केपीआईटी टेक्नोलॉजीज के संस्थापक रवि पंडित का 71 वर्ष की आयु में निधन
नई दिल्ली, 8 मई (आईएएनएस)। केपीआईटी टेक्नोलॉजीज के संस्थापक और चेयरमैन रवि पंडित का शुक्रवार को पुणे में 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया। यह जानकारी कंपनी द्वारा एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई।
डॉ. एस.बी. (रवि) पंडित केएंडपी ग्रुप के चेयरमैन और सह-संस्थापक थे और उन्होंने केपीआईटी टेक्नोलॉजीज को ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर और इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस पर केंद्रित एक वैश्विक मोबिलिटी टेक्नोलॉजी कंपनी के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनके नेतृत्व में, केपीआईटी टेक्नोलॉजीज ने 15 देशों में अपनी उपस्थिति का विस्तार किया और ऑटोमोटिव क्षेत्र को मोबिलिटी सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन प्रदान किए, जिनमें ऑटोनॉमस ड्राइविंग, इलेक्ट्रिफिकेशन और क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी शामिल हैं।
कॉर्पोरेट नेतृत्व के अलावा, पंडित कई सार्वजनिक नीति, सतत विकास और सामाजिक पहलों से सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे।
उन्होंने पुणे इंटरनेशनल सेंटर और जनवानी जैसे संस्थानों की सह-स्थापना की और गोखले इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स एंड इकोनॉमिक्स (जीआईपीई) के सतत विकास केंद्र के माध्यम से नीति अनुसंधान पहलों का समर्थन किया।
पंडित ने मराठा चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्रीज एंड एग्रीकल्चर (एमसीसीआईए) के चेयरमैन के रूप में सहित विभिन्न राष्ट्रीय मंचों पर भारतीय उद्योग का प्रतिनिधित्व किया और कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) की कई समितियों में योगदान दिया।
सत्र में बीएसई पर केपीआईटी टेक्नोलॉजीज के शेयर 0.61 प्रतिशत बढ़कर 726 रुपए प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे थे। शेयर का 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 1,433 रुपए और 52 सप्ताह का न्यूनतम स्तर 625 रुपए है।
इस सप्ताह की शुरुआत में, कंपनी ने मार्च तिमाही के लिए समेकित शुद्ध लाभ में 33 प्रतिशत की वार्षिक गिरावट दर्ज की, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 245 करोड़ रुपए के मुकाबले 163 करोड़ रुपए रहा।
लाभ में गिरावट के बावजूद, कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में परिचालन राजस्व में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 1,528 करोड़ रुपए के मुकाबले 1,711 करोड़ रुपए रहा।
--आईएएनएस
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Poha Health Risks: सुबह का फेवरेट ब्रेकफास्ट सेहत के लिए पड़ सकता है भारी! शेफ संजीव कपूर ने बताए पोहा खाने के खतरे
Poha Health Risks: जब भी आप सुबह मार्केट में जाते हैं तो आपको रेस्टोरेंट या स्टॉल पर अक्सर पोहा बिकते हुए दिख जाता है. वहीं कई लोग अपने घर पर भी तरह-तरह का पोहा बनाकर खाना पसंद करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस पोहा को आप हेल्दी समझकर सुबह नाश्ते में खाते हैं तो वह आपके शरीर के लिए किसी साइलेंट किलर से कम नहीं है. दरअसल, हाल ही में मास्टरशेफ संजीव कपूर ने एक पॉडकास्ट के दौरान पोहा लवर्स के मन में सवाल खड़ा कर दिया है. संजीव कपूर ने कहा कि यदि आप अपना ब्लड शुगर लेवल चेक करना चाहते हैं तो सुबह नाश्ते में बस 1 प्लेट पोहा खा लें और इंसुलिन का रिस्पॉन्स देखें. उनका कहना है कि पोहा खाने से शुगर लेवल काफी बढ़ जाता है जो आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है. ऐसे में चलिए संजीव कपूर से जानते हैं कि पोहा सेहत के लिए क्यों खतरनाक होता है?
