तालिबान vs पाकिस्तान: पाकिस्तान वायुसेना ने अफगानिस्तान सीमा में घुसकर बरसाईं मिसाइलें! 7 की मौत, 75 घायल
दक्षिण एशिया में सुरक्षा की स्थिति उस समय और अधिक तनावपूर्ण हो गई जब पाकिस्तान ने सोमवार-मंगलवार की रात अफगानिस्तान की सीमा के भीतर घुसकर बड़ा मिसाइल हमला किया। यह हमला पाकिस्तान के उत्तरी वजीरिस्तान में हुए उस आतंकी हमले के जवाब में किया गया है, जिसमें एक कर्नल और एक लेफ्टिनेंट कर्नल समेत पाकिस्तान के 6 सैनिक मारे गए थे। पाकिस्तानी वायुसेना और मिसाइल यूनिट ने अफगानिस्तान के पक्तिका और खोस्त प्रांतों को निशाना बनाया, जिससे वहां भारी नुकसान की खबर है।
6 सैनिकों की मौत का लिया बदला
पाकिस्तानी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह कार्रवाई उत्तरी वजीरिस्तान में हुए हमले के प्रतिशोध में की गई है। हाल ही में आतंकियों ने पाकिस्तानी सेना की एक चौकी को निशाना बनाया था, जिसमें भारी गोलाबारी और आत्मघाती हमले में 6 जवान शहीद हो गए थे। पाकिस्तान का दावा है कि इन हमलों की योजना अफगानिस्तान की धरती पर बनी थी, जिसके जवाब में पाकिस्तानी जेट्स और मिसाइलों ने सीमा पार आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया।
7 की मौत और 75 से ज्यादा घायल
अफगानिस्तान के स्थानीय अधिकारियों और तालिबान प्रवक्ता के अनुसार, पाकिस्तानी मिसाइलें रिहायशी इलाकों और संदिग्ध आतंकी ठिकानों पर गिरीं। इस हमले में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 75 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। धमाके इतने शक्तिशाली थे कि कई इमारतें जमींदोज हो गईं। पक्तिका और खोस्त के अस्पतालों में आपात स्थिति घोषित कर दी गई है।
Today, April 27, 2026, the military regime of Pakistan once again conducted artillery shelling using mortars and rockets against multiple areas of Asadabad, the provincial capital of Kunar, as well as parts of Manogai District.
— Hamdullah Fitratحمدالله فطرت (@FitratHamd) April 27, 2026
In these attacks, which commenced at 2:00 PM,… pic.twitter.com/vnpTU2W6be
तालिबान की चेतावनी और बढ़ता तनाव
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि "पाकिस्तान को अपनी आक्रामकता के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।" दूसरी तरफ, पाकिस्तान ने दोटूक कहा है कि वह अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा और यदि अफगानिस्तान अपनी धरती का इस्तेमाल आतंकियों को करने देगा, तो ऐसे हमले जारी रहेंगे।
डूरंड लाइन पर युद्ध जैसे हालात
इस हमले के बाद डूरंड लाइन पर तनाव चरम पर पहुंच गया है। दोनों देशों ने सीमा पर अतिरिक्त सैनिकों और भारी हथियारों की तैनाती कर दी है। अंतरराष्ट्रीय जानकारों का मानना है कि यदि यह तनाव जल्द नहीं थमा, तो यह एक पूर्ण सैन्य संघर्ष में बदल सकता है। पाकिस्तान में बढ़ते आतंकी हमलों के पीछे 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' (TTP) का हाथ माना जा रहा है, जिसे कथित तौर पर अफगानिस्तान में पनाह मिली हुई है।
होर्मुज में फंसी दुनिया: समंदर में सैकड़ों जहाजों की कतार, राशन और पानी के लिए तरस रहे 20,000 नाविक! डराने वाला वीडियो
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पिछले कुछ हफ्तों से जारी नाकेबंदी ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। समंदर के इस सबसे महत्वपूर्ण रास्ते पर ईरान और अमेरिका के बीच मची तकरार अब एक बड़े मानवीय और आर्थिक संकट में बदल चुकी है। ताजा वीडियो रिपोर्टों के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट के मुहाने पर सैकड़ों मालवाहक जहाज और तेल टैंकर लंगर डाले खड़े हैं। वे इस रास्ते के खुलने का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि ईरान ने आवाजाही पर कड़ी पाबंदियां लगा रखी हैं, जबकि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी है।
