तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के संस्थापक सी जोसेफ विजय आज यानी रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर यहां जवाहरलाल नेहरू इनडोर स्टेडियम में सुबह 10 बजे आयोजित भव्य समारोह में टीवीके प्रमुख विजय को पद की शपथ दिलाएंगे।
इस समारोह के साथ ही राज्य में पहली बार किसी गैर-द्रविड़ दल की सरकार बनेगी और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) तथा द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के परंपरागत वर्चस्व का अंत होगा।
इस बीच, लोक भवन ने एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि आर्लेकर ने नौ मंत्रियों की नियुक्ति संबंधी विजय की सिफारिश को मंजूरी दे दी है।
नए मंत्रिमंडल में एस कीर्तना के रूप में एक महिला मंत्री शामिल हैं।
विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘मुख्यमंत्री पद के लिए नामित सी जोसेफ विजय ने नौ मई को नौ लोगों को मंत्री नियुक्त करने की सिफारिश की थी। राज्यपाल ने मंत्रियों की नियुक्ति संबंधी सिफारिश को मंजूरी दे दी है।’’
आर्लेकर द्वारा विजय के नए मंत्रिमंडल को भी पद की शपथ दिलाए जाने की संभावना है। मंत्रिमंडल में ‘बुस्सी’ एन आनंद, आधव अर्जुन, के ए सेंगोट्टैयन, एस कीर्तना के अलावा के जी अरुणराज, पी वेंकटरमणन, सी टी आर निर्मल कुमार, ए राजमोहन और के टी प्रभु शामिल होंगे।
विजय के 13 मई तक या उससे पहले विधानसभा में विश्वास मत के जरिये बहुमत साबित करने की संभावना है।
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हाल ही में हुए केरल विधानसभा चुनावों में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) को पूर्ण बहुमत मिलने के बावजूद, कांग्रेस ने अभी तक राज्य के अगले मुख्यमंत्री का फैसला नहीं किया है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को अभी भी तीन नेताओं - वी.डी. सतीशान, के.सी. वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला - में से किसी एक को चुनने में कठिनाई हो रही है। इससे तीनों नेताओं के समर्थकों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है, जो अपने नेता को मुख्यमंत्री बनाने के लिए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर दबाव बनाने के लिए पोस्टर और फ्लेक्स बोर्ड लगाने जैसे विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
सूत्रों ने पहले इंडिया टीवी को बताया था कि के.सी. वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे आगे हैं। अलाप्पुझा से लोकसभा सांसद वेणुगोपाल राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं, जबकि चेन्निथला केरल में कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में से एक रहे हैं। वे राज्य के गृह मंत्री और विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रह चुके हैं। लेकिन कांग्रेस के कई नेता चाहते हैं कि सतीशान मुख्यमंत्री बनें। परवूर विधानसभा सीट से सांसद सतीशान केरल में कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं और जमीनी स्तर पर उनकी मजबूत पकड़ है। वामपंथियों पर तीखे हमले करने के लिए जाने जाने वाले सतीशान के समर्थकों का मानना है कि उन्होंने केरल कांग्रेस इकाई में पीढ़ीगत बदलाव लाया है।
इस भ्रम को कांग्रेस नेता केसी जोसेफ ने उजागर किया है, जिन्होंने केरल के मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी समर्थकों के बीच चल रही सार्वजनिक खींचतान की कड़ी आलोचना की है। फेसबुक पोस्ट में जोसेफ ने कहा कि लोगों को यह समझना चाहिए कि कांग्रेस के आंतरिक मामलों को सड़कों पर लाना खतरनाक परिणाम पैदा कर सकता है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर कोई लेटकर थूकता है, तो वह अपने ही चेहरे पर गिरेगा। यह किसी के लिए अच्छा नहीं है। जलती हुई छड़ी से अपना सिर खुजलाने की कोशिश करना विनाशकारी होगा।
इन सबके बीच, कांग्रेस की केरल इकाई के प्रमुख सनी जोसेफ ने दिन में पहले कहा कि अगले मुख्यमंत्री के संबंध में निर्णय पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व लेगा। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि मैं एआईसीसी अध्यक्ष से चर्चा के लिए जा रहा हूं। मैं खरगे जी के घर जा रहा हूं। वहां हमारी चर्चा होगी और उच्च कमान द्वारा निर्णय की घोषणा की जाएगी।
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