चीन में प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्रों में चिह्नों के लिए राष्ट्रीय मानक लागू होगा
बीजिंग, 12 मई (आईएएनएस)। चीन में प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्रों में चिह्नों के लिए सामान्य आवश्यकतों का राष्ट्रीय मानक इस साल के अगस्त में प्रभावी होगा। चीनी राष्ट्रीय मानकीकरण प्रशासन ने 11 मई को इसकी जानकारी दी।
बताया जाता है कि प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्रों को उनके पारिस्थितिक महत्व और संरक्षण की तीव्रता के घटते क्रम में राष्ट्रीय उद्यान, प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्र और प्राकृतिक पार्क में वर्गीकृत किया गया है।
वहीं, प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्र के चिह्न का मतलब है कि प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्रों के भीतर और आसपास क्षेत्रों में लगाए गए विभिन्न संकेत, चिह्न और दिशासूचक हैं। इसका प्रयोग यात्रियों को मार्गदर्शन देने और सुरक्षा संबंधी जानकारी प्रदान करने के लिए किया जाता है, जो एक व्यवस्थित दृश्य प्रतीक प्रणाली है।
प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्रों में चिह्नों के लिए सामान्य आवश्यकता के अनुसार पूरे चीन में करीब 10 हजार प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्रों में लगाए गए चिह्नों का मानकीकृत प्रबंधन किया जाएगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
चीन-अमेरिका संबंधों के बारे में धारणाओं पर सीजीटीएन का ग्लोबल सर्वे
बीजिंग, 12 मई (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 13 से 15 मई तक चीन की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। सीजीटीएन ने चीन के रेनमिन विश्वविद्यालय के सहयोग से इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल कम्युनिकेशन स्टडीज इन द न्यू एरा के माध्यम से चीन-अमेरिका संबंधों पर एक वैश्विक सर्वेक्षण किया।
इस सर्वेक्षण में विश्व भर के 39 देशों के 12,302 उत्तरदाताओं को शामिल किया गया। ऑनलाइन पैनल के माध्यम से किए गए इस सर्वेक्षण में 18 से 65 वर्ष की आयु वर्ग के उत्तरदाताओं को लक्षित किया गया था। नमूना प्रत्येक देश के राष्ट्रीय जनगणना आंकड़ों के आयु और लिंग वितरण से मेल खाने के लिए तैयार किया गया था और इसमें ग्लोबल साउथ के प्रतिनिधि देशों के साथ-साथ प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं को भी शामिल किया गया था।
मुख्य निष्कर्ष इस प्रकार हैं-
विश्व भर में 75 प्रतिशत से अधिक उत्तरदाताओं का मानना है कि चीन-अमेरिका के स्वस्थ और स्थिर संबंध अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। विकासशील देशों के उत्तरदाताओं में यह सहमति 78.3 फीसदी तक पहुंचती है। इसके अतिरिक्त, अमेरिका में 76.7 फीसदी उत्तरदाता इस दृष्टिकोण से सहमत हैं।
विश्व भर में 67.9 फीसदी उत्तरदाताओं का मानना है कि चीन और अमेरिका पारस्परिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं, और दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव का समाधान असंभव नहीं है। विकासशील देशों और अमेरिका दोनों के उत्तरदाताओं ने इस मुद्दे पर 72.8 फीसदी की सहमति दिखाई, जो वैश्विक औसत से अधिक है।
विश्व स्तर पर 74.6 फीसदी उत्तरदाताओं का मानना है कि चीन-अमेरिका व्यापार का मूल तत्व पारस्परिक लाभ और लेन-देन है और सहयोग दोनों पक्षों के लिए लाभदायक है, जबकि टकराव दोनों को नुकसान पहुंचाता है। विकासशील देशों के उत्तरदाताओं में यह सहमति 78.2 प्रतिशत तक पहुंचती है। अमेरिका में, 75.3 प्रतिशत उत्तरदाता इस दृष्टिकोण से सहमत हैं, जो वैश्विक औसत से अधिक है।
78.6 फीसदी उत्तरदाताओं का मानना है कि चीन और अमेरिका को आपसी सम्मान के आधार पर संवाद को मजबूत करना चाहिए ताकि गलतफहमियों को कम किया जा सके। विकासशील देशों के उत्तरदाताओं में यह सहमति 81.8 प्रतिशत तक पहुंचती है। अमेरिका में 78.3 फीसदी उत्तरदाता इस विचार से सहमत हैं।
विश्व भर में 77.9 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि चीन-अमेरिका संबंधों में आर्थिक और व्यापारिक संबंध संघर्ष के स्रोत के बजाय स्थिरता लाने वाले कारक के रूप में कार्य करने चाहिए। विकासशील देशों के उत्तरदाताओं में यह सहमति 81.5 फीसदी तक पहुंच जाती है। अमेरिका में 76.4 फीसदी उत्तरदाता इस विचार से सहमत हैं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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