Punjab Blasts: पंजाब धमाकों पर AAP नेता संजय सिंह का आरोप, शांति भंग करने की हो रही कोशिश, कहा- मामले की हो निष्पक्ष जांच
Punjab Blasts: पंजाब के अमृतसर और जालंधर में हाल के दिनों में हुए धमाकों ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है. इस संवेदनशील मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि देश की शांति भंग करने की कोशिश की जा रही है. गुरुवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इन घटनाओं को लेकर अपनी गहरी चिंता जताई और सरकार से कई सवाल पूछे.
शांति भंग करने की कोशिश
सांसद संजय सिंह ने इन घटनाओं के पीछे के समय पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अक्सर देखा गया है कि जब भी चुनावी माहौल होता है या राज्य में शांति का वातावरण बनता है, तब ऐसी साजिशें रची जाती हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के अमन चैन को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. संजय सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि पंजाब की जनता अब ऐसी राजनीति को समझ चुकी है और वह नफरत या हिंसा को कभी स्वीकार नहीं करेगी. उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय राज्य की सुरक्षा को प्राथमिकता दें और जनता के बीच तनाव कम करने का काम करें.
पुरानी घटनाओं का जिक्र और निष्पक्ष जांच की मांग
संजय सिंह ने अपनी बात को मजबूती देने के लिए अतीत में हुई कुछ बड़ी आतंकी घटनाओं का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि देश में पहले भी कई ऐसी बड़ी वारदातें हुई हैं जिनके जवाब आज तक जनता को नहीं मिले हैं. लोग आज भी यह जानना चाहते हैं कि उन घटनाओं के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन थे और सुरक्षा में चूक के लिए कौन जिम्मेदार था. पंजाब के संदर्भ में उन्होंने मांग की कि अमृतसर और जालंधर धमाकों की जांच पूरी तरह निष्पक्ष और गहन होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यह केवल पुलिस की जांच तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसकी जड़ तक जाकर यह पता लगाना चाहिए कि इसके पीछे किन ताकतों का हाथ है.
पंजाब का गौरव और भाईचारा सर्वोपरि
संजय सिंह ने जोर देकर कहा कि पंजाब ने बहुत कठिन दौर देखे हैं और वहां के लोगों ने बहुत कुर्बानियां दी हैं. पंजाब की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान हमेशा से प्रेम और सौहार्द की रही है. उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसक घटना को हल्के में लेना राज्य के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा होगा. उन्होंने जनता से यह अपील भी की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और आपसी एकता बनाए रखें. सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी पंजाब की शांति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और वह चाहती है कि केंद्र सरकार और राज्य की एजेंसियां मिलकर काम करें ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
सुरक्षा को राजनीति से ऊपर रखने की सलाह
प्रेस वार्ता के अंत में संजय सिंह ने एक बार फिर दोहराया कि राष्ट्रीय सुरक्षा एक ऐसा विषय है जिस पर पक्ष और विपक्ष को एक सुर में बात करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जब भी कोई धमाका होता है या आतंकी घटना होती है, तो उसका नुकसान किसी एक दल को नहीं बल्कि पूरे समाज और आम नागरिकों को होता है. सरकार की जिम्मेदारी है कि वह लोगों को एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करे. उन्होंने मांग की कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़कर कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि जनता का सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा बना रहे. उन्होंने प्रशासन से पारदर्शिता के साथ काम करने और समय समय पर जनता को सही जानकारी देने का आग्रह किया ताकि भ्रम की स्थिति पैदा न हो.
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भारत और सूरीनाम के रिश्तों को नई ऊंचाई देने का समय : एस. जयशंकर
नई दिल्ली, 7 मई (आईएएनएस)। पारामारिबो में भारत-सूरीनाम संयुक्त आयोग की बैठक के बाद विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे सच में बहुत खुशी है कि मैं 9वीं जॉइंट कमीशन मीटिंग के लिए सूरीनाम आया हूं। यह संयोग से मेरी इस खूबसूरत देश की पहली यात्रा भी है। खास बात यह है कि इस साल हमारे दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 50 साल भी पूरे हो रहे हैं।
पिछले दस वर्षों में हमारे द्विपक्षीय रिश्तों में साफ तौर पर काफी मजबूती आई है। हमारी सरकार के दूसरे मंत्री भी इसी तरह बातचीत करते रहे हैं। आज हमारा मकसद सिर्फ इस अच्छे माहौल को आगे बढ़ाना नहीं है, बल्कि हमारे सहयोग को गहरा और व्यापक बनाना भी है। यही मेरी इस यात्रा का उद्देश्य है।
जयशंकर ने मंत्री मेल्विन बौवा से कहा कि आपसे हुई बातचीत ने हमारे दोनों देशों के सहयोग को साफ तौर पर तय करने में मदद की है। जॉइंट कमीशन की चर्चाओं ने हमें हमारे रिश्तों की पूरी तरह से समीक्षा करने का मौका दिया। हमने उच्च स्तरीय दौरों और आपसी आदान-प्रदान की अहमियत, व्यापार और निवेश बढ़ाने की संभावनाओं, विकास साझेदारी को मजबूत करने के फायदों, रक्षा और सुरक्षा सहयोग की संभावनाओं, क्षमता निर्माण के महत्व और संस्कृति तथा लोगों के बीच रिश्तों को मजबूत करने पर चर्चा की। हमारी बातचीत में कुछ वैश्विक और बहुपक्षीय मुद्दे भी शामिल रहे, जिन पर मैं अपने बाकी दौरे के दौरान आगे चर्चा करूंगा।
इस दौरान भारत के साथ रिश्तों को लेकर कुछ अहम बिंदुओं पर बात करते हुए मंत्री जयशंकर ने बताया कि हमारे रिश्ते गहरे और भरोसेमंद हैं, क्योंकि उनकी नींव लोगों के बीच मजबूत जुड़ाव पर टिकी है। हमारी कोशिश है कि इस आधार को और मजबूत किया जाए, खासकर ऐसे कार्यक्रमों और पहलों के जरिए जिनसे आम लोग खुद को जुड़ा हुआ महसूस करें। हेरिटेज मंथ इस दिशा में बेहद सराहनीय है और हमें खुशी होगी अगर हम भी किसी तरह इसमें भागीदारी और योगदान दे सकें। भारत यह समझता है कि सूरीनाम आज अपने विकास के सफर में बड़े कदम आगे बढ़ाने की स्थिति में है। पहले भारत ने यहां ट्रांसमिशन लाइनें लगाने, पानी पंपिंग स्टेशनों के नवीनीकरण, स्टील रोलिंग मिल स्थापित करने और हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर उपलब्ध कराने जैसे कामों में सहयोग किया है। सूरीनाम सरकार जिन परियोजनाओं को जरूरी और उपयुक्त मानेगी, उनके लिए भारत नई क्रेडिट लाइन देने के लिए भी तैयार है।
उन्होंने कहा कि रक्षा और सुरक्षा सूरीनाम के लिए भी उतनी ही अहम है जितनी दूसरे देशों के लिए। पहले भी हमारे सहयोग में हेलीकॉप्टर, फायर टेंडर और यूनिफॉर्म की आपूर्ति शामिल रही है। भारत सूरीनाम की सेना और पुलिस की आगे की जरूरतों को पूरा करने, खासकर प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में सहयोग देने के लिए तैयार है। सामुदायिक विकास और छोटे-छोटे ऐसे प्रोजेक्ट्स के मामले में जिनका समाज पर अच्छा असर पड़ता है, मुझे खुशी है कि भारत-कैरिकॉम ग्रांट पहल के तहत बनाया गया पेंशन फ्रूट प्रोसेसिंग यूनिट अब तैयार है। मैं इसके हस्तांतरण का इंतजार कर रहा हूं।
जयशंकर ने कहा कि व्यापार और पर्यटन हमारे रिश्तों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। मैं आपसे यह साझा करना चाहता हूं कि आज भारत का लैटिन अमेरिका और कैरेबियन क्षेत्र के साथ व्यापार हर साल लगभग 40 से 45 अरब डॉलर के आसपास है। भारत कई तरह के सामान का बड़ा उत्पादक है, जो खासकर ऐसे बाजारों के लिए उपयुक्त हैं, जहां मध्यम वर्ग तेजी से बढ़ रहा है। क्षमता निर्माण के मामले में भी भारत ने कई मजबूत अनुभव और क्षमताएं विकसित की हैं, जिन्हें हम खुशी से साझा करना चाहते हैं। इसमें डिजिटल तकनीकों और क्षमताओं की पूरी श्रृंखला शामिल है। हम सब अब एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में प्रवेश कर रहे हैं। हाल ही में हुए एआई इम्पैक्ट समिट में आपकी सरकार ने मंत्री स्तर पर भाग लिया था। वहां चर्चा इस बात पर हुई कि हम अपने-अपने हालात के अनुसार एआई को कैसे अपनाएं और इस्तेमाल करें। इस विषय पर सूरीनाम के साथ बातचीत और सहयोग बढ़ाने में हमें बेहद खुशी होगी।
विदेश मंत्री ने कहा कि हम दोनों ऐसे देश हैं जिनका साझा इतिहास है और जो ग्लोबल साउथ के प्रति समान प्रतिबद्धता रखते हैं। इसलिए यह स्वाभाविक है कि हमारे रिश्ते में अच्छे अनुभवों के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण बढ़ाने और हमारे लोगों के बीच पारंपरिक रिश्तों को मजबूत करने को खास महत्व दिया जाए।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
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