भारत-त्रिनिदाद संबंधों का नया अध्याय, जयशंकर की यात्रा से विकास सहयोग को मिली नई गति
नई दिल्ली, 10 मई (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर की त्रिनिदाद और टोबैगो यात्रा ने देशों के बीच बहुआयामी सहयोग को नई गति दी है। यह यात्रा न केवल विकास सहयोग को मजबूत करती है, बल्कि भारत और कैरेबियाई क्षेत्र के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को भी गहरा बनाती है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, इतिहास, लोगों के आपसी संबंधों और साझा आकांक्षाओं से जुड़े हुए हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर की त्रिनिदाद और टोबैगो यात्रा के महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए हैं, विशेष रूप से शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य, आयुर्वेद और ऊर्जा के क्षेत्रों में। इस यात्रा से भारत और त्रिनिदाद-टोबैगो की मजबूत और भविष्योन्मुखी साझेदारी को अधिक मजबूती मिली है।
विदेश मंत्री की यात्रा के दौरान दक्षिण त्रिनिदाद के पेनल में कृत्रिम अंग लगाने की एक स्थायी सुविधा के रूप में राष्ट्रीय प्रोस्थेटिक केंद्र का उद्घाटन हुआ। साथ ही मध्य त्रिनिदाद के कूवा में टीएंडटी के राष्ट्रीय कृषि विपणन एवं विकास निगम के कृषि-प्रसंस्करण संयंत्र को सौंपा गया।
इसके अलावा, पिछले वर्ष प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान घोषित 2,000 लैपटॉप में से स्कूली बच्चों को मेड इन इंडिया लैपटॉप का पहला सेट सौंपा गया। सौर-पीवी परियोजना के प्रस्ताव को लागू करने के लिए एमओयू हुए। पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग पर, वेस्ट इंडीज विश्वविद्यालय में आयुर्वेद पीठ के पुनरुद्धार पर, नेल्सन द्वीप पर ऐतिहासिक भारत-सांस्कृतिक संवर्धन अनुभव पर क्यूआईपी के लिए एमओयू हुए।
उत्तरी त्रिनिदाद, दक्षिणी त्रिनिदाद, पूर्वी त्रिनिदाद और पश्चिमी त्रिनिदाद में स्वास्थ्य और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए थर्मल फॉगर्स की खरीद पर क्यूआईपी के लिए चार एमओयू हुए।
इससे पहले विदेश मंत्री ने ऐतिहासिक नेल्सन आइलैंड पर एक सभा को भी संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज मुझे भारत की मदद से नेल्सन आइलैंड पर सांस्कृतिक धरोहर के अपग्रेडेशन के लिए क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट के लॉन्च में शामिल होकर बहुत खुशी हो रही है।
विदेश मंत्री ने कहा कि इसमें एक मेमोरियल मोन्यूमेंट, नेशनल आर्काइव के हिस्टोरिकल डेटा का एक डिजिटल हब बनाना और एक डिजिटल ऑडियो-विजुअल एक्सपीरियंस सेटअप करना शामिल है। इस खूबसूरत देश में आने वाले लोगों के लिए यह प्रोजेक्ट काफी मददगार साबित होगा।
उन्होंने बताया कि भारत में प्रधानमंत्री गिरमिटिया समुदाय का डेटाबेस बनाने और इस विरासत पर रिसर्च करने को बहुत महत्व देते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर हम एक खास गिरमिटिया स्टडीज सेंटर बनाने पर काम कर रहे हैं। मुझे खुशी है कि भारत के नेशनल आर्काइव्ज और त्रिनिदाद व टोबैगो के बीच सहयोग के लिए एक एमओयू साइन हुआ। मुझे उम्मीद है कि इससे यहां के कई लोगों को अपने पुरखों की जड़ों का पता लगाने और भारत में अपने परिवारों से फिर से जुड़ने में मदद मिलेगी।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
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बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 12 वरिष्ठ IAS अधिकारियों का हुआ तबादला
बिहार सरकार ने 10 मई की रात को बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए 12 वरिष्ठ IAS अधिकारियों का तबादला कर दिया. सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कई महत्वपूर्ण विभागों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. स्वास्थ्य, ऊर्जा, पर्यटन और जल संसाधन विभाग में बड़े बदलाव किए गए हैं. इस फेरबदल को सरकार का बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है.
आनंद किशोर और एच.आर. श्रीनिवास को नई जिम्मेदारी
1996 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी आनंद किशोर को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना के अध्यक्ष पद पर बरकरार रखा गया है. हालांकि उन्हें वित्त विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है. वहीं 1996 बैच के ही IAS अधिकारी एच.आर. श्रीनिवास को पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से हटाकर समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है.
कई विभागों में सचिव स्तर पर बदलाव
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1997 बैच के अधिकारी संतोष कुमार मल्ल को जल संसाधन विभाग से हटाकर आपदा प्रबंधन विभाग में भेजा गया है.
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2003 बैच के IAS अधिकारी लोकेश कुमार सिंह को स्वास्थ्य विभाग से हटाकर पर्यटन विभाग का सचिव बनाया गया है.
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2004 बैच के अधिकारी कुंदन कुमार को उद्योग विभाग में ही रखा गया है, लेकिन उन्हें अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है.
स्वास्थ्य और ऊर्जा विभाग में भी बदलाव
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2005 बैच के IAS कुमार रवि को मुख्यमंत्री सचिवालय से स्वास्थ्य विभाग के सचिव की जिम्मेदारी दी गई है.
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इसी (2005) बैच के अधिकारी अजय यादव को मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग से हटाकर ऊर्जा विभाग में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है.
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2007 बैच के IAS संजय कुमार सिंह को वाणिज्य-कर विभाग के साथ-साथ वित्त विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है.
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अन्य अधिकारियों को नई पोस्टिंग
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2008 बैच के अधिकारी प्रणव कुमार को कला एवं संस्कृति विभाग से भवन निर्माण विभाग में भेजा गया है.
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2009 बैच के IAS मनोज कुमार सिंह को ऊर्जा विभाग से हटाकर नई दिल्ली स्थित बिहार भवन में स्थानीय आयुक्त बनाया गया है.
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2010 बैच के अधिकारी चन्द्रशेखर सिंह को मुख्यमंत्री सचिवालय से जल संसाधन विभाग में नई जिम्मेदारी दी गई है.
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वहीं 2014 बैच के IAS रजनीश कुमार सिंह को निबंधक, सहयोग समितियां के पद से हटाकर महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएं बनाया गया है.
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