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Yes Milord: 30 हजार करोड़ की संपत्ति किसकी, इस केस को लेकर वापस आ रहे हैं डीवाई चंद्रचूड़?

देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ एक बार फिर सुर्खियों में हैं। दरअसल अब वो एक हाई प्रोफाइल बिजनेस फैमिली के झगड़े को सुलझाने जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें कपूर फैमिली विवाद में मध्यस्थ के तौर पर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति कपूर फैमिली के पारिवारिक ट्रस्ट से जुड़े विवाद को सुलझाने के लिए की गई है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस जेवी पादरीवाला और जस्टिस उज्जवल भूया की बेंच के सामने आया। आपको बता दें यह विवाद उस कानूनी लड़ाई का केंद्र बिंदु है जो पिछले साल जून के महीने में बिजनेसमैन और करिश्मा कपूर के एक्स हस्बैंड संजय कपूर के निधन के बाद उनके द्वारा छोड़ी गई तकरीबन ₹30000 करोड़ की संपत्ति को लेकर चल रही है। आपको बता दें कि यह मुख्य विवाद संजय कपूर की मां रानी कपूर और उनकी पत्नी प्रिया कपूर के बीच में है। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने मीडिएशन के लिए सहमति जताई। इसके बाद कोर्ट ने केस को ऑफिशियली मध्यस्थता के लिए भेज दिया। कोर्ट ने सलाह दी कि परिवार के लोग खुले मन से बातचीत करें और इस विवाद को जितनी जल्दी हो सके खत्म करने की कोशिश करें। यही नहीं सुनवाई के दौरान जस्टिस पादरीवाला ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि यह परिवार का निजी मामला है। इसे परिवार तक ही सीमित रहना चाहिए। इसे सोर्स ऑफ एंटरटेनमेंट नहीं बनाना चाहिए। कोर्ट की टिप्पणी उस समय आई जब प्रिया कपूर की तरफ से पेश सीनियर वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि रानी कपूर को टीवी और मीडिया पर परिवार के विवाद से जुड़ी कोई भी बातें पब्लिकली बोलने से रोका जाए। इसके बाद कोर्ट ने दोनों पक्षों से कहा कि वह ना तो मीडिया में बयान दें और ना ही सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर कोई पोस्ट करें। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अगर परिवार बातचीत से समाधान निकाल लेता है तो सबकी भलाई इसी में होगी। और अगर विवाद का हल नहीं निकलता है तो यह मामला लंबे समय तक अदालतों में चलता रहेगा| फिलहाल सुप्रीम कोर्ट अब पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की शुरुआती रिपोर्ट का इंतजार करेगी। यह पूरा विवाद क्या है? कहां से शुरू हुआ? विस्तार से समझते हैं। 

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पोलो मैच के दौरान कपूर की मौत

12 जून 2025 को इंग्लैंड में एक पोलो मैच के दौरान संजय कपूर की मौत हो गई थी। बताया गया था कि वजह कार्डियक अरेस्ट थी। उनकी मौत के बाद यह पूरा विवाद शुरू हुआ। आर के फैमिली ट्रस्ट या रानी कपूर फैमिली ट्रस्ट को लेकर। रानी कपूर का आरोप है कि यह ट्रस्ट फर्जी गैरकानूनी और बिना रजिस्ट्रेशन वाला है और उनकी जानकारी और मंजूरी के बिना उनकी पूरी प्रॉपर्टी और परिवार की विरासत इस ट्रस्ट में डाल दी गई है। रानी कपूर ने इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में भी एक सिविल सूट फाइल किया हुआ है। उन्होंने अदालत में कहा कि उनके पति सुरिंदर कपूर ने 6 फरवरी 2013 को एक विल यानी वसीयत बनाई थी। जून 2015 में उनकी मौत के बाद उस वसीयत के मुताबिक पूरी प्रॉपर्टी रानी कपूर को मिलनी थी। सुरिंदर कपूर सोना ग्रुप ऑफ कंपनीज़ के प्रमोटर थे। रानी कपूर के मुताबिक जनवरी 2016 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस वसीयत को कानूनी मंजूरी भी दे दी थी। उस समय उनके तीनों बच्चों ने भी अदालत में कोई आपत्ति नहीं जताई थी। लेकिन इसके बावजूद अगले कुछ सालों में उनकी संपत्ति को कथित तौर पर कई गैरकानूनी ट्रांजैक्शन के जरिए आर के फैमिली ट्रस्ट में ट्रांसफर कर दिया गया था। रानी कपूर का आरोप है कि यह सब ऑब्वियसली उनकी अनुमति के बिना हुआ था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संजय कपूर की मौत के तुरंत बाद उनकी बहू प्रिया कपूर ने तेजी से सोना ग्रुप की कंपनियों पर कंट्रोल पाने की कोशिश शुरू कर दी थी।