20,000 नाविकों का जीवन दांव पर
इस नाकेबंदी का सबसे डरावना पहलू मानवीय संकट है। रिपोर्ट के अनुसार, समुद्र में फंसे इन सैकड़ों जहाजों पर कम से कम 20,000 नाविक सवार हैं। ये नाविक पिछले कई दिनों से युद्ध जैसी स्थितियों के बीच फंसे हुए हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि जहाजों पर राशन और ताजे पानी की भारी किल्लत हो गई है। नाविकों को सीमित राशन के सहारे खुद को जीवित रखने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। एपी (AP) द्वारा जारी किए गए वीडियो में दुनिया की तीसरी बड़ी शिपिंग कंपनी फ्रांस की CMA CGM के टैंकरों समेत कई जहाज कतार में खड़े नजर आ रहे हैं।
Ships wait in the Strait of Hormuz where a standoff remains between the U.S. and Iran. Iran has restricted movement through the strait, and the U.S. has enforced a blockade of Iranian ports. pic.twitter.com/klFr91QHNV
— The Associated Press (@AP) April 27, 2026
कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग
होर्मुज ब्लॉकैड का सीधा असर वैश्विक बाजार पर पड़ा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। जून डिलीवरी वाले ब्रेंट क्रूड का भाव 1.3 प्रतिशत बढ़कर 109.64 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। यह लगातार सातवां दिन है जब तेल की कीमतें ऊपर गई हैं। 7 अप्रैल के बाद यह अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह नाकेबंदी जल्द नहीं हटी, तो तेल और गैस की सप्लाई पूरी तरह ठप हो सकती है, जिससे वैश्विक मंदी का खतरा पैदा हो जाएगा।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का बड़ा एक्शन
समंदर में तनाव उस समय और बढ़ गया जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की कि उसके गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर 'यूएसएस राफेल पेराल्टा' (USS Rafael Peralta) ने रविवार को एम/टी स्ट्रीम (M/T Stream) नामक जहाज को ईरानी बंदरगाह की तरफ जाने से रोक दिया। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सख्त नाकेबंदी लागू कर रखी है और वह किसी भी जहाज को ईरानी बंदरगाहों तक पहुंचने नहीं दे रहा है। इस सैन्य टकराव के कारण युद्ध की स्थिति और अधिक जटिल हो गई है और शांति वार्ता की कोशिशें फिलहाल पूरी तरह से ठप नजर आ रही हैं।
Guided-missile destroyer USS Rafael Peralta (DDG 115) enforces the U.S. blockade of Iranian ports against M/T Stream after it attempted to sail to an Iranian port, April 26. pic.twitter.com/mPCIp5rLlO
— U.S. Central Command (@CENTCOM) April 28, 2026
दुनिया भर में मची अफरा-तफरी
मार्च की शुरुआत से ही होर्मुज स्ट्रेट लगभग बंद पड़ा है। चूंकि यह मार्ग दुनिया की ऊर्जा सप्लाई की 'लाइफलाइन' है, इसलिए दुनिया भर के देश अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हाथ-पांव मार रहे हैं। सप्लाई चेन टूटने से न केवल पेट्रोल-डीजल बल्कि गैस की कीमतों में भी भारी उछाल आया है। विश्लेषकों का कहना है कि यह संकट केवल दो देशों के बीच का नहीं रह गया है, बल्कि इसने पूरी दुनिया के शिपिंग उद्योग और अर्थव्यवस्था को 'डेथ ट्रैप' में धकेल दिया है।
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