इस्लामिक स्टेट के आतंकियों का कोहराम, आधी रात को गांव को घेरा, 29 लोगों को मार डाला
नाइजीरिया के उत्तर-पूर्वी हिस्से में इस्लामिक स्टेट (आईएस) से जुड़े आतंकवादियों ने रविवार देर शाम एक गांव पर भीषण हमला किया. इस हमले में कम से कम 29 लोग मारे गए. स्थानीय प्रशासन ने सोमवार को यह जानकारी दी. यह घटना देश की सबसे बड़ी सुरक्षा चुनौती को एक बार फिर उजागर करती है, जहां वर्षों से बोको हराम और आईएस वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस (आईएसडब्ल्यूएपी) जैसी आतंकी संगठनों का आतंक जारी है.
ईरान को ट्रंप की 'अंतिम' चेतावनी: या तो समझौता करो या तबाही के लिए तैयार रहो, तेहरान का नया प्रस्ताव खारिज
दुनिया एक बार फिर महायुद्ध के मुहाने पर खड़ी नजर आ रही है। ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष में अब अमेरिका ने सीधे तौर पर तेहरान को धमकी दी है। डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया कि वे ईरान के वर्तमान रुख से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं। ट्रंप का यह बयान तब आया है जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने सैन्य तैयारियों को लेकर ब्रीफिंग दी।
"पूरी तरह तबाह करना या समझौता"- ट्रंप के दो विकल्प
ट्रंप ने ईरान के सामने केवल दो रास्ते रखे हैं। उन्होंने कहा, "हमारे पास विकल्प मौजूद हैं। क्या हम जाकर उन्हें पूरी तरह से तबाह कर देना चाहते हैं और हमेशा के लिए खत्म कर देना चाहते हैं? या फिर हम एक समझौता करने की कोशिश करना चाहते हैं? ये दो ही विकल्प हैं।" ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यद्यपि वे मानवीय दृष्टिकोण से सैन्य रास्ता नहीं चुनना चाहते, लेकिन अगर ईरान नहीं माना, तो भारी बल प्रयोग अंतिम विकल्प होगा।
ईरान का नया प्रस्ताव खारिज
ईरान ने तनाव कम करने के लिए एक नया प्रस्ताव पेश किया था, जिसे ट्रंप ने सीधे तौर पर ठुकरा दिया है। उन्होंने इस बात पर भी संदेह जताया कि क्या तेहरान के साथ कोई अंतिम समझौता संभव है। ट्रंप के अनुसार, "वे एक सौदा करना चाहते हैं, लेकिन मैं उनके प्रस्ताव के विशिष्ट पहलुओं से संतुष्ट नहीं हूं।" ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरानी नेतृत्व वर्तमान में बेहद बिखरा हुआ है और उनके भीतर आंतरिक फूट है, जो किसी भी बातचीत की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
'वॉर पावर्स रिजोल्यूशन' को बताया असंवैधानिक
एक बड़ा संवैधानिक कदम उठाते हुए ट्रंप ने 60 दिन की समयसीमा तय करने वाले 'वॉर पावर्स रिजोल्यूशन' को पूरी तरह असंवैधानिक करार दिया है। उन्होंने साफ संकेत दिया है कि उनकी सरकार ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए अमेरिकी कांग्रेस से मंजूरी लेने की मोहताज नहीं है। ट्रंप का यह रुख दिखाता है कि वे ईरान के खिलाफ तत्काल और कड़े फैसले लेने के लिए स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ सकते हैं।
मिडिल ईस्ट पर क्या होगा असर?
ट्रंप की इस चेतावनी के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो गई है। Strait of Hormuz में तनाव बढ़ने की आशंका है, जहाँ अमेरिका ने पहले ही कंपनियों को ईरान को टोल न देने की चेतावनी दी है। अमेरिका की 'डार्क ईगल' जैसी घातक मिसाइलों की तैनाती के बीच ट्रंप का यह बयान तेहरान पर अधिकतम दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
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