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सोशल मीडिया पर टिप्पणी से परहेज

आपको बता दें कुछ ही दिनों पहले संजय कपूर की महारानी कपूर की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में एक दीवानी मुकदमा दायर किया गया था। इस ट्रस्ट को उन्होंने अवैध धोखाधड़ी और जालसाजी के जरिए बनाया गया। घोषित करने की मांग की थी। इस विवाद में शामिल परिवार के अन्य सदस्य ट्रस्ट से जुड़े मामले में मध्यस्थता के लिए पेश होने को राजी हो गए हैं। इसमें करिश्मा कपूर के बच्चे समायरा और कियान भी शामिल है। उन्होंने कहा कि जालसाजी का उनका मामला ट्रस्ट से अलग चलेगा। वहीं संजय कपूर की वर्तमान पत्नी प्रिया कपूर ने अदालत में कहा कि उनके दिवंगत पति की मां यानी रानी कपूर को सार्वजनिक रूप से घर के झगड़े जाहिर कर देना बंद करना चाहिए। उनका इशारा इस मामले में सार्वजनिक रूप से की गई टिप्पणियों पर था। इसके बाद न्यायालय ने सभी पक्षों को खुले दिमाग से मध्यस्थता की कारवाही में भाग लेने का आग्रह करते हुए कहा कि वे सार्वजनिक रूप से कोई बयान ना दें और इस विवाद के बारे में सोशल मीडिया पर भी कुछ ना कहें। इस मामले में सुनवाई कर रहे जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस उज्जवल भैया की पीठ ने कहा यह एक पारिवारिक विवाद है। इसे केवल परिवार के सदस्यों तक ही सीमित रहने दें। इसे मनोरंजन का स्रोत नहीं बनाया जाना चाहिए। पीठ ने इस मामले में टिप्पणी की कि परिवार के सदस्यों के बीच विवाद की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए 27 अप्रैल को सुझाव दिया गया था कि पक्षों को मध्यस्थता का सहारा लेने पर विचार करना चाहिए। 

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डीवाई चंद्रचूड़ की मध्यस्थ के रूप में नियुक्ती

पीठ ने कहा था आज संबंधित पक्षों की ओर से पेश सभी वकीलों ने मध्यस्थता के लिए सहज सहमति व्यक्त की है। इसे देखते हुए हम भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को मध्यस्थ के रूप में नियुक्त करते हैं। हम मध्यस्थ प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने की प्रतीक्षा करेंगे और उसके बाद मामले में आगे की कार्यवाही करेंगे। मामले की अगली सुनवाई अब अगस्त में होगी। शीर्ष अदालत ने 27 अप्रैल को संजय कपूर की मां द्वारा दायर उस मामले में प्रिया कपूर और अन्य से जवाब मांगा था। जिसमें पारिवारिक ट्रस्ट को अमान्य घोषित करने का निर्देश देने की मांग उठाई गई थी। पीठ ने 80 साल की रानी कपूर द्वारा दायर याचिका पर प्रिया कपूर और अन्य को नोटिस जारी किया था। याचिका में आरोप लगाया गया था कि अक्टूबर 2017 में उनके नाम पर गठित ट्रस्ट, जाली, मनगढ़ंत और धोखाधड़ी वाले दास्तावेजों का परिणाम है। संपत्ति और पर संपत्तियों पर नियंत्रण को लेकर कानूनी कारवाई दिल्ली की उच्च न्यायालय में लंबित है। वहीं शीर्ष अदालत में दायर याचिका में ट्रस्ट की सभी संपत्तियों के हस्तांतरण पर यथास्थिति बनाए रखने का अनुरोध किया गया था। अब खबर है कि शीर्ष अदालत की ओर से मामले में दिए गए सुझाव को मान लिया गया है।
वैसे इस हाई प्रोफाइल कानूनी लड़ाई की बात करें तो इसमें कई बड़े वकील अलग-अलग पक्षों की ओर से पेश हुए। रानी कपूर की तरफ से वरिष्ठ वकील श्याम दीवान और वैभव ग्गर थे। वहीं प्रिया कपूर की तरफ से मुकुल रोहतगी भी पेश हुए थे। इसके अलावा कपिल सिब्बल, महेश जेठमलानी और दूसरे वरिष्ठ वकील भी अलग-अलग पक्षों की तरफ से अदालत में मौजूद रहे। अब देखना यह है कि डीवाई चंद्रचूड़ की मध्यस्थता के बाद इस मामले में क्या हल निकलता है।

