भुवनेश्वर कुमार ने MI के खिलाफ एक ही ओवर में 3 विकेट लेकर बनाया बड़ा रिकॉर्ड, इस मामले में बन गए नंबर-1
IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के स्टार तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार तहलका मचा रहे हैं. अब मुंबई इंडियंस के खिलाफ आईपीएल 2026 के 54वें मैच में भुवी घातक गेंदबाजी कर रहे हैं. इस मैच में एक ही ओवर में भुवी ने रयान रिकेल्टन, रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव को आउट कर मुंबई इंडियंस की कमर तोड़ दी है. इसी के साथ भुवी ने फिर से पर्पल कैप पर कब्जा कर लिया. इतना ही नहीं आईपीएल 2026 के सीजन में पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भुवनेश्वर कुमार दूसरे गेंदबाज बन गए हैं.
पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज बने भुवनेश्वर कुमार
आईपीएल 2026 में पावरप्ले (1-6 ओवर) के दौरान सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा टॉप पर मौजूद हैं. रबाडा ने 9.17 की इकॉनमी रेट से 13 विकेट अपने नाम किए हैं. जबकि भुवनेश्वर कुमार पावरप्ले में 12 विकेट हासिल कर चुके हैं. उन्होंने 6.91 की इकॉनमी रेट से गेंदबाजी की है. तीसरे स्थान पर जॉफ्रा आर्चर हैं, जिन्होंने 9 विकेट लिए और उनका इकॉनमी रेट 9.36 का रहा है. इसके बाद मोहम्मद सिराज ने 7.73 की इकॉनमी रेट से 8 विकेट लिए हैं. मोहम्मद शमी 7.42 की इकॉनमी रेट से 7 विकेट के साथ पांचवे नंबर पर हैं.
आईपीएल 2026 में पावरप्ले (1–6 ओवर) के दौरान सबसे ज्यादा विकेट
13 विकेट - कगिसो रबाडा (इकॉनमी रेट: 9.17)
12 विकेट - भुवनेश्वर कुमार (इकॉनमी रेट: 6.91)*
9 विकेट - जॉफ्रा आर्चर (इकॉनमी रेट: 9.36)
8 विकेट - मोहम्मद सिराज (इकॉनमी रेट: 7.73)
7 विकेट - मोहम्मद शमी (इकॉनमी रेट: 7.42)
3️⃣ overs
— IndianPremierLeague (@IPL) May 10, 2026
1️⃣7️⃣ runs
3️⃣ wickets
It was yet another sensational spell of powerplay bowling from Bhuvneshwar Kumar ????❤️
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भुवनेश्वर कुमार ने पर्पल कैप को किया अपने नाम
भुवनेश्वर कुमार आईपीएल 2026 में अब तक कुल 11 मैचों में 20 विकेट अपने नाम कर चुके हैं और इस वक्त पर्पल कैप उनके नाम है. यानी आईपीएल 2026 में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में भुवी टॉप पर मौजूद हैं. भुवी जिस फॉर्म में हैं वो इस साल पर्पल कैप को अपने नाम कर सकते हैं.
????????????????????-???????????? exhibition of new-ball magic! ????
— IndianPremierLeague (@IPL) May 10, 2026
???? Just sit back and admire the swing of things! ❤️
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ऐसी है दोनों टीमों की प्लेइंग 11
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की प्लेइंग 11: विराट कोहली, जैकब बेथेल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, सुयश शर्मा, रसिख सलाम डार.
RCB इम्पैक्ट सब्सक्रिप्शन: देवदत्त पडिक्कल, जॉर्डन कॉक्स, मंगेश यादव, स्वप्निल सिंह, वेंकटेश अय्यर
मुंबई इंडियंस की प्लेइंग 11: रोहित शर्मा, रयान रिकेल्टन (डब्ल्यू), नमन धीर, सूर्यकुमार यादव (सी), तिलक वर्मा, विल जैक्स, राज बावा, कॉर्बिन बॉश, दीपक चाहर, जसप्रीत बुमराह, एएम गज़नफर.
MI इम्पैक्ट सब्स दिग्गज: ट्रेंट बोल्ट, रघु शर्मा, मयंक रावेर, रॉबिन मिंज, शार्दुल ठाकुर.
