Responsive Scrollable Menu

फिल्म बंदर का टीजर रिलीज:रेट्रो लुक में दिखे बॉबी देओल, असल घटना पर आधारित, अनुराग कश्यप ने की डायरेक्ट; 5 जून को आएगी

बॉबी देओल की अपकमिंग फिल्म बंदर का टीजर जारी हो चुका है। 1 मिनट 29 सेकंड के टीजर में बॉबी देओल समर नाम के पहचान खो रहे एक्टर के किरदार में नजर आ रहे हैं, जिसकी जिंदगी एक केस से हमेशा के लिए बदल जाती है। कैसा है फिल्म का टीजर टीजर की शुरुआत 70 के दशक के डिस्को अवतार से रिमैजिन रेट्रो स्टाइल सॉन्ग ‘कम ऑन बेबी, दिल किसको देगी’ से होती है। इसके बाद बॉबी देओल के किरदार का परिचय होता है। बॉबी ने समर नाम के एक ऐसे एक्टर का किरदार निभाया है, जो किसी जमाने में स्टार था और अब पहचान बनाए रखने के लिए जद्दोजहद कर रहा है। बदलते दौर में अब समर शादियों में परफॉर्म करता है, जिसके बाद एक-एक कर फिल्म के दूसरें किरदारों का परिचय होता है। सबा आजाद ने फिल्म में बॉबी देओल की डेट का रोल निभाया है। सपना पब्बी उनकी एक्स के रोल में है। टीजर में ट्विस्ट तब आता है जब एक रोज अचानक समर की गिरफ्तारी होती है। टीजर में कुछ जेल सीन और कोर्ट के सीन भी शामिल किए गए हैं। फिल्म की कहानी समर के इर्द-गिर्द है, जो संगीन आरोप लगने के बाद खुद को बेगुनाह साबित करने की मशक्कत करता है। यहां से जो सामने आता है, वो उस कहानी की झलक है जो शुरुआत में दिखने वाली चीजों से कहीं ज्यादा बड़ी और उलझी हुई है। इस फिल्म को देव डी, ब्लैक फ्राइडे, अगली और गैंग्स ऑफ वासेपुर जैसी फिल्में बना चुके अनुराग कश्यप ने डायरेक्ट किया है। ये बॉबी और अनुराग की पहली फिल्म है। फिल्म में बॉबी देओल, सपना पब्बी, सबा आजाद के अलावा सान्या मल्होत्रा, राज बी शेट्टी और रिद्धी सेन जैसे एक्टर्स भी हैं। असल घटना पर आधारित है फिल्म बंदर फिल्म बंदर भारत में हुई एक असल घटना पर आधारित है। फिल्म का लेखन सुदीप शर्मा और अभिषेक बनर्जी ने मिलकर किया है, जो पाताल लोक, कोहरा और उड़ता पंजाब जैसी बेहतरीन कहानियों के पीछे की मशहूर जोड़ी है। अनुराग कश्यप के डायरेक्शन और निखिल द्विवेदी की 'सैफरन मैजिकवर्क्स' के प्रोडक्शन में बनी यह फिल्म जी स्टूडियोज के सपोर्ट के साथ 5 जून 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

Continue reading on the app

मीठा-मीठा गप, कड़वा-कड़वा थू, संवैधानिक मर्यादाओं को तोड़ता विपक्ष

पश्चिम बंगाल के साथ पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के पश्चात् जो तस्वीर निर्मित हुई है, वह कड़वाहट और मिठास दोनों का ही स्वाद दे रही है। विपक्ष के राजनीतिक दल जहाँ एक ओर तमिलनाडु और केरल के मनमाफिक परिणाम देखकर मिठास का स्वाद ले रहा है, वहीं पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणाम को सभी विपक्षी दल भाजपा की प्रायोजित जीत के रूप में प्रचारित करने का असंवैधानिक कार्य कर रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी को इस बार जनता ने विपक्ष में बैठने का जनादेश दिया है, लेकिन ममता बनर्जी कुर्सी से चिपके रहने के अंदाज में पराजय को स्वीकार करने का मानस नहीं बना पा रही हैं।
 
