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मौजूदा सरकार गरीबों, किसानों और उद्योगों के हित में काम कर रही है: मनसुख मांडविया

मुंबई, 12 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को कहा कि सरकार की आर्थिक विकास नीति गरीबों, किसानों, उद्योगों और श्रमिकों के हितों में संतुलन बनाने पर केंद्रित है।

उन्होंने कहा कि भारत के दीर्घकालिक विकास के लिए उद्योग और श्रमिकों का साथ-साथ आगे बढ़ना बेहद जरूरी है।

सीआईआई एनुअल बिजनेस समिट 2026 में आयोजित नेक्स्ट-जनरेशन लेबर रिफॉर्म्स विषय पर विशेष सत्र को संबोधित करते हुए मांडविया ने कहा कि सरकार ऐसा विकास मॉडल तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो उद्योगों के अनुकूल होने के साथ-साथ श्रमिकों के हितों का भी ध्यान रखे।

उन्होंने कहा, हमारी सरकार गरीबों और किसानों के हित में काम करने वाली सरकार है, लेकिन यह उद्योगों के अनुकूल भी है।

मंत्री ने आगे कहा, जरूरी है कि हम उद्योग समर्थक और श्रमिक समर्थक दोनों सोच के साथ आगे बढ़ें। उद्योग और श्रमिकों को एक-दूसरे से जुड़कर साझा भविष्य की ओर बढ़ना होगा।

केंद्रीय मंत्री मांडविया ने आगे कहा कि देश में टिकाऊ आर्थिक विकास तभी संभव है, जब उद्योगों की प्रगति और श्रमिकों का विकास साथ-साथ हो।

सम्मेलन के दौरान भारत की कार्यशक्ति की बदलती भूमिका और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य पर भी चर्चा हुई।

एक अन्य सत्र में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि भारत के कामकाजी वर्ग की बढ़ती खरीद क्षमता घरेलू मांग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के विकास में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

उन्होंने कहा, भारतीय कामकाजी वर्ग की बेहतर होती खरीद क्षमता घरेलू खपत को बढ़ाएगी, जिससे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती मिलेगी और भारत विकसित व आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

सम्मेलन में उद्योग जगत के नेताओं ने कहा कि बदलते वैश्विक माहौल में भारत को आर्थिक बदलाव के अगले चरण के लिए तैयार रहना होगा।

सीआईआई के पूर्व अध्यक्ष और कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय कोटक ने कहा कि पिछले कुछ दशकों में भारत की विकास यात्रा शानदार रही है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि देश को महत्वाकांक्षी और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहना चाहिए।

उन्होंने कहा, पिछले कुछ दशकों में भारत की विकास यात्रा उल्लेखनी रही है, लेकिन यह महत्वाकांक्षी, अनुशासित रहने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का भी समय है।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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NEET UG Exam Cancelled: SOG की जांच, Whatsapp से पेपर सर्कुलेट...क्या है NEET UG पेपर लीक मामला?

NEET UG Exam Cancelled: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है. पेपर लीक के गंभीर आरोपों और छात्रों के बढ़ते विरोध के बीच सरकार ने इस परीक्षा को रद्द करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है. 3 मई 2026 को आयोजित हुई इस परीक्षा पर शुरुआत से ही सवाल उठ रहे थे. अब इस पूरे मामले की कमान सीबीआई को सौंप दी गई है, जो इस पूरे नेटवर्क और इसके पीछे छिपे मास्टरमाइंड का पता लगाएगी. यह फैसला लाखों छात्रों के भविष्य और परीक्षा की पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए लिया गया है.

राजस्थान बना पेपर लीक का केंद्र

नीट परीक्षा में धांधली की जड़ें राजस्थान से जुड़ी पाई गई हैं. जांच के दौरान यह बात सामने आई कि परीक्षा से पहले ही कुछ छात्रों के पास हाथ से लिखा हुआ एक गेस पेपर पहुंच गया था. ताज्जुब की बात यह है कि इस गेस पेपर में दिए गए सवालों का मिलान जब असली पेपर से किया गया, तो केमिस्ट्री विषय के करीब 120 सवाल हूबहू मैच हो गए. राजस्थान के सीकर और झुंझुनू जैसे इलाकों में यह पेपर पीडीएफ के रूप में तेजी से वायरल हुआ था. स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी एसओजी ने जब इस मामले की तहकीकात शुरू की, तो पता चला कि यह पेपर कई फोटोकॉपी की दुकानों और ई-मित्र केंद्रों पर भी पहुंच चुका था.

एसओजी की कार्रवाई और संदिग्धों से पूछताछ

राजस्थान एसओजी ने इस मामले में अब तक 20 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है. जांच एजेंसियों ने देहरादून, सीकर और झुंझुनू से कई संदिग्धों को पकड़ा है. खबरों के मुताबिक, करीब 150 पन्नों का एक गेस पेपर वायरल हुआ था जिसमें कुल 410 सवाल थे. एसओजी अधिकारियों का कहना है कि यह एक बेहद गंभीर मामला है क्योंकि सवाल दो दिन पहले ही छात्रों के WhatsApp पर पहुंच गए थे. सूत्रों के अनुसार, यह गेस पेपर केरल के एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे छात्र ने राजस्थान में अपने एक दोस्त को भेजा था. अब पुलिस और एजेंसियां इन कड़ियों को जोड़कर मुख्य आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं.

यह भी पढ़ें: NEET-UG 2026: NTA की परीक्षा कैंसल होने पर मचा बवाल, NSUI का प्रदर्शन, सड़कों पर उतरकर नारेबाजी

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Spiorts Ministry NSDF Fund: खेल मंत्रालय के अंतर्गत खिलाड़ियों को बेहतर ट्रेनिंग और स्पोर्ट्स इंफास्ट्रक्चर देने के लिए बने NSDF Fund का पैसा अफसरों की कॉलोनियों और क्लबों पर खर्च होने का मामला सामने आया है. RTI और सरकारी रिकॉर्ड्स के मुताबिक 2021 से 2025 के बीच करोड़ों रुपये न्यू मोती बाग और दूसरे सिविल सर्विसेज ऑफिसर्स क्लब को दे दिए गए. इन पैसों से लक्जरी स्पोर्ट्स फैसिलिटी बनाई गई, जिसमें सिर्फ VIP ही एंट्री कर सकते हैं. Thu, 14 May 2026 14:25:17 +0530

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