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बंगाल के नए CM से अपील और संवैधानिक जिम्मेदारी पर चर्चा, मौलाना मदनी का बयान और समान न्याय की मांग
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री को लेकर एक अहम बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री को अपनी संवैधानिक शपथ का पूरी तरह पालन करना चाहिए और राज्य के हर नागरिक के साथ बिना किसी भेदभाव के समान व्यवहार करना चाहिए. यह बयान उन्होंने नई दिल्ली में जारी किया. इसमें उन्होंने सरकार के कामकाज और संवैधानिक जिम्मेदारियों पर खास जोर दिया. उनका कहना है कि जब कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री बनता है तो वह पूरे राज्य का प्रतिनिधि होता है, किसी एक वर्ग या समुदाय का नहीं. इसलिए उससे उम्मीद की जाती है कि वह सभी के हित में काम करेगा और कानून के दायरे में रहकर ही फैसले लेगा.
लोकतंत्र की भावना कमजोर होती है
मौलाना मदनी ने अपने बयान में शपथ का भी जिक्र किया और कहा कि मुख्यमंत्री को यह नहीं भूलना चाहिए कि उन्होंने संविधान और कानून के अनुसार काम करने की कसम ली है. उन्होंने कहा कि शपथ केवल एक औपचारिकता नहीं होती बल्कि यह एक गंभीर जिम्मेदारी होती है, जिसमें निष्पक्षता और समानता सबसे जरूरी होती है. उनके मुताबिक किसी भी पद पर बैठे व्यक्ति को यह समझना चाहिए कि उसका पहला कर्तव्य जनता के प्रति होता है, न कि किसी राजनीतिक या धार्मिक विचारधारा के प्रति. अगर कोई नेता इस जिम्मेदारी को गंभीरता से नहीं लेता तो लोकतंत्र की भावना कमजोर होती है.
सत्ता का असली मतलब
उन्होंने मुख्यमंत्री के पुराने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि अगर किसी तरह का भेदभावपूर्ण बयान दिया जाता है, जैसे केवल एक समुदाय के लिए काम करने की बात, तो वह संविधान की भावना के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और यहां हर धर्म, जाति और वर्ग के लोग रहते हैं. ऐसे में किसी भी सरकार से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह किसी एक समूह तक सीमित होकर काम करे. सत्ता का असली मतलब ही सभी के लिए बराबर न्याय और विकास सुनिश्चित करना होता है.
निष्पक्षता बनाए रखे ताकि जनता का भरोसा बना रहे
मौलाना मदनी ने प्रधानमंत्री के नारे सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास का भी जिक्र किया और कहा कि अगर वास्तव में इस सोच को अपनाया जाए तो किसी भी तरह के भेदभाव की गुंजाइश नहीं रहती. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर विकास और विश्वास की बात की जाती है तो फिर किसी भी वर्ग को अलग करने की सोच क्यों सामने आती है. उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वह अपने शब्दों और कार्यों में समानता और निष्पक्षता बनाए रखे ताकि जनता का भरोसा बना रहे.
हर नागरिक तक पहुंचना चाहिए
उन्होंने आगे कहा कि जनता की असली जरूरतें राजनीतिक नारों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण होती हैं. लोगों को बेहतर सड़क, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाएं, साफ पानी और सुरक्षित माहौल चाहिए होता है. उनका कहना था कि विकास का मतलब किसी एक जगह या एक समुदाय तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह हर नागरिक तक पहुंचना चाहिए. अगर विकास सही तरीके से लागू किया जाए तो समाज में अपने आप ही संतुलन और भरोसा बनता है. उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी सरकार की सफलता इसी बात से तय होती है कि वह कितनी समानता के साथ जनता की जरूरतों को पूरा करती है.
अंत में मौलाना मदनी ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद की स्थिति साफ करते हुए कहा कि संगठन किसी भी सरकार का विरोध सिर्फ विरोध के लिए नहीं करता. अगर सरकार विकास, न्याय और समानता के रास्ते पर काम करती है तो उसका स्वागत किया जाता है. लेकिन अगर कहीं भेदभाव या असमानता दिखाई देती है तो लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाना भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता और एकता है, और इसी को बनाए रखना हर नागरिक और संस्था की जिम्मेदारी है.
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