अमेरिकी रिपोर्ट में बड़ा दावा, चीन पर ईरान को हथियार और खुफिया मदद देने के आरोप
बीजिंग/तेहरान, 13 मई (आईएएनएस)। एक रिपोर्ट में कहा गया कि चीन पर यह आरोप है कि वह ईरान को अमेरिका की खाड़ी क्षेत्र में सैन्य तैनाती से जुड़ी खुफिया जानकारी देने के साथ-साथ निगरानी सिस्टम भी उपलब्ध करा रहा है। साथ ही, वह ईरान की हथियार बनाने की क्षमता बढ़ाने में भी मदद कर रहा है।
एशिया न्यूज पोस्ट की रिपोर्ट में कहा गया, “ईरान की सरकार को चीन द्वारा हथियार और तकनीक देना कोई नई बात नहीं है। लेकिन बीजिंग के सामने मुश्किल यह है कि उसे खाड़ी के दूसरे देशों के साथ भी अच्छे रिश्ते बनाए रखने हैं और साथ ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी नाराज नहीं करना है, खासकर राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाली उनकी तय बैठक से पहले।”
रिपोर्ट में आगे कहा गया, “चीन ऐसा जोखिम नहीं उठा सकता कि उसके रिश्ते यूएई, सऊदी अरब, कुवैत और बहरीन जैसे खाड़ी देशों से खराब हो जाएं। इन देशों पर मौजूदा युद्ध के दौरान ईरान ने मिसाइलें दागी थीं, जिनमें से कई या तो चीन की बनी थीं या फिर चीनी तकनीक से तैयार की गई थीं।”
अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा गया कि चीन आने वाले कुछ हफ्तों में ईरान को नए एयर डिफेंस सिस्टम देने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान शायद मौजूदा युद्धविराम के दौरान अपने हथियारों के भंडार को फिर से मजबूत करने में लगा है और इसमें उसके विदेशी सहयोगी मदद कर रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया, “अगर अब चीन पीछे हटता है, तो ईरान में उसकी पकड़ कमजोर पड़ सकती है। चीन ऐसा नहीं चाहता क्योंकि मध्य पूर्व में अमेरिका के प्रभाव का मुकाबला करने के लिए ईरान उसका बड़ा आधार माना जाता है। ऐसी भी खबरें हैं कि चीन हथियारों की खेप को तीसरे देशों के रास्ते भेजने की योजना बना रहा है, ताकि असली स्रोत छिपाया जा सके।”
रिपोर्ट के अनुसार, जिन सिस्टमों को चीन ईरान को देने की तैयारी कर रहा है, उनमें मैनपैड्स, यानी कंधे पर रखकर चलाए जाने वाले एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम शामिल हैं। ये कम ऊंचाई पर उड़ने वाले अमेरिकी सैन्य विमानों के लिए खतरा बन सकते हैं। ये मिसाइल सिस्टम इस्तेमाल में आसान होते हैं और फायर एंड फॉरगेट तकनीक पर काम करते हैं, यानी एक बार दागने के बाद इन्हें दोबारा नियंत्रित करने की जरूरत नहीं पड़ती।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया कि चीन ईरान को ऐसे मिसाइल सिस्टम दे सकता है।
एशियन न्यूज पोस्ट के मुताबिक, पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “अगर चीन ऐसा करता है, तो उसे बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।”
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ईरान की सेना आईआरजीसी को बीजिंग की एक सैटेलाइट सर्विस कंपनी के कमर्शियल ग्राउंड स्टेशन नेटवर्क तक पहुंच दी गई है। इस कंपनी का नेटवर्क एशिया के कई हिस्सों में फैला हुआ है। इसी सैटेलाइट ने मध्य पूर्व के कई एयरबेस और दूसरे ठिकानों की तस्वीरें ली थीं, जिन पर ईरान ने मिसाइल हमले किए थे। इनमें सऊदी अरब का प्रिंस सुल्तान एयर बेस भी शामिल है, जहां तैनात एक अमेरिकी विमान को नुकसान पहुंचा था।