लोकतान्त्रिक मर्यादा के तहत उनको मुख्यमंत्री की कुर्सी का त्याग करना चाहिए। लेकिन ममता बनर्जी ऐसा न करके एक प्रकार से लोक के निर्णय को ठेंगा दिखाने का कार्य कर रही हैं। खास बात यह है कि विपक्ष के कुछ अन्य दल भी तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी के इस कदम का समर्थन करती हुई लग रही हैं। लोकतंत्र में विरोध करने का सभी को अधिकार है, लेकिन यह विरोध संवैधानिक मर्यादायों के तहत ही होना चाहिए।

इसे भी पढ़ें: Suvendu Adhikari को Giant Killer और भूमिपुत्र के रूप में देखती है जनता, Bengal में BJP को अपने पैरों पर खड़ा करके दिखा दिया

देश के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है, ज़ब चुनाव में पराजित हो जाने के बाद मुख्यमंत्री अपना त्याग पत्र देने से मना कर रहा है, ममता बनर्जी का यह रवैया निश्चित ही जनमत के साथ विश्वासघात ही कहा जाएगा। लोकतंत्र का असली आशय यही होता है कि जनता अपने बीच में से अपने प्रतिनिधि चुनकर अपनी सरकार बनाती है। जनता ने जनादेश दे दिया है। विपक्ष को भी यह स्वीकार करना चाहिए। पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणाम यह संदेश प्रवाहित कर रहे हैं कि अब देश में तुष्टिकरण के दिन ख़त्म हो गए हैं। जनता भी ऐसा ही चाहती है। मजेदार तथ्य यह है कि बंगाल के चुनाव के साथ ही पांच राज्य असम, केरल, तमिलनाडु और पंडिचेरी में भी चुनाव हुए असम को छोड़ दिया जाए तो सभी राज्यों में परिणाम सत्ता के विरोध में ही आए, लेकिन सवाल यह है कि इन राज्यों के परिणाम पर कोई आरोप नहीं लगा रहा। इसके पीछे यही कारण माना जा रहा कि वहां भाजपा नहीं जीती। भाजपा की जीतना विपक्ष को कभी नहीं पचा। विपक्ष का व्यवहार ऐसा होता जा रहा है जैसे ये केवल सत्ता के लिए ही बने हैं। चुनाव में जय पराजय होती ही है, केवल एक को ही विजय मिलती है।

पश्चिम बंगाल के बारे में यह सभी जानते हैं कि ममता सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार चरम पर था। जनता भी इस भ्रष्टाचार से त्रस्त रही और प्रशासनिक अधिकारी भी। इसी के चलते तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के विरोध में एक राजनीतिक हवा बनी। भाजपा ने अपने प्रचार के दौरान ममता के भ्रष्टाचार को लेकर जमकर हमला बोला। इसके विपरीत विपक्ष के अन्य दल भी इन मुद्दों पर मुखर रहे। कांग्रेस ने सार्वजनिक रूप से ममता को निशाने पर लिया। इसका आशय स्पष्ट है कि पश्चिम बंगाल में ममता सरकार के विरोध में लहर थी। दूसरी एक और प्रमुख बात यह भी है कि पश्चिम बंगाल में पिछले जितने भी चुनाव हुए, उनमें हिंसा के माध्यम से मतदाताओं को भयभीत करने का काम भी खुलेआम हुआ। ऐसा कोई भी चुनाव नहीं हुआ, जिसे हिंसा मुक्त कहा जा सकता हो। इस बार के विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग ने हिंसा मुक्त चुनाव करके दिखा दिया। इसी कारण आम मतदाता बिना किसी भय के मतदान केंद्र तक पहुँचने में सफल हुआ। इसी ने भाजपा की राह आसान की।

पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत का एक बड़ा कारण यह भी माना जा रहा है कि वहां की मतदाता सूची से फर्जी नाम विलोपित किए गए। इन नामों में कई तो ऐसे थे, जो इस दुनिया में नहीं हैं। हालांकि यह एक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, इसलिए इसे खास मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। प्रति वर्ष मतदाता सूची से नाम हटाने और जोड़ने का क्रम चलता है। बंगाल का मामला बांग्लादेशी घुसपैठियों से जुडा था, इसलिए वहां एसआईआर जरुरी था। इससे जहाँ विदेशी मतदाता चुनाव में वोट का प्रयोग करने से वंचित हो गया, वहीं ऐसे मतदाता भी चुनाव में हिस्सा नहीं ले सके, जो फर्जी थे। उल्लेखनीय है कि पूर्व के चुनाव में यह वोट भी उपयोग में आते थे, इनके वोट कैसे पड़ते थे और कौन उंगली से बटन दबाता था, इसमें भले ही संदेह हो, लेकिन इसका आरोप तृणमूल के कार्यकर्ताओं पर ही लगते थे। इसी हिंसा को रोकने के लिए चुनाव आयोग ने सुरक्षा बलों की तैनाती कराई। सुरक्षा बल केवल नागरिक सुरक्षा एवं भय मुक्त मतदान के लिए ही लगाया, लेकिन ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सहित विपक्ष के कई राजनीतिक दलों ने उनकी निष्ठा पर ही सवाल उठा दिए।
 
पश्चिम बंगाल के इस बार के चुनाव में ऐसे कई कारण रहे जो भाजपा की जीत और तृणमूल कांग्रेस की हार में काफी प्रभावी रहे। उसमें तृणमूल सरकार विरोधी लहर तो थी ही, साथ ही जो मुस्लिम वोट पूरा का पूरा तृणमूल को मिलता था, इस बार नहीं मिल सका। उसके पीछे मुसलमान नेताओं की सक्रियता रही। इस चुनाव में एक ओर ओवैसी की पार्टी मैदान में थी, वहीं हुमायूं कबीर ने एक नई पार्टी बनाकर ममता की परेशानी में बढ़ोत्तरी की। इस कारण मुसलमान वर्ग के वोट निश्चित ही विभाजित हो गए। इसके साथ ही राज्य का हिन्दू मतदाता कुछ ज्यादा सक्रियता के साथ मैदान में उतर आया। यह मतदाता निश्चित ही भाजपा के पक्ष में गया। इसलिए विपक्ष की ओर से यह कहना कि एसआईआर के कारण या चुनाव आयोग द्वारा भाजपा का साथ देने के आरोप प्रथम दृष्टि में ही तर्कहीन से लगते हैं। अब ममता बनर्जी को अपनी हार की समीक्षा करनी ही चाहिए, जो कमियां रही, उसे दूर करने का प्रयास करना चाहिए।

चुनाव परिणाम के बाद आरोप प्रत्यारोप का खेल जारी है। इसमें विपक्ष बिना प्रमाण के भाजपा और चुनाव आयोग पर आरोप लगा रहा है। तृणमूल कांग्रेस और भाजपा विरोधी अन्य राजनीतिक दल जिस प्रकार के आरोप लगा रहे हैं, वह केवल जुबानी ही हैं। उसके पुख्ता प्रमाण किसी के पास नहीं हैं। ऐसी राजनीति न तो लोकतंत्र को सुरक्षित रख सकती है और न ही देश का भला कर सकती है। विपक्ष को सच को स्वीकार करने की मानसिकता बनानी होगी। हर बात के लिए नकारात्मक राय रखना विपक्ष की मजबूरी हो सकती है, लेकिन इसे स्वस्थ लोकतंत्र नहीं कहा जा सकता। जो अच्छा है उसे अच्छा कहना ही होगा। क्योंकि जनता जिस सच के साथ रहती है, विपक्ष को भी उसी सच के साथ ही चलना होगा। विपक्ष को यह भी समझना चाहिए कि आज देश का वातावरण परिवर्तित हो चुका है या हो रहा है। विपक्ष निश्चित रूप से सरकार पर आरोप लगाए, लेकिन जन भावना का अनादर करने से बचना होगा, नहीं तो जैसा पश्चिम बंगाल का परिणाम आया, वैसा अन्य राज्यों का भी आ सकता है।

- सुरेश हिंदुस्तानी 
वरिष्ठ पत्रकार

Continue reading on the app

  Sports

IPL 2026 RCB vs KKR- Match Highlights | 'विराट' शतक! कोहली के रिकॉर्ड तोड़ धमाके से RCB अंक तालिका में टॉप पर पहुंचा, केकेआर हुई पस्त!

