दूरबीन से तबाही देखते ट्रंप की एआई तस्वीर पर ईरानी राजदूत बोले, 'डिप्लोमेसी ऐसे काम नहीं करती'
नई दिल्ली, 10 मई (आईएएनएस)। ईरान के एक राजदूत रेजा अमीरी मोगादम ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक सोशल पोस्ट पर ऐतराज जताते हुए नसीहत दी है। एक एआई-जेनरेटेड तस्वीर में ट्रंप समुद्र में धमाके होते देखे जा सकते हैं।
मोगादम पाकिस्तान में ईरान के राजदूत हैं। उन्होंने ट्रंप की तस्वीर शेयर करते हुए जवाब दिया कि ये धोखे से भरी दुनिया में, खतरनाक सोच और शोर-शराबे के साथ खुशी जताते बहादुरी का दिखावा है। इससे तनाव और बढ़ता है। कूटनीति ऐसे नहीं की जाती। इस पोस्ट को उकसावे की कार्रवाई बताया जा रहा है।
शनिवार को ही ट्रुथ सोशल पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो एआई जेनरेटेड तस्वीरें पोस्ट की। इनमें से एक (जो मोगादम ने साझा की) में वो जहाज में दूरबीन ले खड़े होकर समुद्र की ओर देख रहे हैं। दूर से धमाके होते दिख रहे हैं। आग लगी हुई है। वहीं दूसरी तस्वीर में समुद्र के तल से लगे कुछ जहाज हैं। कुछ टूटे हुए हैं। इनके ऊपर कैप्शन में लिखा है ईरान की नौसेना। इस तस्वीर के जरिए ट्रंप एक बार फिर जताना चाहते हैं कि अमेरिका ने ईरान की नौसेना को तबाह कर दिया है।
होर्मुज को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद बना हुआ है। सीजफायर ऐलान के बीच भी हमले जारी हैं। वहीं सोशल प्लेटफॉर्म पर भी दोनों एक दूसरे को निशाने पर ले रहे हैं। अमेरिका की नाकेबंदी और ईरान की पाबंदी से समस्या बनी हुई है।
हाल ही में ईरान के पहले उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरेफ ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि ईरान जल्द ही अमेरिका और इजरायल के खिलाफ इस लड़ाई में बड़ी जीत का जश्न मनाएगा। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आए दिन कहते हैं कि ईरान की सेना तबाह हो चुकी है और नई झड़पों के बावजूद संघर्ष विराम जारी है।
आरेफ ने गुरुवार को कहा कि देश जल्द ही जीत का जश्न मनाएगा और होर्मुज स्ट्रेट ईरान का खास इलाका बना रहेगा।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
अंतरिक्ष एजेंसियों व तकनीकी साझेदारों से जुड़ेगी उच्च शिक्षा संस्थानों की रिसर्च
नई दिल्ली, 10 मई (आईएएनएस)। भारत अपने नवाचार और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगा। शिक्षा मंत्रालय की पहल पर फ्रांस में भारतीय आईआईटी, विश्वविद्यालय व अन्य संस्थानों की रिसर्च वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित की जाएगी। यहां भारतीय नवउद्यम वैश्विक निवेशकों, अंतरिक्ष एजेंसियों और तकनीकी साझेदारों से जुड़ेंगे।
भारत इनोवेटस 2026 एक ग्लोबल एक्सेलेरेटर के रूप में 100 से अधिक डीप-टेक स्टार्टअप्स और प्रमुख संस्थानों को 13 अत्याधुनिक क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय भागीदारों से जोड़ रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारत के उच्च शिक्षण संस्थान अब केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये संस्थान नवाचार, उद्यमिता और गहन प्रौद्योगिकी अनुसंधान के शक्तिशाली केंद्र बनकर उभर रहे हैं।
शोध प्रयोगशालाओं से लेकर रिसर्च सेंटर्स और नवउद्यम सहायता केंद्रों तक, देश के विश्वविद्यालय तेजी से बढ़ते नवउद्यम तंत्र को दिशा दे रहे हैं। इसी सोच को वैश्विक मंच तक पहुंचाने के उद्देश्य से शिक्षा मंत्रालय द्वारा भारत इनोवेटस 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह पहल भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों से जुड़े नवउद्यमों, शोधकर्ताओं और युवा नवप्रवर्तकों को दुनिया भर के निवेशकों, उद्योग जगत, विश्वविद्यालयों और नवाचार साझेदारों से जोड़ने का बड़ा मंच बनेगी।
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की दूरदर्शी सोच को आगे बढ़ाती है। इसमें नवाचार आधारित शिक्षा, बहु-विषयक अनुसंधान और उद्योग तथा शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि भारत के युवा नवप्रवर्तक अब केवल देश की जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए समाधान विकसित कर रहे हैं।
शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि “भारत इनोवेट्स 2026” में भारत की अग्रणी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनी ध्रुव स्पेस भी भाग लेगी। हैदराबाद स्थित यह कंपनी भारत की पहली निजी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनियों में शामिल है और पूर्ण अंतरिक्ष अभियांत्रिकी समाधान उपलब्ध करा रही है। कंपनी उपग्रह मंच, सौर पैनल और प्रक्षेपण सेवाओं जैसे क्षेत्रों में काम कर रही है। यह नागरिक और रक्षा दोनों क्षेत्रों के लिए सेवाएं प्रदान कर रही है। कंपनी ने भारत सरकार को अंतरिक्ष गुणवत्ता वाले सौर पैनल उपलब्ध कराए हैं।
वहीं विदेशों की बात करें तो कंपनी ने संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रिया, ऑस्ट्रेलिया तथा फ्रांस जैसे देशों को निर्यात भी किया है। इससे ‘मेड इन इंडिया’ अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की वैश्विक क्षमता और विश्वसनीयता साबित हुई है। एक जानकारी में शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि ध्रुव स्पेस अब तक विभिन्न निवेश चरणों के माध्यम से 21 मिलियन डॉलर से अधिक की पूंजी जुटा चुका है और तेजी से आगे विस्तार कर रहा है।
कंपनी वर्ष 2026 के अंत तक सिंथेटिक एपर्चर रडार आधारित उपग्रह समूह विकसित करने पर काम कर रही है। यह प्रणाली हर मौसम में चौबीसों घंटे उच्च गुणवत्ता वाली पृथ्वी निगरानी और चित्रण सुविधा प्रदान करेगी, जिसका उपयोग रणनीतिक और रक्षा उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि भारत इनोवेट 2026 के माध्यम से भारत अपने नवाचार और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी सामर्थ्य को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगा। यह आयोजन 14 से 16 जून 2026 तक फ्रांस के नीस शहर में आयोजित होगा। यहां भारतीय नवउद्यम वैश्विक निवेशकों, अंतरिक्ष एजेंसियों और तकनीकी साझेदारों से जुड़ेंगे। सरकार का कहना है कि भारत की अंतरिक्ष क्रांति अब नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है और दुनिया जल्द ही भारतीय युवाओं द्वारा विकसित अत्याधुनिक तकनीकों का प्रभाव देखेगी।
--आईएएनएस
जीसीबी/एएस
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