धामी सरकार का अहम फैसला, उत्तराखंड के विकास और आपदा राहत के लिए 74 करोड़ मंजूर
Uttarakhand News: उत्तराखंड सरकार राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने के लिए लगातार बड़े फैसले ले रही है. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बुनियादी सुविधाओं के विकास और आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए 74 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि की स्वीकृति प्रदान की है. इस फैसले से राज्य के दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक अवस्थापना सुविधाओं में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा. सरकार का मुख्य ध्यान आपदा से क्षतिग्रस्त हुई सरकारी संपत्तियों के जीर्णोद्धार और जनता को सुरक्षा प्रदान करने पर है.
शिक्षा और आपदा प्रबंधन पर विशेष जोर
आपदा के कारण प्रदेश के कई विद्यालयों की इमारतों और परिसरों को भारी नुकसान पहुंचा था, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी. इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने माध्यमिक शिक्षा और प्रारंभिक शिक्षा के अंतर्गत संचालित विद्यालयों के लिए 15-15 करोड़ रुपये, यानी कुल 30 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस बजट का उपयोग राज्य आपदा मोचन निधि के माध्यम से क्षतिग्रस्त आधारभूत सुविधाओं की तुरंत मरम्मत के लिए किया जाएगा, ताकि छात्रों और कर्मचारियों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार हो सके और शिक्षण कार्य बिना किसी रुकावट के जारी रह सके.
विभिन्न जनपदों में बाढ़ सुरक्षा और निर्माण कार्य
राज्य के अलग-अलग जिलों में आपदा से बचाव और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी गई है. बागेश्वर के बेडा-मझड़ा में नया हेलीपैड बनाने के लिए 8.91 करोड़ रुपये दिए गए हैं. धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और स्वच्छता बनाए रखने के लिए गंगोत्री धाम में सीवर लाइन और शौचालयों के काम के लिए 4.99 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. उधमसिंहनगर के खटीमा क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा के लिए 4.01 करोड़ रुपये और भारत-नेपाल सीमा पर स्थित गांवों व सुरक्षा बलों के कैंप की सुरक्षा के लिए 4.62 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई है.
राहत-बचाव उपकरण और तकनीक के लिए विशेष प्रावधान
आपदा के समय तुरंत मदद पहुंचाने और पूर्व चेतावनी प्रणाली को दुरुस्त रखने के लिए भी धन आवंटित किया गया है. भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली के रखरखाव के लिए 2 करोड़ रुपये और सैटेलाइट फोन के रीचार्ज के लिए 1.90 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. इसके साथ ही जोशीमठ भूस्खलन कंट्रोल रूम में तैनात विशेषज्ञों के मानदेय, विभिन्न मॉक अभ्यास के आयोजन और आधुनिक उपकरणों के रखरखाव के लिए विशेष बजट दिया गया है. चमोली जिले में आपदा के समय रास्ते खोलने में लगाई गई जेसीबी मशीनों के बकाए भुगतान के लिए भी 3.18 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं.
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शहीद मंदीप सिंह नेगी को मिला सम्मान
विकास कार्यों के साथ-साथ धामी सरकार ने देश के लिए बलिदान देने वाले वीर जवानों को सम्मान देने का काम भी किया है. विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल के अंतर्गत आने वाले चलकुडिया-मसमोली-नौखोली मोटर मार्ग का नाम बदलकर अब शहीद मंदीप सिंह नेगी मोटर मार्ग करने का अनुमोदन दिया गया है. सरकार के इस कदम से क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है और यह कदम वीर शहीदों के प्रति राज्य की सच्ची श्रद्धांजलि है.
इस पूरी योजना के माध्यम से धामी सरकार का लक्ष्य राज्य के हर जिले को आपदा से सुरक्षित बनाना और बुनियादी ढांचे को और अधिक मजबूत करना है. नगर पालिका परिषद हरबर्टपुर में ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना के लिए 3.27 करोड़ रुपये की स्वीकृति से शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान को भी नई दिशा मिलेगी.
