Pakistan Coal Mine Explosion: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में कोयला खदान में जोरदार धमाका! 32 मजदूरों की मौत, राहत बचाव कार्य जारी
पाकिस्तान के अशांत और संसाधन समृद्ध प्रांत बलूचिस्तान से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ एक कोयला खदान के भीतर जहरीली मीथेन गैस के खतरनाक स्तर पर जमा होने के कारण अचानक जोरदार धमाका हो गया। विस्फोट इतना भीषण था कि खदान का एक बड़ा हिस्सा ढह गया और वहाँ काम कर रहे कई मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
घटना के वक्त खदान की गहराई में कई मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से दर्जनों खनिक अभी भी मलबे और जहरीली गैस के गुबार के बीच सैकड़ों फीट नीचे फंसे हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुँच गई हैं और मलबे को हटाकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर राहत अभियान चलाया जा रहा है।
Emergency workers are digging to get oxygen into a mine after an explosion in Pakistan's Balochistan Province killed at least 11 people and trapped dozens of others. pic.twitter.com/F1DUN9NKwC
— Al Jazeera English (@AJEnglish) July 31, 2026
मीथेन गैस का रिसाव बना धमाके की मुख्य वजह
प्रांतीय अधिकारियों और खान विभाग के शुरुआती जांच में सामने आया है कि खदान के भीतर सुरक्षा उपकरणों की कमी के कारण मीथेन गैस का निरंतर रिसाव हो रहा था। उचित वेंटिलेशन न होने की वजह से खदान के निचले हिस्से में गैस का अत्यधिक दबाव बन गया, जिसने एक बड़े विस्फोट का रूप ले लिया।
धमाका होते ही खदान की मुख्य सुरंग और छत धंस गई, जिससे खदान में प्रवेश करने और बाहर निकलने के सभी रास्ते पूरी तरह अवरुद्ध हो गए। खदान के अंदर मौजूद मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए।
जहरीली गैस और अंधेरे के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी रुकावट
घटनास्थल पर पहुंचे बचाव कर्मियों को राहत कार्य चलाने में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। खदान के भीतर लगातार जहरीली गैस का रिसाव होने के कारण रेस्क्यू टीमों को विशेष ऑक्सीजन मास्क और आधुनिक उपकरणों के सहारे ही अंदर भेजा जा रहा है।
बचाव दल लगातार जहरीली गैस को बाहर निकालने के लिए ब्लोअर और पंखों का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि अंदर फंसे मजदूरों तक ताजी हवा पहुँचाई जा सके। खदान के बाहर मजदूरों के परिजनों और सहकर्मियों की भारी भीड़ जमा है, जो अपनों की कुशलता की खबर पाने के लिए रो-रोकर प्रार्थना कर रहे हैं।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी और खदान मालिकों की लापरवाही पर फूटा गुस्सा
बलूचिस्तान में कोयला खदानों में इस तरह के जानलेवा हादसे पहले भी कई बार घटित हो चुके हैं। स्थानीय माइन्स लेबर यूनियन ने इस भयावह हादसे के बाद प्रांतीय सरकार और खदान मालिकों की कड़ी निंदा की है। यूनियनों का आरोप है कि खदानों में काम करने वाले मजदूरों को न तो पर्याप्त सुरक्षा किट दी जाती है और न ही खदानों में गैस सेंसर लगाए जाते हैं।
निजी खदान मालिक सिर्फ मुनाफे पर ध्यान देते हैं और गरीब मजदूरों की जान को जोखिम में डालते हैं। श्रमिक संगठनों ने मांग की है कि हादसे के जिम्मेदार ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।
EPFO History: पुराना PF अकाउंट नहीं मिल रहा? ईपीएफओ का नया फीचर मिनटों में बताएगा नौकरी की हिस्ट्री