बताया गया कि इस सैटेलाइट ने जॉर्डन के मुवाफ्फाक साल्ती एयर बेस, बहरीन की राजधानी मनामा में मौजूद अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय के आसपास के इलाकों और इराक के एरबिल एयरपोर्ट की गतिविधियों पर भी नजर रखी थी। आईआरजीसी ने दावा किया था कि इन जगहों को उसने अपने ऑपरेशन के दौरान निशाना बनाया था।
रिपोर्ट में कहा गया, “पश्चिमी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि चीन की कोई भी कंपनी सरकार की मंजूरी के बिना ईरान को ऐसी सैटेलाइट पहुंच नहीं दे सकती। चीनी अधिकारी ईरान को खुफिया मदद दे रहे हैं, लेकिन कोशिश यह है कि सरकार की सीधी भूमिका सामने न आए।”
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
कहीं आपका शरीर भी तो नहीं दे रहा ये संकेत? लिवर से हो सकता है कनेक्शन, ऐसे करें बचाव
नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग दिन भर थकान, कम ऊर्जा और कमजोरी महसूस करते रहते हैं। इन्हें सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट इसे नजरअंदाज न करने की सलाह देते हैं।
नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, यह लिवर की समस्या का संकेत भी हो सकता है। लिवर हमारे शरीर का प्राकृतिक डिटॉक्स सिस्टम है, जो शरीर से हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालकर हमें स्वस्थ और एनर्जी से भरपूर रखता है। जब लिवर ठीक से काम नहीं करता तो थकान, कमजोरी और ऊर्जा की कमी जैसे लक्षण दिखने लगते हैं।
लिवर स्वस्थ रहेगा तो पूरा शरीर स्वस्थ रहेगा। डॉक्टरों का सुझाव है कि अगर थकान लगातार बनी रहती है तो ब्लड टेस्ट करवाकर लिवर फंक्शन जांच जरूर कराएं। समय रहते छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके आप लिवर संबंधी समस्याओं से बच सकते हैं।
लिवर शरीर में कई महत्वपूर्ण कार्य करता है। यह भोजन को पचाने में मदद करता है, पोषक तत्वों को स्टोर करता है, शरीर से टॉक्सिन्स निकालता है और इम्युनिटी को भी मजबूत रखता है। जब लिवर पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है तो उसकी कार्यक्षमता घट जाती है, जिससे पूरे शरीर में थकान महसूस होती है। ऐसे में हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि अगर आप सुबह उठते ही थके हुए महसूस करते हैं, छोटे-छोटे कामों में भी सांस फूलती है या दिन में बार-बार ऊर्जा कम पड़ती है, तो इसे हल्के में न लें। यह लिवर से जुड़ी समस्या का शुरुआती संकेत हो सकता है।
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए एक्सपर्ट आसान उपाय सुझाते हैं- लिवर को हेल्दी रखने के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार लें, हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और दालें ज्यादा खाएं। चीनी, मैदा और प्रोसेस्ड फूड से बचें। पर्याप्त पानी पिएं, रोजाना कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना लिवर के लिए बहुत जरूरी है। यह शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करता है। इसके साथ ही नियमित व्यायाम करें, रोज 30-45 मिनट की वॉकिंग, योग या कोई भी व्यायाम लिवर को सक्रिय रखता है।
साथ ही, जंक फूड और नशे से दूरी बनाएं, फास्ट फूड, तला-भुना खाना और शराब का सेवन लिवर के लिए बेहद हानिकारक है। इनसे पूरी तरह परहेज करें। साथ ही स्वस्थ आदतें अपनाएं जैसे रात को जल्दी सोएं और सुबह जल्दी उठें। तनाव कम रखने के लिए ध्यान और प्राणायाम का अभ्यास करें।
--आईएएनएस
एमटी/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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