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'मेरी सेल्फ रिस्पेक्ट, मेरी ईमानदारी बहुत जरूरी है', CINTAA विवाद पर पूनम ढिल्लों का करारा जवाब
Poonam Dhillon on CINTAA Controversy: इन दिनों ने सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) विवाद चर्चा में बना हुआ है. इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब CINTAA की कार्यकारी समिति के 11 सदस्यों ने अपने पदों से सामूहिक इस्तीफा दिया था. इतना ही नहीं इन सदस्यों ने CINTAA की अध्यक्ष और एक्ट्रेस पूनम ढिल्लों (Poonam Dhillon) और वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद्मिनी कोल्हापुरे पर एकतरफा फैसले लेने और नियमों का पालन न करने का आरोप लगाया था. इस्तीफा देने वालों में हेमंत पांडे, मुकेश ऋषि, पुनीत इस्सर, विंदू दारा सिंह, साहिला चड्ढा और दीपक पाराशर जैसे नाम सामने आए थे. अब इस पूरे मामले में पहली बार पूनम ढिल्लों ने सफाई दी है. उन्होंने अपने ऊपर लगे कथित आरोपों को बेहद अपमानजनक और निराधार बताया है. साथ ही उनका कहना है कि मेरी सेल्फ रिस्पेक्ट और ईमानदारी बहुत जरूरी है. आइए जानते हैं कि उन्होंने CINTAA विवाद और अपने ऊपर लगे कथित आरोपों पर क्या सफाई दी है.
पूनम ने विवाद पर सफाई देना समझा बेहतर
हाल ही में पूनम ढिल्लों ने न्यूज एजेंसी एएनआई को इंटरव्यू दिया और CINTAA पर खुलकर अपनी पहली बार राय रखी. उन्होंने कहना है कि जब कुछ लोगों को कानूनी प्रक्रिया के जरिए अपने मन मुताबिक नतीजे नहीं मिले तो उन्होंने CINTAA के सदस्यों पर नियंत्रण बनाने की कोशिश की. पूनम के मुताबिक, उनके और एक्ट्रेस पद्मिनी कोल्हापुरे के खिलाफ बेहद सीरियस और आपत्तिजनक आरोप लगाए गए. उन्होंने कहा कि शुरु में उन दोनों ने चुप रहना ही बेहतर समझा, लेकिन लगातार तरह-तरह की बातें सामने आने के बाद उन्होंने इस मामले में सफाई देने का फैसला किया है.
हर शख्स के खिलाफ कर सकते थे मानहानि का केस
पूनम ढिल्लों ने अपने ऊपर और एक्ट्रेस पद्मिनी पर लगाए आरोपों की भाषा पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि बातें इतनी आपत्तिजनक थीं कि चाहतीं तो डिफेमेशन का केस करने बारे में सोच सकती थीं. उन्होंने कहा, 'आप भरोसा नहीं करेंगे कि आरोप कितने अश्लील थे. वे इतने आपत्तिजनक थे कि अगर हम चाहते, तो इसमें शामिल हर शख्स के खिलाफ मानहानि की कार्रवाई करने पर विचार कर सकते थे. इस तरह के आरोप, तकलीफ देने वाले बयान और आपत्तिजनक भाषा बडे़ स्तर पर फैलाई गई.'
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The CINTAA dispute has now moved beyond committee disagreements, with resignations, allegations, and questions over the role of the CAWT adding to the tension. Actress and CINTAA President Poonam Dhillon has now spoken openly about what happened and why she believes the… pic.twitter.com/CiP4l7YCnU
— The Statesman (@TheStatesmanLtd) August 11, 2026
'मेरी सेल्फ रिस्पेक्ट, मेरी ईमानदारी बहुत ज़रूरी है'
उन्होंने आगे कहा, 'उनके पास पैसे देकर रखे गए प्रवक्ता थे, जो इस तरह की बातें करते थे. उनमें से एक या दो CINTAA के सदस्य भी थे और उन्होंने कुछ बेहद गलत और तकलीफ देने वाले बयान दिए. लेकिन फिर भी हमने चुप रहना चुना. लेकिन मैं सिर्फ एक बात कहूंगी. मेरा आत्म-सम्मान, मेरी ईमानदारी बहुत ज़रूरी है.' पूनम ने अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्होंने और उनके साथियों ने अपनी पहचान एक-दो साल में नहीं बनाई है.
“45 साल से इंडस्ट्री में हूं,
पूनम ने यह भी बताया कि कई बार उनका मन CINTAA की एग्जीक्यूटिव कमेटी छोड़ने का हुआ था. उनके लिए लगातार आ रहीं मुश्किलें परेशान करने वाला थीं. 'हम लोग इंडस्ट्री में 42 साल से हैं, कोई 45 साल से है, कोई 48 साल से इंडस्ट्री का हिस्सा है. क्या आपको सच में लगता है कि इतने सालों के बाद हम लोग इस तरह की बेवफाई करेंगे? मैं आपसे एक बहुत पर्सनल बात शेयर करना चाहती हूं. पिछले एक-डेढ़ साल में कई बार मेरा मन हुआ कि मैं CINTAA की EC छोड़कर चली जाऊं. क्योंकि इन लोगों ने हमारी लाइफ इतनी मुश्किल बना दी थी. हर एक चीज का विरोध. हर पहल का विरोध.'
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