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West Bengal में Suvendu की शपथ, Mamata Banerjee ने बदला X Bio, क्या यह हार की स्वीकृति है?

सुवेंदु अधिकारी के पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के कुछ घंटों बाद ही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने X पर अपनी प्रोफाइल का विवरण अपडेट कर दिया, जिससे इस बात पर एक नया राजनीतिक विवाद छिड़ गया कि क्या उन्होंने आखिरकार राज्य में भाजपा की जीत को स्वीकार कर लिया है। बनर्जी की प्रोफाइल में अब उन्हें अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की संस्थापक अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री (15वीं, 16वीं और 17वीं विधानसभा) के रूप में वर्णित किया गया है।
 

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इससे पहले, उनकी प्रोफाइल में उन्हें माननीय मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल के रूप में संबोधित किया गया था। यह बदलाव कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद हुआ, जहां भाजपा ने राज्य में अपनी पहली सरकार का गठन किया। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में भाजपा ने भारी बहुमत हासिल करते हुए 207 सीटें जीतीं और बंगाल की राजनीति में क्षेत्रीय दलों के वर्षों के वर्चस्व को समाप्त कर दिया।

जीत के बाद, अधिकारी ने राज्यपाल आरएन रवि से मुलाकात की और औपचारिक रूप से सरकार बनाने का दावा पेश किया। इस फैसले को "ऐतिहासिक" बताते हुए, नए मुख्यमंत्री ने विकास, शासन सुधार और राजनीतिक स्थिरता पर केंद्रित सरकार का वादा किया। शपथ ग्रहण समारोह एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजनीतिक घटना में तब्दील हो गया, जिसमें कई केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और एनडीए के वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
 

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बनर्जी के सोशल मीडिया प्रोफाइल में हुए अपडेट ने सबका ध्यान खींचा है क्योंकि यह चुनाव में हार के बाद उनके इस्तीफे की मांग का कड़ा विरोध करने के कुछ दिनों बाद आया है। नतीजों के बाद, टीएमसी प्रमुख ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह चुपचाप पद नहीं छोड़ेंगी और उन्होंने चुनाव आयोग की कड़ी आलोचना करते हुए चुनाव के दौरान अनुचित प्रक्रियाओं का आरोप लगाया था। उन्होंने चुनाव आयोग पर भाजपा का पक्ष लेने का भी आरोप लगाया और अन्य राज्यों में विपक्षी गठबंधनों की हार को एक व्यापक राजनीतिक परिदृश्य का हिस्सा बताया।

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  Sports

वो 4 बदनसीब बल्लेबाज, जिनको टी20 में लगा 99 का झटका... शतक की दहलीज पर टूटा दिल

4 batsman Dismissed for 99 in T20I: टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में शतक लगाना एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन 99 के स्कोर पर आउट होना किसी त्रासदी से कम नहीं. क्रिकेट इतिहास में अब तक एलेक्स हेल्स, हामिद शाह, अब्दुल वहीद और स्कॉट एडवर्ड्स जैसे धाकड़ बल्लेबाज इस 'नर्वस नाइंटी' का शिकार हुए हैं. जब ये खिलाड़ी उपलब्धि के करीब थे, तभी नियति ने उन्हें शतक की दहलीज से वापस भेज दिया. Sat, 9 May 2026 16:37:55 +0530

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VCK ने TVK को समर्थन देने का ऐलान किया | #breakingnews #shorts #viralvideo #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-09T12:10:02+00:00

Mahabharat LIVE: टूटा INDIA Alliance! | West Bengal CM Oath Ceremony | Suvendu | Mamata | PM Modi #tmktech #vivo #v29pro
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Suvendu Adhikari: सीएम बनते ही सुवेंदु का पहला एक्शन! | Mamata Banerjee | West Bengal Oath Ceremony #tmktech #vivo #v29pro
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