खुलासा: क्रूज खराब था, इंजन काम नहीं कर रहा था, फिर भी पानी में उतारा गया, रिसोर्ट मैनेजर के वायरल पत्र से मचा हडकंप
बरगी क्रूज हादसे में बड़ा खुलासा हुआ है। मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग का एक पत्र वायरल हो रहा है, जिसमें लिखा है… क्रूज खराब था, उसका इंजन काम नहीं कर रहा है, इसके बाद भी उसे पानी में उतारा गया। बुधवार को पर्यटन विभाग के एक वायरल पत्र ने पोल खोलकर रख दी थी। पत्र में लिखा हुआ है कि क्रूज पानी में उतारने लायक नहीं था, जिसकी जानकारी पहले से ही अधिकारियों को थी, इसके बाद भी पर्यटकों को बैठाकर डैम में उतारा, और फिर हादसे में 13 लोगों की जान चली गई।
दर असल 1 मार्च 2026 को मैकल रिसोर्ट बरगी मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम को लिखे गए पत्र में विषय दिया गया है, कि इकाई में उपलब्ध क्रम बोटों के सुधार कार्य बाबत। लिखा है कि उपरोक्त विषय एवं संदर्भ में की इकाई में दो क्रूज उपलब्ध है, जिसमें कि मैकल सुता क्रूज वर्ष 2006 में आया था, जिसे लगभग 20 वर्ष हो गए हैं, एवं दूसरा क्रूज रेवा वर्ष 2007 में आया जिसे लगभग 19 साल हो गए। दोनों क्रूज के इंजन में कई बार सुधार कार्य हो चुका है, किंतु अब यह बार-बार खराब होते हैं, जिस संबंध में अनेकों बार पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है।
जो क्रूज डूबा वो ख़राब था, दो महीने पहले चेताया था
पत्र में आगे लिखा है- रेवा क्रूज बोट 14 जनवरी 2025 को राउंड के दौरान दोनों इंजन बंद हो गए थे। हैदराबाद बोट बिल्डर द्वारा मेल के माध्यम से अवगत कराया गया कि इंजन काफी पुराने हो गए हैं एवं स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध नहीं हो पा रहे। अतः दोनों इंजन ही बदल जाना चाहिए। दूसरा क्रूज मैकल सुता चालू हालत में है, परंतु इसका भी एक इंजन ठीक तरह से लोड नहीं रहा है, जिस कारण क्रूज को किनारे लगाने में एवं राउंड पर निकलते समय काफी कठिनाई होती है। कभी-कभी तेज हवाओं में लहरों के चलते स्पीड बोट का सहारा लेकर निकलना एवं लगाना पड़ता है, एवं दूसरा इंजन जो अच्छे से लोड लेता है, वह कई बार स्टार्ट होने में समस्या करता है, इसकी सेल्फ की गरारी चढ़ जाती है, जिसका कारण से क्रूज बोट की सेवाएं बंद करनी पड़ती है। इसके पर्यटकों को द्वारा नाराजगी व्यक्त की जाती है।
दो महीने पहले बताया था इंजन बदला जाना जरूरी
मैनेजर की तरफ से लिखे गए इस पत्र में बताया गया है कि वर्तमान में इकाई में एक क्रूज मैकल सुता संचालित है, जिसका इंजन का सुधार कार्य कराया जाना आवश्यक है, अन्यथा कि स्थिति में क्रूज चलाना किसी भी समय बंद करना पड़ सकता है। पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले एवं वर्तमान में क्रूज के चलन को ध्यान में रखते हुए सुधार कर अथवा इंजन बदला जाना अति आवश्यक है, जिससे इकाई को वर्तमान में हो रही वित्तीय हानि की पूर्ति पर्यटक सीजन में की जा सके।
बड़ा सवाल, 13 मौतों का जिम्मेदार कौन?
उल्लेखनीय है कि बरगी क्रूज हासदा जिसमें 13 पर्यटकों की जान गई थी उसके बाद से उसकी जाँच चल रही है, इस दरमियान ये पत्र भी सामने आया है, इस मामले में हमने संबंधित अधिकारियों विभाग से बात करना चाही, पर उन्होंने फोन नहीं उठाया। मैकल रिजॉर्ट प्रबंधन में सिर्फ एक बार नहीं बल्कि कई बार अधिकारियों को खतरे के बारे में बताया था। पत्र क्रमांक 45,108 और 169 में लगातार इंजन की हालत खराब हालत और उन्हें बदलने का जिक्र भी किया गया था, इसके बावजूद भी मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, अब ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है, कि जब एमपीटी के क्षेत्रीय प्रबंधक को इस पूरी स्थिति की जानकारी तो फिर पर्यटकों को जानलेवा क्रूज पर यात्रा करने के लिए क्यों भेजा गया? आखिर 13 मौतों का जिम्मेदार कौन है ?
लू और गर्मी के लिए रामबाण है ये देसी चटनी 'अमझोरा', 10 मिनट में हो जाती है तैयार
गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा रखने के लिए लोग देसी खानपान का सहारा लेते हैं. देवघर और आसपास के इलाकों में कच्चे आम से बनने वाली खास चटनी 'अमझोरा' काफी पसंद की जाती है. यह स्वादिष्ट होने के साथ शरीर को ठंडक पहुंचाने में भी मदद करती है. गर्मी और लू के दिनों में अमझोरा खाने से पेट को राहत मिलती है और पाचन भी बेहतर रहता है. अमझोरा बनाना भी काफी आसान है. इसके लिए कच्चे आम को उबालकर उसका गूदा निकाल लिया जाता है. फिर इसमें पुदीना, भुना धनिया, सूखी लाल मिर्च और स्वादानुसार गुड़ या चीनी मिलाई जाती है. अंत में थोड़ा सरसों का तेल डालने से इसका स्वाद और बढ़ जाता है. यह स्वादिष्ट चटनी करीब 10 मिनट में तैयार हो जाती है.
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