पोहा क्यों है लोगों का पसंदीदा नाश्ता?
शेफ संजीव कपूर ने पॉडकास्ट के दौरान बताया की पोहा चावल से बनाया जाता है. इसमें तेल कम लगता है और यह जल्दी पच जाता है. यही वजह है कि लोग इसे हेल्दी ऑप्शन मानते हैं. इसमें मूंगफली, सब्जियां और मसाले डालकर इसका स्वाद बढ़ाया जाता है. हालांकि, हर चीज की तरह पोहा भी तभी तक अच्छा है, जब तक इसे संतुलित मात्रा में खाया जाए.
ज्यादा पोहा खाने के नुकसान
ब्लड शुगर बढ़ सकता है
पोहा चावल से बनता है. इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है. संजीव कपूर कहते हैं कि अगर आप रोज बड़ी मात्रा में पोहा खाते हैं, तो ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है. डायबिटीज के मरीजों को इसे सीमित मात्रा में खाना चाहिए.
जल्दी भूख लग सकती है
पोहा हल्का होता है. इसमें प्रोटीन की मात्रा कम होती है. ऐसे में इसे खाने के कुछ समय बाद फिर से भूख लग सकती है. इससे बार-बार खाने की आदत बढ़ सकती है.
वजन बढ़ने का खतरा
शेफ संजीव कपूर के दौरान कई लोग पोहा को वजन घटाने वाला फूड मानते हैं. लेकिन ज्यादा तेल, नमकीन सेव और मूंगफली डालकर खाने से इसकी कैलोरी बढ़ जाती है. रोजाना ज्यादा मात्रा में खाने से वजन बढ़ सकता है.
पोषण की कमी हो सकती है
अगर आप रोज सिर्फ पोहा ही नाश्ते में खाते हैं, तो शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते. शरीर को प्रोटीन, फाइबर और विटामिन्स की भी जरूरत होती है. एक ही तरह का नाश्ता लंबे समय तक खाना सही नहीं माना जाता.
कैसे बनाएं पोहा को ज्यादा हेल्दी?
ज्यादा सब्जियां डालें
पोहा बनाते समय इसमें मटर, गाजर, शिमला मिर्च और टमाटर जैसी सब्जियां डालें. इससे फाइबर और पोषण बढ़ेगा.
प्रोटीन जरूर शामिल करें
इसके साथ दही, अंकुरित अनाज या उबले अंडे खा सकते हैं. इससे पेट लंबे समय तक भरा रहेगा.
कम तेल का इस्तेमाल करें
बहुत ज्यादा तेल और तले हुए मसाले पोहा को अनहेल्दी बना सकते हैं. हल्के तेल में बना पोहा ज्यादा बेहतर माना जाता है.
सेव और नमकीन कम डालें
कई लोग स्वाद के लिए ऊपर से ज्यादा सेव डालते हैं. इससे सोडियम और फैट बढ़ जाता है. इसे कम मात्रा में इस्तेमाल करना चाहिए.
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?
डायबिटीज, मोटापा और पाचन संबंधी समस्या वाले लोगों को पोहा सीमित मात्रा में खाना चाहिए. साथ ही सुबह के नाश्ते में रोज एक ही चीज खाने से बचना चाहिए. डाइट में बदलाव रखना शरीर के लिए बेहतर माना जाता है. कभी पोहा, कभी दलिया, उपमा, ओट्स या पराठा जैसी चीजें शामिल करनी चाहिए.
पोहा पूरी तरह खराब नहीं है. सही तरीके से बनाया गया पोहा शरीर को ऊर्जा देता है. लेकिन जरूरत से ज्यादा खाना या गलत तरीके से बनाना नुकसान पहुंचा सकता है. अगर आप इसे संतुलित मात्रा में और हेल्दी चीजों के साथ खाते हैं, तो यह एक अच्छा ब्रेकफास्ट बन सकता है.
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(Disclaimer: इस खबर को सामान्य जानकारी के आधार पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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