भारतीय निर्यातकों के लिए वैश्विक पहुंच बढ़ाने के उपायों पर विचार कर रही सरकार: पीयूष गोयल
नई दिल्ली, 7 मई (आईएएनएस)। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को वाणिज्य विभाग (डीओसी) और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान भारतीय व्यवसायों के वैश्विक विस्तार को बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।
मंत्री के अनुसार, चर्चा निर्यात और निवेश को बढ़ावा देने, इच्छुक निर्यातकों के लिए अवसर खोलने और नए वैश्विक बाजारों में पैठ बनाने पर केंद्रित थी।
केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भारतीय व्यवसायों के लिए वैश्विक स्तर पर पहुंच बढ़ाने, निर्यात प्रोत्साहन प्रयासों को मजबूत करने और देश भर के उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने के उपायों पर भी विचार किया गया।
वाणिज्य मंत्रालय द्वारा संकलित नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी टैरिफ विवाद और भू-राजनीतिक तनावों से उत्पन्न अनिश्चितताओं के बावजूद, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत के कुल माल और सेवाओं के निर्यात में 4.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह रिकॉर्ड 863.11 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 825.26 अरब डॉलर था।
माल निर्यात में वित्तीय वर्ष के दौरान 0.93 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 2024-25 के 437.70 बिलियन डॉलर से बढ़कर 441.78 बिलियन डॉलर हो गया। यह वृद्धि जहाजों की आवाजाही में व्यवधान और विदेशी बाजारों में मांग की अनिश्चितताओं से प्रभावित एक कठिन वर्ष में हुई।
सेवा निर्यात में 8.71 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई और यह 2025-26 में 421.32 बिलियन डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष के 387.55 बिलियन डॉलर से अधिक है। यह वृद्धि भारत की आईटी सेवाओं, व्यावसायिक समाधानों और पेशेवर विशेषज्ञता की निरंतर वैश्विक मांग को दर्शाती है।
इस बीच, मध्य पूर्व संघर्ष के कारण आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितताओं के बावजूद, अप्रैल के पहले तीन सप्ताहों में कुल निर्यात में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई।
बयान में कहा गया है कि 1 से 21 अप्रैल की अवधि के दौरान जिन प्रमुख उत्पादों के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, वे पेट्रोलियम उत्पाद और इलेक्ट्रॉनिक सामान हैं।
टेक्नोलॉजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एप्पल जैसी कंपनियों द्वारा देश में विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने के साथ भारत इलेक्ट्रॉनिक सामानों का एक प्रमुख निर्यातक बनकर उभरा है।
गोयल ने कहा कि अप्रैल के पहले तीन हफ्तों में निर्यात में वृद्धि हुई है। पश्चिम एशिया में युद्ध के बावजूद, घरेलू निर्यातकों में जबरदस्त उत्साह है।
--आईएएनएस
एमएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पहली तिमाही में चीन के स्मार्ट उपभोक्ता उपकरण उद्योग में तेज वृद्धि
बीजिंग, 7 मई (आईएएनएस)। चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) से मिली जानकारी के अनुसार, इस वर्ष जनवरी से मार्च तक चीन के स्मार्ट उपभोक्ता उपकरण निर्माण उद्योग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। उपभोक्ता वस्तुओं के व्यापार-बदली कार्यक्रमों के विस्तार और एआई तकनीक के उपभोक्ता उत्पादों के साथ गहरे एकीकरण ने इस क्षेत्र को नई गति दी है। यह उद्योग अब चीन की औद्योगिक अर्थव्यवस्था के विकास का एक महत्वपूर्ण आधार बनता जा रहा है।
हाल के दिनों में चीन में आम उपभोक्ताओं के लिए कई नए स्मार्ट उपकरण लॉन्च किए गए हैं। इनमें ऐसे स्मार्ट चश्मे शामिल हैं, जो वस्तुओं की पहचान कर सकते हैं, अनुवाद कर सकते हैं और तस्वीरें भी खींच सकते हैं। इसके अलावा, भावना पहचानने और मानव-कंप्यूटर संवाद करने में सक्षम रोबोट तथा एआई तकनीक से लैस 3डी प्रिंटर भी बाजार में आए हैं, जो कई रंगों और विभिन्न सामग्रियों में प्रिंट कर सकते हैं। इस तरह के स्मार्ट उत्पाद उपभोक्ताओं के लिए नए और आकर्षक विकल्प बन रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष की पहली तिमाही में चीन ने 29 करोड़ 80 लाख स्मार्टफोन का उत्पादन किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 6.9 प्रतिशत अधिक है। वहीं, 44 लाख से ज्यादा सेवा रोबोट तैयार किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाते हैं।
निर्यात के क्षेत्र में भी मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला। पहली तिमाही में निर्धारित आकार से ऊपर के कंप्यूटर, संचार और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्माण उद्यमों के संचयी निर्यात वितरण मूल्य में पिछले वर्ष की तुलना में 4.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
इस दौरान चीन ने 2 करोड़ 56 लाख 10 हजार एलसीडी टीवी और 85 अरब एकीकृत सर्किट का निर्यात किया। यह पिछले वर्ष की पहली तिमाही की तुलना में क्रमशः 9 प्रतिशत और 13.4 प्रतिशत अधिक है।
चीनी इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना उद्योग विकास अनुसंधान संस्थान के अधीन इलेक्ट्रॉनिक सूचना अनुसंधान विभाग के उप निदेशक मा श्याओखाई ने बताया कि अगले चरण में चीन “कृत्रिम बुद्धिमत्ता + उपभोग” मॉडल के एकीकृत विकास को और मजबूत करेगा। साथ ही, नए बुद्धिमान व्यावसायिक मॉडल और नए उद्योग प्रारूपों को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि व्यापार-बदली कार्यक्रमों जैसी उपभोग प्रोत्साहन नीतियों को लगातार लागू किया जाएगा। इसके अलावा, स्मार्ट वियरेबल उपकरणों और अल्ट्रा-हाई-डेफिनिशन वीडियो जैसी नई तकनीकों और उत्पादों के अनुसंधान, विकास और प्रचार में भी तेजी लाई जाएगी।
बता दें कि चीन का लक्ष्य स्मार्ट उपभोक्ता उपकरण उद्योग को उच्च स्तरीय, बुद्धिमान और हरित विकास की दिशा में आगे बढ़ाना है, ताकि उद्योग की क्षमता का और अधिक उपयोग किया जा सके और नई प्रकार की बुद्धिमान अर्थव्यवस्था का निर्माण किया जा सके।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
एबीएम/
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