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