क्रूज शिप पर हंटावायरस संक्रमण के बाद भारत सरकार अलर्ट, निगरानी बढ़ाई गई
नई दिल्ली, 8 मई (आईएएनएस)। क्रूज शिप एमवी होंडियस पर हंटावायरस संक्रमण के मामलों के सामने आने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है। सरकार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों के साथ मिलकर स्थिति पर करीबी नजर रख रही है।
एनडीटीवी के हवाले से एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और अन्य अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों के साथ मिलकर उच्चस्तरीय निगरानी तंत्र सक्रिय कर चुका है, ताकि वायरस के संभावित प्रसार को रोका जा सके।
अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम (आईएचआर) ढांचे के तहत साझा की गई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जहाज पर हंटावायरस संक्रमण के आठ संभावित मामले सामने आए हैं, जिनमें से पांच की प्रयोगशाला जांच में पुष्टि हो चुकी है।
इसके अलावा, इस महीने की शुरुआत में डब्ल्यूएचओ को प्रकोप की जानकारी मिलने के बाद अब तक तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, संक्रमण का संबंध हंटावायरस के एंडीज स्ट्रेन से माना जा रहा है। यह स्ट्रेन अन्य कई हंटावायरस प्रकारों के विपरीत सीमित स्तर पर इंसान से इंसान में फैल सकता है।
हालांकि अधिकारियों ने कहा कि वायरस का प्रसार आमतौर पर लंबे और बेहद करीबी संपर्क में आने से होता है और फिलहाल वैश्विक स्तर पर जोखिम कम माना जा रहा है।
इसके बावजूद स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हैं, क्योंकि वायरस की ऊष्मायन अवधि (इंक्यूबेशन पीरियड) लंबी होती है। इससे जहाज पर मौजूद यात्रियों और क्रू सदस्यों में आगे भी नए मामले सामने आने की आशंका बनी हुई है।
डब्ल्यूएचओ फिलहाल आईएचआर तंत्र के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया समन्वयित कर रहा है। इसके तहत डायग्नोस्टिक सहायता मजबूत करने, महामारी विज्ञान संबंधी आकलन करने और यात्रियों व क्रू के सुरक्षित उतरने तथा आगे की यात्रा सुनिश्चित करने के उपाय किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि आईएचआर चैनलों से मिली जानकारी के अनुसार जहाज पर दो भारतीय नागरिक भी मौजूद हैं। दोनों में फिलहाल कोई लक्षण नहीं हैं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के तहत निगरानी में रखा गया है।
स्थिति को देखते हुए एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) के तहत सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल संचालन केंद्र और एनसीडीसी ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी की। इसमें आईडीएसपी और आईएचआर-एनएफपी इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लेकर तैयारियों और स्थिति का आकलन किया।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि वह डब्ल्यूएचओ और अन्य वैश्विक स्वास्थ्य साझेदारों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए एहतियाती सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय शुरू कर दिए गए हैं।
--आईएएनएस
डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
दो दिन में 97 लाख से ज्यादा घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी, ऑनलाइन बुकिंग 99 प्रतिशत पहुंची: सरकार
नई दिल्ली, 8 मई (आईएएनएस)। सरकार ने शुक्रवार को बताया कि पिछले दो दिनों में करीब 87.66 लाख सिलेंडर बुकिंग के मुकाबले 97 लाख से ज्यादा घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी की गई। वहीं, रसोई गैस की ऑनलाइन बुकिंग बढ़कर 99 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि घरेलू एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। उपभोक्ताओं के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजे गए ऑथेंटिकेशन कोड के आधार पर 95 प्रतिशत डिलीवरी की जा रही है, ताकि डिस्ट्रीब्यूटर स्तर पर गैस की हेराफेरी रोकी जा सके। पश्चिम एशिया संकट के कारण सप्लाई में आई दिक्कतों के बावजूद किसी भी रिटेल गैस एजेंसी पर गैस खत्म होने की स्थिति सामने नहीं आई है।
पिछले दो दिनों में करीब 1.11 लाख छोटे 5 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर भी बेचे गए। 3 अप्रैल से अब तक सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने 10,700 से ज्यादा जागरूकता शिविर लगाए हैं, जिनमें शहरी इलाकों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों को छोटे सिलेंडर के उपयोग के बारे में जानकारी दी जा रही है।
इसके अलावा, पिछले दो दिनों में 15,493 मीट्रिक टन से ज्यादा कमर्शियल एलपीजी की बिक्री हुई, जो 19 किलोग्राम वाले करीब 8.15 लाख सिलेंडरों के बराबर है।
आईओसीएल, एचपीसीएल और बीपीसीएल के कार्यकारी निदेशकों की तीन सदस्यीय समिति राज्य सरकारों और उद्योग संगठनों के साथ मिलकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल एलपीजी बिक्री की योजना तय कर रही है।
करीब 6.5 लाख पीएनजी कनेक्शन में गैस सप्लाई शुरू की जा चुकी है और अतिरिक्त 2.66 लाख कनेक्शन के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है। इसके साथ कुल पीएनजी कनेक्शन की संख्या 9.16 लाख तक पहुंच गई है। वहीं, 7.08 लाख नए ग्राहकों ने नए कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है।
बयान में आगे कहा गया है कि एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए देश भर में लगातार कार्रवाई जारी है। गुरुवार को पूरे देश में 2,000 से ज्यादा छापेमारी की गई।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने अचानक निरीक्षण अभियान तेज कर दिए हैं। अब तक 378 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरों पर जुर्माना लगाया गया है, जबकि 76 गैस एजेंसियों को गुरुवार तक निलंबित किया जा चुका है।
मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम स्थिर बने हुए हैं। देश भर में इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल के पेट्रोल पंपों पर दोनों ईंधनों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के बावजूद देश भर में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
सरकार के अनुसार, सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और उनके पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों में स्थानीय एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की अतिरिक्त खरीदारी न करें। साथ ही अफवाहों से बचें और सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। एलपीजी उपभोक्ताओं से डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बुकिंग करने और गैस एजेंसियों पर भीड़ लगाने से बचने को कहा गया है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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