एक इंटरव्यू में अधिकारी की नौकरी का मौका! यह डॉक्यूमेंट लेकर पहुंचें बिहार के इस जॉब कैंप में
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CWG 2026: भिवानी की सीमा कालीरमन ने जीता ब्रॉन्ज, शादी-मातृत्व के बाद कैसे की दमदार वापसी? बेटे के 4 शब्द बने सबसे बड़ी ताकत
Commonwealth Games 2026: स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हरियाणा के भिवानी की डिस्कस थ्रोअर सीमा कालीरमन ने भारत को कांस्य पदक दिलाकर देश का गौरव बढ़ाया। 27 वर्षीय सीमा ने महिला डिस्कस थ्रो फाइनल में 58.65 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर ब्रॉन्ज अपने नाम किया।
खास बात यह है कि शादी और मातृत्व के कारण दो साल खेल से दूर रहने के बावजूद उन्होंने शानदार वापसी की। उनका कहना है कि उनके 4 साल के बेटे रुद्र के 'Very Good मम्मी' जैसे मासूम शब्द और पति रविंद्र का साथ इस सफलता की सबसे बड़ी ताकत बने।
मुकाबले में 4 फाउल के बाद भी पक्का किया पदक
ग्लासगो में आयोजित फाइनल स्पर्धा काफी रोमांचक और दबाव भरी रही। सीमा को कुल छह प्रयास मिले, जिनमें से उनके चार थ्रो फाउल करार दिए गए। हालांकि, शुरुआती झटकों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अपने दूसरे प्रयास में 57.32 मीटर का थ्रो कर वह तीसरे स्थान पर पहुँचीं और तीसरे प्रयास में 58.65 मीटर का थ्रो करके अपना कांस्य पदक पक्का कर लिया। स्पर्धा में जमैका की सामंथा हॉल ने स्वर्ण और कनाडा की जूलिया टंक्स ने रजत पदक हासिल किया।
4 साल के बेटे की प्रोत्साहन भरी आवाज
मैदान पर वापसी के अपने संघर्ष को याद करते हुए सीमा ने बताया कि प्रेग्नेंसी और शादी के बाद दो सीजन तक खेल से दूर रहना पड़ा था। बेटे के जन्म के महज 11 महीने बाद उन्होंने दोबारा कड़ी ट्रेनिंग शुरू की। ट्रेनिंग के दौरान जब भी वह अच्छा थ्रो करती हैं, तो उनका 4 साल का बेटा रुद्र 'हां मम्मी, बहुत अच्छे... वेरी गुड' बोलकर उनका हौसला बढ़ाता है। सीमा के अनुसार, बेटे के यही मासूम शब्द उनके लिए सबसे बड़ा मोटिवेशन साबित हुए।
पति बने कोच और पढ़ाई के साथ खेल में लहराया परचम
सीमा के खेल करियर को संवारने में उनके पति रविंद्र की अहम भूमिका रही है, जो खुद राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रह चुके हैं। चोट के कारण अपना करियर आगे न बढ़ा पाने वाले रविंद्र ने अपनी पत्नी के निजी कोच की जिम्मेदारी संभाली और उनकी फिटनेस व तकनीक पर दिन-रात काम किया। सीमा न केवल खेल में देश का नाम रोशन कर रही हैं, बल्कि वह चौधरी बंसी लाल यूनिवर्सिटी से फिजिकल एजुकेशन में पीएचडी भी कर रही हैं। इससे पहले वह भुवनेश्वर में नेशनल इंटर-स्टेट एथलेटिक्स मीट में 59.73 मीटर के करियर बेस्ट थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं, जिसके दम पर उन्होंने 2026 एशियन गेम्स के लिए भी क्वालिफाई किया है।
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