बारिश की बाधा और फैंस का लंबा इंतजार उस समय सफल हो गया जब रायपुर के मैदान पर 'किंग कोहली' का बल्ला जमकर गरजा। विराट कोहली के आईपीएल करियर के नौवें शतक की बदौलत रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को 6 विकेट से हराकर प्लेऑफ की अपनी राह और मजबूत कर ली है। इस जीत के साथ ही आरसीबी 16 अंकों के साथ अंक तालिका में शीर्ष पायदान पर पहुंच गई है। पिछले दो मैच में शून्य पर आउट होने वाले कोहली ने 23 रन पर मिले जीवनदान का फायदा उठाते हुए 60 गेंद में 11 चौके और तीन छक्के जड़ित नाबाद शतकीय पारी खेली जिससे आरसीबी ने पांच गेंद रहते चार विकेट पर 194 रन बनाकर सत्र की आठवीं जीत दर्ज की।

कोहली और देवदत्त पडीक्कल (27 गेंद में 37 रन) ने दूसरे विकेट के लिए 92 रन की अहम साझेदारी निभाई। केकेआर ने बल्लेबाजी का न्योता मिलने के बाद अंगकृष रघुवंशी (71 रन) की करियर की सर्वश्रेष्ठ अर्धशतकीय पारी और रिंकू सिंह के नाबाद 49 रन की मदद से चार विकेट पर 192 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। इस जीत से आरसीबी 12 मैच में 16 अंक लेकर शीर्ष पर पहुंच गई जबकि केकेआर 11 मैच में नौ अंक से आठवें स्थान पर बरकरार है। कोहली ने इस दौरान आईपीएल में सबसे ज्यादा 279 मैच खेलकर एमएस धोनी और रोहित शर्मा को पीछे छोड़ दिया। वह टी20 क्रिकेट में 14000 रन पूरे करने वाले पहले भारतीय भी बने।

2023 सत्र के बाद यह उनका पहला शतक रहा। बारिश की वजह से मैच शुरू होने में 75 मिनट की देरी हुई। रायपुर के दर्शकों को सब्र का फल मिला और उन्हें कोहली की लाजवाब पारी देखने को मिली। पहले ओवर में अपनी पहली ही गेंद पर खाता खोलने के बाद उन्होंने खुशी से मुट्ठी भींची थी। अगले ओवर में उन्होंने वैभव अरोड़ा की गेंदों पर चार चौके जड़ दिए। कोहली जब 21 रन पर थे, तब रोवमैन पॉवेल ने उनका कैच छोड़ दिया था और अंत में केकेआर यह बहुत महंगा पड़ा।

इसके बाद आरसीबी के सलामी बल्लेबाज ने कोई गलती नहीं की और 32 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने पडिक्कल के साथ मिलकर 92 रन की साझेदारी निभाने के बाद कुछ अविश्वसनीय शॉट खेलकर अपना शतक बनाया। कोहली ने इस पारी का पूरा लत्फ उठाया। शतक जड़ने के बाद उन्होंने इसका जश्न भी मनाया। वहीं पदार्पण कर रहे सौरभ दुबे का पहला ओवर शानदार रहा जिसमें दो रहन बने लेकिन अपने दूसरे ओवर में उन्होंने 15 रन दे दिए।

कार्तिक त्यागी (32 रन देकर तीन विकेट) ने एक बार फिर तीन विकेट लेकर प्रभावित किया जबकि सुनील नारायण (31 रन देकर एक विकेट) ने किफायती गेंदबाजी की लेकिन केकेआर का क्षेत्ररक्षण काफी खराब रहा जिसमें दो कैच छूटे। इससे पहले केकेआर के विकेटकीपर बल्लेबाज अंगकृष ने 46 गेंद की पारी के दौरान तीन छक्के और सात चौके लगाए। इस दौरान उन्होंने अहम साझेदारियां भी कीं जिससे टीम को जरूरी गति मिली जो उनके सलामी बल्लेबाज देने में नाकाम रहे थे। गीली आउटफील्ड के कारण मैच सवा घंटे देर से शुरू हुआ।

