अब सिर्फ 5 रुपये में मिलेगा बिजली कनेक्शन! 14 मई से शुरू होगा ‘संपर्क अभियान 2026’
मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब गांवों में रहने वाले उपभोक्ताओं को मात्र 5 रुपये में घरेलू बिजली कनेक्शन दिया जाएगा। इसके लिए मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी 14 मई से ‘संपर्क अभियान 2026’ शुरू करने जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य लोगों तक बिजली सेवाओं को आसान और तेज तरीके से पहुंचाना है।
कंपनी के प्रबंध संचालक ऋषि गर्ग ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान उपभोक्ताओं की शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाए। राजगढ़ वृत्त कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि बिजली विभाग को अब ज्यादा उपभोक्ता-केंद्रित तरीके से काम करना होगा ताकि लोगों को परेशानी न हो।
ग्रामीण इलाकों में सिर्फ 5 रुपये में मिलेगा कनेक्शन
इस अभियान की सबसे बड़ी खास बात यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मांग पर केवल 5 रुपये में घरेलू बिजली कनेक्शन दिया जाएगा। इससे उन गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, जिनके घर अब तक बिजली नहीं पहुंच पाई है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अभियान शुरू होने से पहले गांव-गांव जाकर सर्वे किया जाए और जिन लोगों को बिजली संबंधी परेशानी है, उनका समाधान पहले से तैयार रखा जाए। इससे शिविरों में लोगों को बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
शिविरों में तुरंत होगा समस्याओं का समाधान
‘संपर्क अभियान 2026’ के दौरान लगाए जाने वाले शिविरों में उपभोक्ताओं की कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। इनमें शामिल हैं—
बिजली बिल संबंधी शिकायतें
नाम परिवर्तन
भार वृद्धि
ई-केवाईसी
खराब मीटर बदलना
स्मार्ट मीटर शिकायत
वोल्टेज समस्या
ट्रांसफार्मर खराब होने की शिकायत
बकायादार उपभोक्ताओं को भी मिलेगा लाभ
बैठक में समाधान योजना 2025-26 को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि 15 मई से पहले ज्यादा से ज्यादा बकायादार उपभोक्ताओं को योजना का लाभ दिलाया जाए। इससे लोग आसान किस्तों और राहत के साथ अपने पुराने बिल जमा कर सकेंगे। कंपनी का मानना है कि इससे बिजली बिल वसूली भी बढ़ेगी और उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ भी कम होगा।
ट्रांसफार्मर और सुरक्षा व्यवस्था पर भी फोकस
प्रबंध संचालक ऋषि गर्ग ने 33/11 केवी सबस्टेशनों की समय पर मरम्मत करने के निर्देश दिए। साथ ही ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और फायर सेफ्टी उपकरणों की नियमित जांच करने को कहा गया।
लाइनकर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी सख्ती दिखाई गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी कर्मचारी सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। इसके अलावा बिजली चोरी रोकने के लिए भी विशेष अभियान चलाया जाएगा।
उज्जैन में बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे कई क्लिनिक और अस्पताल, स्वास्थ्य विभाग की टीम कर रही पड़ताल
उज्जैन में 11 साल की छात्रा की ऑपरेशन के दौरान हुई मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग सजग हो गया है। कलेक्टर की ओर से जारी किए गए निर्देश के बाद पांच अलग-अलग टीमें बनाई गई है। यह टीम में शहर के अस्पतालों और क्लिनिकों की जांच कर रही हैं।
इन टीमों द्वारा की जा रही जांच में यह सामने आया है कि 38 अस्पताल और क्लिनिक कैसे हैं, जो बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहे हैं। इन सभी को नोटिस जारी करते हुए आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
चल यही डॉक्टरों की डिग्री की जांच
जब से 11 वर्षीय लड़की की मौत का मामला सामने आया है। उसके बाद कलेक्टर रोशन सिंह ने शहर के सभी अस्पताल और क्लिनिक की जांच करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद से शहर के अलग-अलग हिस्सों में टीमों ने अस्पतालों क्लिनिक की जांच करना शुरू कर दिया। इस जांच के दौरान रजिस्ट्रेशन से लेकर दस्तावेज और डॉक्टरों की डिग्री देखी जा रही है।
नियम विरुद्ध चल रहे अस्पताल
इस जांच के दौरान ही सामने आया है कि रविवार को 10 और सोमवार को 28 अस्पताल और क्लिनिक ऐसे पाए गए हैं, जो नियम विरुद्ध संचालित हो रहे हैं। इन सभी को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और निर्देश दिए गए हैं कि यह तुरंत अपना वेध पंजीयन करवा लें। निर्धारित समय में पंजीयन नहीं करने पर संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
मौके से गायब हुए डॉक्टर
बता दें कि जांच के दौरान कुछ जगह ऐसी भी पाई गई। जहां टीम के पहुंचने से पहले ही डॉक्टर अपना क्लीनिक बंद कर मौके से चले गए। इस तरह के संचालकों के खिलाफ भी सीएमएचओ ने कार्रवाई करने की बात कही है। अब स्वास्थ्य विभाग के टीम द्वारा मंगलवार को दोबारा जांच अभियान चलाया जाएगा।
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