आज के समय में नौकरी बदलना आम बात है, लेकिन हर नई नौकरी के साथ कर्मचारी को नया पीएफ मेंबर आईडी मिल जाता है। कई साल बाद जब कर्मचारी पीएफ ट्रांसफर, निकासी या पेंशन से जुड़े काम के लिए आवेदन करता, तब पता चलता है कि उसका कोई पुराना पीएफ अकाउंट रिकॉर्ड में नहीं दिख रहा या किसी पुराने नियोक्ता की जानकारी गायब है।
ऐसी परेशानी को दूर करने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सर्विस हिस्ट्री फीचर शुरू किया। इसकी मदद से कर्मचारी अपने यूएएन (Universal Account Number) से जुड़े सभी रोजगार और पीएफ रिकॉर्ड एक ही जगह देख सकते हैं।
अब नौकरी की हिस्ट्री आसानी से देख सकेंगे
यह सुविधा ईपीएफओ मेंबर ई-सेवा पोर्टल पर उपलब्ध है। कर्मचारी अपने यूएएन और पासवर्ड से लॉगिन करने के बाद व्यू टैब में जाकर सर्विस हिस्ट्री विकल्प चुन सकते। यहां उन्हें वर्तमान और पुराने सभी नियोक्ताओं का नाम, मेंबर आईडी, जॉइनिंग डेट और एग्जिट डेट जैसी जानकारी दिखाई देती है। इससे पुराने दस्तावेज खोजने की जरूरत नहीं पड़ती और पूरी नौकरी का रिकॉर्ड एक ही स्क्रीन पर मिल जाता है।
यह फीचर उन कर्मचारियों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है, जिनके पुराने नियोक्ता ने नौकरी छोड़ने की तारीख (Exit Date) अपडेट नहीं की या पुराना पीएफ अकाउंट सही तरीके से यूएएन से लिंक नहीं हुआ। ऐसी गलतियां कई साल तक सामने नहीं आतीं, क्योंकि नए नियोक्ता की ओर से PF जमा होता रहता है, लेकिन पीएफ ट्रांसफर, निकासी या पेंशन का दावा करते समय यही छोटी-सी कमी बड़ी परेशानी बन सकती है।
यदि सर्विस हिस्ट्री में किसी पुराने नियोक्ता की जानकारी नहीं दिखती या एग्जिट डेट दर्ज नहीं है, तो कर्मचारी समय रहते अपने पुराने नियोक्ता से संपर्क कर रिकॉर्ड अपडेट करा सकते हैं। ऐसा जल्दी करना बेहतर होता है, क्योंकि वर्षों बाद कंपनी से रिकॉर्ड निकलवाना मुश्किल हो सकता है।
PFO Service History के फायदे
- यूएएन से जुड़े सभी पुराने और नए पीएफ अकाउंट की जानकारी एक जगह मिलेगी।
- पुराने नियोक्ता का नाम, मेंबर आईडी, जॉइनिंग और एग्जिट डेट देख सकेंगे।
- पीएफ ट्रांसफर और निकासी में आने वाली दिक्कतों का पहले ही पता चल जाएगा।
- एक से अधिक यूएएन होने की स्थिति की पहचान करने में मदद मिलेगी।
- रिकॉर्ड समय रहते सही कराकर भविष्य की परेशानी से बचा जा सकेगा।
ईपीएफओ ने कर्मचारियों को केवायसी जांचने को कहा
ईपीएफओ ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि सर्विस हिस्ट्री देखने के साथ-साथ अपने नो-योर कस्टमर की भी जांच कर लें। आधार, PAN, बैंक खाता और मोबाइल नंबर सही व अपडेट होना जरूरी है। इन्हीं जानकारियों में गड़बड़ी होने पर अक्सर PF क्लेम और ट्रांसफर में देरी होती है।
यदि किसी कर्मचारी ने अभी तक अपना UAN एक्टिवेट नहीं किया है, तो पहले उसे सक्रिय करना होगा। इसके बाद मेंबर ई-सेवा पोर्टल पर पासबुक देखने, ऑनलाइन क्लेम करने, क्लेम स्टेटस ट्रैक करने और प्रोफाइल अपडेट करने जैसी कई सुविधाएं भी मिल जाती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि रिटायरमेंट के लिए जमा होने वाला PF कई दशकों की बचत होती है। इसलिए जिन लोगों ने अपने करियर में कई बार नौकरी बदली है, उन्हें समय निकालकर अपनी सर्विस हिस्ट्री जरूर जांचनी चाहिए। इससे भूले हुए PF अकाउंट खोजने के साथ-साथ भविष्य में क्लेम के समय होने वाली परेशानियों से भी बचा जा सकता है।
(प्रियंका कुमारी)
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