PM Modi: वैश्विक संकट के बीच पीएम मोदी ने पेश की मिसाल, काफिले में दिखी सिर्फ दो गाड़ियां
PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में दिए भाषण के दौरान ऊर्जा संरक्षण की अपील की थी। मध्य पूर्व में बने हालातों के कारण दुनिया ऊर्जा संकट और व्यापारिक नुकसान का सामना कर रही है। भारत भी इससे प्रभावित हुआ है क्योंकि देश ईरान और रूस समेत अन्य देशों से क्रूड ऑयल का आयात करता है। इस बीच प्रधानमंत्री ने तेल बचाने और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील की। अब सरकार और BJP के वरिष्ठ नेता इस अपील पर अमल करते नजर आ रहे हैं।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि उनके लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है। उनका जीवन और नेतृत्व सदैव सादगी, अनुशासन और जनसेवा की भावना से प्रेरित रहा है।
— Parvesh Sahib Singh (@p_sahibsingh) May 13, 2026
आज जब पूरा विश्व ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों के… pic.twitter.com/wRIYtsDTm1
काफिले का आकार घटाया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी अपील को व्यवहार में लाते हुए अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या काफी कम कर दी है। अब उनके काफिले में केवल दो गाड़ियां दिखाई दे रही हैं। एसपीजी प्रोटोकॉल के अनुसार सुरक्षा के सभी आवश्यक मानकों को बनाए रखते हुए यह कमी की गई है। पहले प्रधानमंत्री के काफिले में 12-15 गाड़ियां होती थीं, जिनमें बख्तरबंद मर्सिडीज-मेबैक S650, रेंज रोवर्स, टोयोटा फॉर्च्यूनर, एस्कॉर्ट वाहन, जैमर यूनिट, डिकॉय कारें और एंबुलेंस शामिल रहती थीं। बुधवार को जारी तस्वीरों में इस बदलाव की पुष्टि हुई है।
अमित शाह और BJP अध्यक्ष ने भी कम किए वाहन
गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या घटा दी है। सुबह उनके काफिले में केवल चार गाड़ियां दिखाई दीं। BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर दी है। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री की इस पहल की सराहना की। उन्होंने लिखा कि नरेंद्र मोदी जी ने काफिले में वाहनों की संख्या कम करके साबित किया है कि वे सही मायने में देश के 'प्रधानसेवक' हैं।
Modi Government: कोयले से बनेगी गैस, किसानों को मिलेंगे 260000 करोड़, मोदी सरकार ने लिए 4 बड़े फैसले
Modi Government: केंद्र सरकार ने बुधवार को किसानों के हित में महत्वपूर्ण घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस मद पर कुल 2,60,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि कुल चार बड़े निर्णय लिए गए। इन फैसलों से कृषि, ऊर्जा, रेलवे और हवाई अड्डा क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है।
एमएसपी बढ़ोतरी से किसानों को राहत
खरीफ सीजन की फसलों पर एमएसपी बढ़ाने का फैसला किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। मौसम की प्रतिकूलताओं और वैश्विक चुनौतियों के कारण पहले से ही परेशान किसान समुदाय को इस कदम से आर्थिक सहारा मिलेगा। कैबिनेट ने 14 खरीफ फसलों के एमएसपी में वृद्धि की है। सबसे अधिक बढ़ोतरी सूरजमुखी के बीजों पर हुई है, जिसका एमएसपी अब 622 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। सरकार का यह कदम कृषि आय बढ़ाने और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को मजबूत करेगा।
कोल गैसिफिकेशन
दूसरा बड़ा फैसला कोल गैसिफिकेशन स्कीम से जुड़ा है। सरकार ने इस योजना के लिए 37,500 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। स्कीम का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2030 तक कोयले से 100 मिलियन टन गैस का उत्पादन करना है, जो स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण और आत्मनिर्भर ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
रेलवे प्रोजेक्ट को मंजूरी
तीसरे फैसले के तहत गुजरात के सरखेज और ढोलेरा के बीच सेमी हाई स्पीड रेलवे की डबल लाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए 20,667 करोड़ रुपये की लागत स्वीकृत की गई है। इस परियोजना से अहमदाबाद-ढोलेरा के बीच कनेक्टिविटी तेज होगी और ढोलेरा में विकसित हो रहे एयरपोर्ट के यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी। परियोजना का लक्ष्य 2030-31 तक पूरा करना है।
नागपुर एयरपोर्ट का विकास
चौथा प्रमुख निर्णय नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अपग्रेडेशन से संबंधित है। एयरपोर्ट को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने की योजना है, जिससे क्षेत्रीय हवाई यातायात को बढ़ावा मिलेगा। कुल मिलाकर इन फैसलों से आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे के विस्तार को गति मिलेगी। किसानों से लेकर उद्योग जगत तक सभी वर्गों को इन घोषणाओं से फायदा पहुंचने की संभावना है।
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