महाराष्ट्र के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता नितेश राणे ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) पर तीखा हमला बोला है। यह हमला पार्षद मतीन मजीद पटेल पर नासिक टीसीएस मामले में मुख्य आरोपी निदा खान को पनाह देने के आरोप के बाद किया गया है। राणे के इस बयान ने एक नया राजनीतिक बवाल खड़ा कर दिया है, क्योंकि उन्होंने एआईएमआईएम को आतंकवादी संगठन करार दिया और इसके प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और ओसामा बिन लादेन के बीच विवादास्पद तुलना की। उन्होंने दावा किया कि ओसामा बिन लादेन के नेतृत्व में अल-कायदा द्वारा किए जाने वाले काम को अब ओवैसी एआईएमआईएम के माध्यम से दोहरा रहे हैं।
राणे ने मीडिया से कहा कि एआईएमआईएम एक आतंकवादी संगठन है। ओसामा बिन लादेन और असदुद्दीन ओवैसी में कोई अंतर नहीं है। ओसामा बिन लादेन अल-कायदा के माध्यम से जो काम करता था, वही काम अब असदुद्दीन ओवैसी एआईएमआईएम के माध्यम से कर रहे हैं। राणे ने अपने निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी के योगदान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एआईएमआईएम नेताओं ने सत्ता में आने के बाद से बहुत कम काम किया है और कहा कि उनकी राजनीतिक रणनीति एक ही विचार तक सीमित है। उ
नके अनुसार, उनके घोषणापत्र में केवल एक ही बिंदु है, जिसे उन्होंने जिहाद छेड़ने का एजेंडा बताया। मंत्री ने आगे मांग की कि ओवैसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। उन्होंने पीएफआई पर लगाए गए प्रतिबंध का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह हमने पीएफआई पर प्रतिबंध लगाया, उसी तरह एआईएमआईएम पर भी प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आरोपी निदा खान से जुड़े मामले में एआईएमआईएम पार्षद मतीन मजीद पटेल पर तीखी टिप्पणी की।
निदा खान की अग्रिम जमानत अदालत ने खारिज कर दी थी। फडणवीस ने कहा कि जांच जारी है और कथित साजिश के पीछे के लोगों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की छानबीन की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि एआईएमआईएम पार्षद (मतीन मजीद पटेल) का निदा खान को छिपाने में हाथ था। इस सब के पीछे कौन था, इसका पता लगाया जाएगा। क्या वे धर्मांतरण रैकेट में शामिल थे? क्या उन्होंने मदद की? इसका खुलासा होगा।
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Foreign Destination Wedding Cost: पीएम मोदी ने कुछ समय पहले लोगों से विदेश की बजाय भारत में शादी करने की अपील की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर साल 4-5 हजार भारतीय परिवार विदेशों में शादी करते हैं, जिन पर ₹75 हजार करोड़ से ₹1 लाख करोड़ तक खर्च होता है। सरकार का मानना है कि अगर ये पैसा भारत में खर्च हो तो होटल, टूरिज्म और लाखों लोगों को फायदा मिलेगा।
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