16 April 2026 Ka Panchang: यहां जानें आज का पंचांग, तिथि, शुभ मुहूर्त, योग; नक्षत्र और राहुकाल
16 April 2026 Ka Panchang: हिंदू पंचांग के अनुसार, 16 अप्रैल 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज बैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है, जो रात 8 बजकर 12 मिनट तक रहेगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
योग और नक्षत्र
इस दिन की शुरुआत इंद्र योग के साथ होगी, जो सुबह 10 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। इसके बाद वैधृति योग प्रारंभ हो जाएगा। इंद्र योग को शुभ और उन्नति देने वाला माना जाता है, जबकि वैधृति योग में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, खासकर नए कार्यों की शुरुआत में। वहीं नक्षत्र की बात करें तो उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र दोपहर बाद 3 बजकर 23 मिनट तक रहेगा, जो स्थिरता और गहराई का प्रतीक है।
शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:49 से 5:35 तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:13 से 1:04 तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:44 से 3:35 तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:55 से 7:18 तक
- अमृत काल: सुबह 9:27 से 10:58 तक
- निशिता मुहूर्त: 17 अप्रैल की रात 12:15 से 1:01 तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: दोपहर 1:59 से अगले दिन सुबह 6:20 तक
राहुकाल
- दिल्ली: दोपहर 1:58 से 3:34 तक
- मुंबई: दोपहर 2:13 से 3:47 तक
- चंडीगढ़: दोपहर 2:00 से 3:37 तक
- लखनऊ: दोपहर 1:43 से 3:19 तक
- भोपाल: दोपहर 1:55 से 3:31 तक
- कोलकाता: दोपहर 1:12 से 2:47 तक
- अहमदाबाद: दोपहर 2:15 से 3:50 तक
- चेन्नई: दोपहर 1:42 से 3:15 तक
सूर्योदय और सूर्यास्त
- सूर्योदय: सुबह 5:54 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:47 बजे
क्या करें और क्या न करें
यह दिन आध्यात्मिक साधना, पूजा-पाठ और आत्मचिंतन के लिए बहुत अच्छा है। भगवान शिव की उपासना, मंत्र जाप और ध्यान करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिल सकती है। हालांकि वैधृति योग के दौरान नए कार्य शुरू करने से बचना बेहतर रहेगा। कुल मिलाकर, 16 अप्रैल 2026 का दिन संयम, साधना और सोच-समझकर निर्णय लेने का संकेत देता है। सही मुहूर्त का ध्यान रखते हुए किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है।
मध्य प्रदेश : सीएम ने खरीफ फसलों के लिए एमएसपी में बढ़ोतरी का स्वागत किया, कहा- किसानों को होगा फायदा
भोपाल, 13 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को केंद्र सरकार के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें 2026-27 के मार्केटिंग सीजन के लिए 14 खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के किसानों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा और कृषि क्षेत्र मजबूत होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने बुधवार को संशोधित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को मंजूरी दे दी।
प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि विकास सुनिश्चित करने के लिए लगातार फ़ैसले लिए हैं।
यादव ने कहा, पीएम मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित में लगातार फ़ैसले लिए जा रहे हैं। 14 खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी से कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और अन्नदाता किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने आगे कहा कि इस कदम से मध्य प्रदेश के लाखों किसानों को सीधे तौर पर मदद मिलेगी, जहां कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था का एक अहम हिस्सा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने के फैसले से मध्य प्रदेश और पूरे देश के किसानों को सीधे तौर पर फायदा होगा। केंद्र सरकार ने किसानों के कल्याण और समृद्धि के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं।
यादव ने किसानों के लिए राज्य-स्तरीय पहलों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रहा है, जिसके तहत पूरे राज्य में किसानों पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इनमें उन्नत कृषि मशीनों की प्रदर्शनियां, सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता अभियान और उत्पादकता बढ़ाने के लिए आधुनिक खेती की तकनीकों में प्रशिक्षण शामिल हैं।
संशोधित न्यूनतम समर्थन मूल्य संरचना के अनुसार, सूरजमुखी के बीज में सबसे ज्यादा 622 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कपास के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में 557 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है, इसके बाद नाइजर बीज में 515 रुपए और तिल में 500 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है।
केंद्र ने उत्पादन लागत पर मज़बूत रिटर्न का अनुमान लगाया है। खाद्यान्नों में, मूंग से सबसे ज्यादा 61 प्रतिशत रिटर्न मिलने की उम्मीद है, इसके बाद बाजरा और मक्का से 56 प्रतिशत और अरहर से 54 प्रतिशत रिटर्न मिलने की उम्मीद है।
उड़द से 51 प्रतिशत रिटर्न मिलने का अनुमान है, जबकि रागी, हाइब्रिड ज्वार और धान से 50 प्रतिशत रिटर्न मिलने की उम्मीद है।
तिलहनों में, जिनमें मूंगफली, सूरजमुखी के बीज, सोयाबीन, तिल और नाइजर बीज शामिल हैं, किसानों को उत्पादन लागत पर लगभग 50 प्रतिशत का मार्जिन मिलने की उम्मीद है।
--आईएएनएस
एससीएच
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