आरसीबी ने पिच से मदद की उम्मीद में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। लेकिन यहां खेले गए पिछले मैच के मुकाबले इस बार तेज गेंदबाजों को कोई खास मदद नहीं मिली जिसमें नयी गेंद ने काफी प्रभाव डाला था। केकेआर के कप्तान अंजिक्य रहाणे (19 रन) ने पहले ओवर में भुवनेश्वर कुमार की पांच डॉट गेंदों के बाद एक चौका लगाया। इसके बाद दूसरे ओवर में फिन एलन (18) ने जैकब डफी की गेंद पर 14 रन ठोक दिए। लेकिन आरसीबी ने जोरदार वापसी की। भुवनेश्वर ने एलन को विकेट के पीछे कैच करवाया। कुछ ही देर बाद चौथे ओवर में जोश हेजलवुड ने रहाणे को बाउंसर पर आउट कर दिया।

इसे भी पढ़ें: NEET-UG 2026 Paper Leak | जीतू पटवारी का भाजपा पर कड़ा प्रहार, 'नीट घोटाला' और 'आदिवासी विस्थापन' को बताया देश का बड़ा संकट

इससे ठीक पहले केकेआर के कप्तान ने डफी की गेंद पर एक छक्का और एक चौका लगाकर चौथे ओवर में कुल 17 रन बटोरे थे। पावरप्ले के बाद केकेआर का स्कोर दो विकेट पर 56 रन था। रघुवंशी ने तीसरे विकेट के लिए कैमरन ग्रीन (32) के साथ 68 रन की अहम साझेदारी की। इसके बाद उन्होंने चौथे विकेट के लिए रिंकू सिंह (29 गेंद, तीन चौके, दो छक्के) के साथ 76 रन जोड़े जिससे टीम प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा करने में कामयाब रही।

21 वर्षीय रघुवंशी ने इस सत्र का अपना चौथा अर्धशतक जमाया। यह आईपीएल में अब तक उनका सर्वश्रेष्ठ सत्र रहा है जिसमें उन्होंने तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने अपनी पारी की शुरुआत वाइड लांग ऑन के ऊपर एक जोरदार छक्के के साथ की। इसके बाद अपनी दोनों साझेदारियों के दौरान वह बीच-बीच में चौके-छक्के लगाते रहे। उन्होंने ऑफ-साइड पर कुछ शानदार कट शॉट्स खेले। लेकिन उनकी पारी की मुख्य आकर्षण डफी की गेंद पर मिड-विकेट की तरफ एक चौका मारना और कृणाल पंड्या की गेंद पर बाउंड्री के पार एक जबरदस्त छक्का लगाना।

इसे भी पढ़ें: Air India पर दोहरी मार! महंगा Fuel और Pakistan का बंद एयरस्पेस, रोजाना 100 उड़ानें हुईं कम।

 

इसके अलावा रसिख सलाम की एक धीमी गेंद पर उन्होंने अंपायर के सिर के ऊपर से एक जोरदार शॉट भी लगाया। रघुवंशी पारी की अंतिम गेंद पर रन आउट हुए। केकेआर के लिए ग्रीन ने 24 गेंद में 32 रन बनाकर योगदान दिया जिसमें तीन चौके और एक छक्का शामिल था। वहीं रिंकू अपने अर्धशतक से महज एक रन से चूक गए। इस भारतीय बल्लेबाज ने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी। उन्होंने पिछले चार मैचों में दो नाबाद अर्धशतक बनाए हैं।

 News Source- Press Trust OF India

For the latest scores, match updates, and in-depth coverage, explore Live Cricket Updates in Hindi on Prabhasakshi  

Thu, 14 May 2026 08:32:54 +0530

  Videos
See all

Milk Price Increase | Amul Milk Price:अमूल ने दूध की कीमतों में किया 2 रुपये का इजाफा #amulmilkprice #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-14T03:22:43+00:00

NEET Paper Leak Case: CBI की जांच तेज, मास्टरमाइंड गिरफ्तार; क्या दोबारा होगी परीक्षा? #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-14T03:14:52+00:00

Weather News: UP में आंधी-तूफान की चपेट में आने से 62 मौत, भदोही में 11 लोगों की मौत | Thunderstorm #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-14T03:16:29+00:00

Kanpur news | विद्यालय में भूमिपूजन को लेकर BJP और Samajwadi Party समर्थकों में जमकर विवाद ! #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-14T03:23:12+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers